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कलाकारों ने जीवंत की अंग्रेजों की क्रूरता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 May 2022 01:06 AM IST
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Artists brought alive the cruelty of the British, Kurukshetra
केयू में शहीद ऊधम सिंह नाटक का मंचन करते कलाकार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित पांच दिवसीय नाट्य उत्सव में पहले दिन अमर शहीद ऊधम सिंह की अमर गाथा को नाटक ‘शहीद उधम सिंह’ का मंचन कर याद किया गया। ऑडिटोरियम में आयोजित नाटक के माध्यम से उन मासूमों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई जो 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेज सरकार की नीतियों का विरोध करने घर से निकले पर कभी घर वापस न लौट पाए।
सुदेश शर्मा निर्देशित और सीएस शिंद्रा की ओर से लिखित इस नाटक में थिएटर फॉर थिएटर के कलाकारों ने शहीद ऊधम सिंह की जलियांवाला से लेकर लंदन के काकस्टन हॉल तक की यात्रा को बड़े ही सलीके के साथ पेश किया। नाट्य उत्सव का उद्घाटन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने किया।कुलपति ने कहा जो कौम अपने शहीदों को याद नहीं करती उसका भविष्य सुरक्षित नहीं होता। भारत के इतिहास में जलियांवाला बाग हत्याकांड एक ऐसा मंजर था जिसे कोई पत्थर दिल इंसान भी याद करके सहम जाता है।
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उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल, 1919 का दिन किसी भारतीय के लिए न भूलने वाला दिन है। इस दिन अंग्रेजी सेनाओं की एक टुकड़ी ने निहत्थे भारतीय प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर बड़ी संख्या में नरसंहार किया था। हजारों की संख्या में आम लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन में रौलेट एक्ट का विरोध करने के लिए इकट्ठे हुए थे, पर जनरल डायर की सनक का शिकार हो गए। यहीं से आजादी के जज्बे को एक नई हवा या कहें कि एक नई दिशा मिली थी और ऊधम सिंह ने राम मोहम्मद सिंह आजाद बनने का निर्णय भी लिया था।
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यदि किसी एक घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर सबसे अधिक प्रभाव डाला था तो वह घटना यह जघन्य हत्याकांड ही था। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 13 साल बाद नाट्य उत्सव का आगाज हुआ है। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नाट्य उत्सव की विवरणिका भी जारी की गई। इस मौके पर डॉ. ममता सचदेवा, प्रोक्टर डॉ. सुनील ढींगड़ा, डॉ. अनीता दुआ, डॉ. सुमन ढांडा, डॉ. परमेश, डॉ. गुरचरण, डॉ. राम विरंजन, डॉ. सतीश, डॉ. सुनील जागलान, डॉ. आबिद, रवि मोहन, डॉ. मधुदीप आदि उपस्थित रहीं।

 नाट्य उत्सव का शुभारंभ करते केयू वीसी प्रो. सोमनाथ सचदेवा।  संवाद

नाट्य उत्सव का शुभारंभ करते केयू वीसी प्रो. सोमनाथ सचदेवा। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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