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Kurukshetra News: दिन भर बना रहा तनाव का माहौल
Thu, 22 Feb 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 22 Feb 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। किसानों के दिल्ली कूच के एलान और शंभू बार्डर पर हुई हलचल के बाद जिला भर में भी प्रशासन की ओर से बनाए गए मोर्चों पर तनाव बना रहा। पुलिस से लेकर अर्धसैनिक बलों के जवान सतर्क रहे तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाती रही। दिन भर अधिकारी हालात का जायजा लेते रहे तो जवानों को दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीमें बुधवार अल सुबह चार बजे ही शाहाबाद में नेशनल हाईवे पर लगाए गए मोर्चे पर तैनात हो गई तो वहीं डीएसपी रणधीर सिंह ने भी मोर्चा संभाला। दिन भर अधिकारियों का जायजा जारी रहा तो सायं के समय करीब साढ़े पांच बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी दिनेश कुमार व दूसरे अधिकारी महेंद्र कुमार ने यहां दौरा किया और सीआरपीएफ के सभी जवानों के साथ ड्रिल करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
वहीं किसानों की दिल्ली कूच की काल के साथ ही प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर सख्ती बड़ा दी है और आमजन की एंट्री वहां से बंद कर दी गई है। अधिकारियों से लेकर जवानों को भी कुछ राहत उस समय मिली जब सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत न्योते का पता चला।
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शाहाबाद में नेशनल हाईवे 44 के दोनों साइडों पर बेरिकेड की चार-चार लेयर बनाने के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती थी। करीब 500 जवान शाहाबाद में तैनात किए गए हैं। क्यों सात-सात फीट ऊंची दीवार के आर-पार देखने के लिए 12 फीट तक ऊंचे पुलिस बूथ भी बनाए गए हैं।
डीएसपी रणधीर सिंह का कहना है कि जब बार-बार पुलिस के आलाधिकारी भी नेशनल हाईवे पर अमृतसर-दिल्ली व दिल्ली-अमृतसर पर शाहाबाद और अंबाला के बीच सफर न करने की अपील कर रहे हैं तो ऐसे में वाहन चालकों को संज्ञान लेना चाहिए।
कुम्हार माजरा बॉर्डर रहा सील, सुरक्षा बल रहे मुस्तैद
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। पंजाब सीमा से सटे गांव कुम्हार माजरा में बार्डर दसवें दिन भी पूरी तरह से सील रहा। हालांकि कि इस रूट से किसानों का कोई भी जत्था ट्रैक्टर ट्राली लेकर नहीं आया, जिसके चलते इस नाके पर किसी प्रकार की कोई हलचल दिखाई नहीं दी। ज्यादातर किसान साथ लगते टयूकर बॉर्डर पर अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंच रहे हैं।
किसान आंदोलन के चलते 10 फरवरी देर शाम से ही पुलिस ने पंजाब से प्रदेश में दाखिल होने वाले सभी रास्तों को कंकरीट के बैरिकेड से बंद कर पक्के नाके लगा दिए थे। बार्डर पर सुरक्षा के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बल भारी संख्या में तैनात है। वहीं क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं भी करीब पिछले दस दिनों से बंद है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को भी इंटरनेट सेवा बंद होने से भारी नुकसान हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग रखी है कि रास्ते बंद करना व इंटरनेट सेवा बंद करना किसी समस्या का हल नहीं है। इससे केवल आम जनता की समस्याएं बढ़ती है और आम आदमी का जीवन में मुश्किलें बढ़ रही है।
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। किसानों के दिल्ली कूच के एलान और शंभू बार्डर पर हुई हलचल के बाद जिला भर में भी प्रशासन की ओर से बनाए गए मोर्चों पर तनाव बना रहा। पुलिस से लेकर अर्धसैनिक बलों के जवान सतर्क रहे तो वहीं सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाती रही। दिन भर अधिकारी हालात का जायजा लेते रहे तो जवानों को दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीमें बुधवार अल सुबह चार बजे ही शाहाबाद में नेशनल हाईवे पर लगाए गए मोर्चे पर तैनात हो गई तो वहीं डीएसपी रणधीर सिंह ने भी मोर्चा संभाला। दिन भर अधिकारियों का जायजा जारी रहा तो सायं के समय करीब साढ़े पांच बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के आईजी दिनेश कुमार व दूसरे अधिकारी महेंद्र कुमार ने यहां दौरा किया और सीआरपीएफ के सभी जवानों के साथ ड्रिल करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
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वहीं किसानों की दिल्ली कूच की काल के साथ ही प्रशासन ने नेशनल हाईवे पर सख्ती बड़ा दी है और आमजन की एंट्री वहां से बंद कर दी गई है। अधिकारियों से लेकर जवानों को भी कुछ राहत उस समय मिली जब सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत न्योते का पता चला।
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शाहाबाद में नेशनल हाईवे 44 के दोनों साइडों पर बेरिकेड की चार-चार लेयर बनाने के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती थी। करीब 500 जवान शाहाबाद में तैनात किए गए हैं। क्यों सात-सात फीट ऊंची दीवार के आर-पार देखने के लिए 12 फीट तक ऊंचे पुलिस बूथ भी बनाए गए हैं।
डीएसपी रणधीर सिंह का कहना है कि जब बार-बार पुलिस के आलाधिकारी भी नेशनल हाईवे पर अमृतसर-दिल्ली व दिल्ली-अमृतसर पर शाहाबाद और अंबाला के बीच सफर न करने की अपील कर रहे हैं तो ऐसे में वाहन चालकों को संज्ञान लेना चाहिए।
कुम्हार माजरा बॉर्डर रहा सील, सुरक्षा बल रहे मुस्तैद
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। पंजाब सीमा से सटे गांव कुम्हार माजरा में बार्डर दसवें दिन भी पूरी तरह से सील रहा। हालांकि कि इस रूट से किसानों का कोई भी जत्था ट्रैक्टर ट्राली लेकर नहीं आया, जिसके चलते इस नाके पर किसी प्रकार की कोई हलचल दिखाई नहीं दी। ज्यादातर किसान साथ लगते टयूकर बॉर्डर पर अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर पहुंच रहे हैं।
किसान आंदोलन के चलते 10 फरवरी देर शाम से ही पुलिस ने पंजाब से प्रदेश में दाखिल होने वाले सभी रास्तों को कंकरीट के बैरिकेड से बंद कर पक्के नाके लगा दिए थे। बार्डर पर सुरक्षा के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बल भारी संख्या में तैनात है। वहीं क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं भी करीब पिछले दस दिनों से बंद है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों को भी इंटरनेट सेवा बंद होने से भारी नुकसान हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग रखी है कि रास्ते बंद करना व इंटरनेट सेवा बंद करना किसी समस्या का हल नहीं है। इससे केवल आम जनता की समस्याएं बढ़ती है और आम आदमी का जीवन में मुश्किलें बढ़ रही है।