{"_id":"5dd6ed7b8ebc3e54791d9044","slug":"arrest-kurukshetra-news-knl1251518","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा विरेंद्र हत्याकांड का एक और आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा विरेंद्र हत्याकांड का एक और आरोपी
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कुरुक्षेत्र। केयू की मार्केट में 17 अक्तूबर 2011 को छात्र नेता वीरेंद्र काकरौद की हत्या प्रकरण में शामिल जींद वासी रामपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रामपाल पिछले 9 साल से हुलिया बदल कर पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी कुरुक्षेत्र के रेलवे रोड से हुई है। जिला जींद के गांव कुचराना वासी रामपाल को जिला अपराध शाखा की टीम ने गिरफ्तार किया है। यह जानकारी पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल ने दी। उन्होंने बताया कि 17 अक्तूबर 2011 को शील कुमार पुत्र अभयराम वासी भद्दोवाला जिला जींद ने थाना केयूके में मामला दर्ज कराया था कि 17 अक्तूबर को अजय पुत्र राम किशनवासी खेड़ी सरका थाना कलायत कैथल, विजय पुत्र राम किशन वासीखेड़ी सरका जिला कैथल, विरेंद्र पुत्र प्रताप सिंह वासी मांडी, अशोक वासी मांडी, नरेश वासी रहेडा, रामपाल वासी कुचराना और राजा वासी बीबीपुर केयूके कैंपस मार्केट में 6-7 लड़के विरेंद्र सिंह व उसके दोस्त कुलदीप व प्रदीप पर फायर कर रहे थे। विरेंद्र सिंह को कई गोलियां लगने के कारण खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया था। इसके बाद वो लड़के हवाई फायर करते हुए हथियारों सहित एनआईटी की तरफ भाग गए। विरेंद्र सिंह की एलएनजेपी कुरुक्षेत्र में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
इस प्रकरण में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने विजय कुमार पुत्रराम किशन राजेश उर्फ राजा, नरेश कुमार, सुरेश उर्फ टंगु पुत्र साधु, बिक्कर सिंह उर्फ विक्की पुत्र बरखा सिंह, इंद्रजीत सिंह उर्फ इंद्र पुत्र बलराज सिंह, अजय पुत्र रामकिशन वासीखेड़ी सेरखा थाना राजौंद कैथल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इनके कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी, चार हथियार, 18 कारतूस, तीन मैगजीन 32बोर पिस्तौल बरामद की गई थी। इन्हें अदालत के आदेशानुसार जिला कारागार कुरुक्षेत्र भेज दिया था तथा रामपाल पुत्र महेंद्र सिंह वासी कुचराना जिला जींद और नरेश कुमार पुत्र सुल्तान सिंह वासी मुगलखान की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। नरेश कुमार को न्यायालय से 13 जून 2013 को पीओ घोषित किया गया नरेश कुमार पुत्र सुल्तान सिंह हिसार को मोस्टवाटेंड घोषित किया गया था। कुरुक्षेत्र की अपराध शाखा-2 की टीम को थाना शहर थानेसर एरिया मे गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि वर्ष 2011 में केयूके कैंपस में जो मर्डर हुआ था, उसका एक आरोपी अपना हुलिया बदल कर रह रहा है और इस समय वह होटल पर्ल मार्क रेलवे रोड कुरुक्षेत्र के नजदीक खड़ा है। इस सूचना के आधार पर अपराध शाखा-2 की टीम ने एक व्यक्ति को काबू किया था। पूछताछ में उसने अपना नाम रामपाल पुत्र महिंद्र सिंह वासी कुचराना जिला जींद बताया। पुलिस पूछताछ के दौरान यह बताया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर 2011 में केयूके कैंपस की मार्केट में विरेंद्र काकरौद की हत्या की थी।
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इस प्रकरण में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज करके जांच आरंभ कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने विजय कुमार पुत्रराम किशन राजेश उर्फ राजा, नरेश कुमार, सुरेश उर्फ टंगु पुत्र साधु, बिक्कर सिंह उर्फ विक्की पुत्र बरखा सिंह, इंद्रजीत सिंह उर्फ इंद्र पुत्र बलराज सिंह, अजय पुत्र रामकिशन वासीखेड़ी सेरखा थाना राजौंद कैथल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इनके कब्जे से वारदात में प्रयोग की गई बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी, चार हथियार, 18 कारतूस, तीन मैगजीन 32बोर पिस्तौल बरामद की गई थी। इन्हें अदालत के आदेशानुसार जिला कारागार कुरुक्षेत्र भेज दिया था तथा रामपाल पुत्र महेंद्र सिंह वासी कुचराना जिला जींद और नरेश कुमार पुत्र सुल्तान सिंह वासी मुगलखान की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। नरेश कुमार को न्यायालय से 13 जून 2013 को पीओ घोषित किया गया नरेश कुमार पुत्र सुल्तान सिंह हिसार को मोस्टवाटेंड घोषित किया गया था। कुरुक्षेत्र की अपराध शाखा-2 की टीम को थाना शहर थानेसर एरिया मे गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि वर्ष 2011 में केयूके कैंपस में जो मर्डर हुआ था, उसका एक आरोपी अपना हुलिया बदल कर रह रहा है और इस समय वह होटल पर्ल मार्क रेलवे रोड कुरुक्षेत्र के नजदीक खड़ा है। इस सूचना के आधार पर अपराध शाखा-2 की टीम ने एक व्यक्ति को काबू किया था। पूछताछ में उसने अपना नाम रामपाल पुत्र महिंद्र सिंह वासी कुचराना जिला जींद बताया। पुलिस पूछताछ के दौरान यह बताया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर 2011 में केयूके कैंपस की मार्केट में विरेंद्र काकरौद की हत्या की थी।
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