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Kurukshetra News: राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान की ओर से वार्षिक पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित
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कुरुक्षेत्र। उत्तर प्रदेश शासन की योजना के अन्तर्गत राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यकर्मियों को देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली प्रदेश की भाषाओं व बोलियों में मौलिक एवं दीर्घकालीन साहित्यिक सेवा के लिए पुरस्कार हेतु 20 जनवरी तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भाषाओं, बोलियों, उर्दू भाषा (फारसी लिपि में) के साहित्य की समृद्धि, प्रचार एवं राज्य कर्मियों में साहित्यिक अभिरुचि उत्पन्न करना है। इन सभी पुरस्कारों की धनराशि, रुपये एक-एक लाख होगी। हिन्दी व उर्दू, गद्य/पद्य में सृजनात्मक साहित्य के अतिरिक्त यात्रा वृत्तांत, आत्मकथा, जीवनी, संस्कृति, संस्मरण, विज्ञान, पर्यावरण, अद्यावधिक विषय, आलोचनात्मक साहित्य, भूगोल, इतिहास, दर्शन, पौराणिक, शिक्षा एवं वित्त से सम्बन्धित पुस्तकें या अन्य भाषा में लिखी गई उपयोगी पुस्तकों का हिन्दी, उर्दू में किये गये अनुवाद की पुस्तकें भी पुरस्कार हेतु विचारणीय होंगी।
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उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश की देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भाषाओं, बोलियों, उर्दू भाषा (फारसी लिपि में) के साहित्य की समृद्धि, प्रचार एवं राज्य कर्मियों में साहित्यिक अभिरुचि उत्पन्न करना है। इन सभी पुरस्कारों की धनराशि, रुपये एक-एक लाख होगी। हिन्दी व उर्दू, गद्य/पद्य में सृजनात्मक साहित्य के अतिरिक्त यात्रा वृत्तांत, आत्मकथा, जीवनी, संस्कृति, संस्मरण, विज्ञान, पर्यावरण, अद्यावधिक विषय, आलोचनात्मक साहित्य, भूगोल, इतिहास, दर्शन, पौराणिक, शिक्षा एवं वित्त से सम्बन्धित पुस्तकें या अन्य भाषा में लिखी गई उपयोगी पुस्तकों का हिन्दी, उर्दू में किये गये अनुवाद की पुस्तकें भी पुरस्कार हेतु विचारणीय होंगी।
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