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Kurukshetra News: सेंटर खोलने के लिए अनिल ने कई लोगों ने लिया था कर्जा, लौटाना हो रहा था मुश्किल
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कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर गांव के नजदीक नरवाना ब्रांच नहर के किनारे अपना सामान व सुसाइड नोट छोड़कर नहर में कूदे आयुर्वेदिक थैरेपिस्ट का कोई सुराग नहीं लग पाया है। राहगीरों ने उसे नहर में छलांग लगाते हुए देखा था, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस को नहर के किनारे से उसका मोबाइल, कपड़े व सुसाइड नोट बरामद हुआ था। पुलिस ने नहर के साइफन पर पहरा लगवाया है, ताकि अगर नहर में शव बहता हुआ मिले तो उसकी जानकारी मिल सके। अनिल ने कई लोगों से कर्जा लिया हुआ था, जिसे लौटना मुश्किल हो रहा था।
धर्मबीर निवासी घरौंडा जिला करनाल ने पुलिस को बताया था कि दिल्ली के नजफगढ़ चंचल पार्क निवासी अनिल कुमार 39 पिछले दो दिन से पिपली में ठहरा हुआ था। रविवार शाम को उसे चंडीगढ़ चलने के लिए कहा तो अनिल ने उसे कहा कि उसका दोस्त दिल्ली से आ रहा था और उसे लेकर वह चंडीगढ़ आएगा। अनिल को पिपली के यूथ हाॅस्टल में छोड़कर वह अकेला ही चंडीगढ़ चला था। शाम करीब छह बजे उसे अनिल की काॅल आई और कहा कि अंतिम बार राम-राम भाई और कहा कि व्हाट्सएप पर कुछ भेजा है उसे देख लेना। अनिल ने नहर में सुसाइड करने के बारे लिखा था। यह देख कर उसने वापस कुरुक्षेत्र के लिए गाड़ी मोड़ ली। इसके बाद अनिल का फोन बंद हो गया। कुछ देर बाद पुलिस का उसके पास फोन आया कि एक युवक ने ज्योतिसर स्थित नरवाना ब्रांच नहर में छलांग लगाई है।
अजित के साथ मिल कर चंडीगढ़ में खोला था आयुर्वेदिक थैरेपी सेंटर
अजीत सिंह निवासी घरौंडा ने बताया कि अनिल ने आयुर्वेदिक थैरेपी का कोर्स किया हुआ था। उसने अनिल के साथ मिलकर चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में आयुर्वेदिक थैरेपी सेंटर खोला था। इस पर करीब 70 लाख रुपये खर्च आया, मगर एससीओ में बिजली व पानी नहीं आ रहा था। इस बारे में उन्होंने एससीओ मालिक को शिकायत की थी। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं हुई। वहीं अब एससीओ मालिक उन्हें एससीओ खाली करने के लिए कह रहा था।
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देना था काफी कर्जा
अनिल ने सेंटर खोलने के लिए कई लोगों से कर्जा लिया हुआ था, मगर सेंटर न चलने से वह काफी परेशान था। इस बार का जिक्र उसने अपने सुसाइट नोट में भी किया हुआ है। इसी से परेशान होकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला लिया था।
नहर पर लगाया है पहरा
ज्योतिसर पुलिस चौकी प्रभारी प्रिंस कुमार ने बताया कि पुलिस ने अजीत की शिकायत पर अनिल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है। नहर से पुलिस को सुसाइड नोट, पकड़े व मोबाइल मिला है। नहर पर पहरा लगाया हुआ है। हालांकि नहर में मगरमच्छ होने की सूचना के कारण नहर में तलाश नहीं की जा सकी, लेकिन नहर के आसपास अभियान चलाया जा रहा है।
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धर्मबीर निवासी घरौंडा जिला करनाल ने पुलिस को बताया था कि दिल्ली के नजफगढ़ चंचल पार्क निवासी अनिल कुमार 39 पिछले दो दिन से पिपली में ठहरा हुआ था। रविवार शाम को उसे चंडीगढ़ चलने के लिए कहा तो अनिल ने उसे कहा कि उसका दोस्त दिल्ली से आ रहा था और उसे लेकर वह चंडीगढ़ आएगा। अनिल को पिपली के यूथ हाॅस्टल में छोड़कर वह अकेला ही चंडीगढ़ चला था। शाम करीब छह बजे उसे अनिल की काॅल आई और कहा कि अंतिम बार राम-राम भाई और कहा कि व्हाट्सएप पर कुछ भेजा है उसे देख लेना। अनिल ने नहर में सुसाइड करने के बारे लिखा था। यह देख कर उसने वापस कुरुक्षेत्र के लिए गाड़ी मोड़ ली। इसके बाद अनिल का फोन बंद हो गया। कुछ देर बाद पुलिस का उसके पास फोन आया कि एक युवक ने ज्योतिसर स्थित नरवाना ब्रांच नहर में छलांग लगाई है।
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अजित के साथ मिल कर चंडीगढ़ में खोला था आयुर्वेदिक थैरेपी सेंटर
अजीत सिंह निवासी घरौंडा ने बताया कि अनिल ने आयुर्वेदिक थैरेपी का कोर्स किया हुआ था। उसने अनिल के साथ मिलकर चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में आयुर्वेदिक थैरेपी सेंटर खोला था। इस पर करीब 70 लाख रुपये खर्च आया, मगर एससीओ में बिजली व पानी नहीं आ रहा था। इस बारे में उन्होंने एससीओ मालिक को शिकायत की थी। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं हुई। वहीं अब एससीओ मालिक उन्हें एससीओ खाली करने के लिए कह रहा था।
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देना था काफी कर्जा
अनिल ने सेंटर खोलने के लिए कई लोगों से कर्जा लिया हुआ था, मगर सेंटर न चलने से वह काफी परेशान था। इस बार का जिक्र उसने अपने सुसाइट नोट में भी किया हुआ है। इसी से परेशान होकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला लिया था।
नहर पर लगाया है पहरा
ज्योतिसर पुलिस चौकी प्रभारी प्रिंस कुमार ने बताया कि पुलिस ने अजीत की शिकायत पर अनिल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है। नहर से पुलिस को सुसाइड नोट, पकड़े व मोबाइल मिला है। नहर पर पहरा लगाया हुआ है। हालांकि नहर में मगरमच्छ होने की सूचना के कारण नहर में तलाश नहीं की जा सकी, लेकिन नहर के आसपास अभियान चलाया जा रहा है।