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किसानों की सभी मांगें जायज, सरकार बातचीत के लिए बुलाए : चढूनी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:43 AM IST
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All demands of farmers are legitimate, government should call for talks: Chadhuni
कुरुक्षेत्र। किसान आंदोलन शांतिपूर्वक तरीके से चल रहा है। किसानों की सभी मांगें बिल्कुल जायज है। भाकियू चढूनी नैतिक रूप से आंदोलन का समर्थन करता है। यह बात भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने रविवार को खनौरी बॉर्डर पर कही साथ ही उन्होंने सभी किसान दलों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। इससे पहले सुबह उनकी अगुवाई में रविवार को किसानों का जत्था शाहाबाद से खनौरी बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। यहां पहुंचकर गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस, कार्यकारी प्रधान कर्म सिंह मथाना, पंजाब के युवा प्रधान इंद्रपाल, जिला यमुनानगर प्रधान संजू गुदियाना, अंबाला के मलकीत सिंह, पंचकूला प्रधान नरेंद्र सिंह, कुरुक्षेत्र प्रधान कृष्ण कलाल माजरा समेत अन्य किसानों ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
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बातचीत में गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि किसान शांतिपूर्वक अपनी बात सरकार के समक्ष रख रहे हैं, मगर सरकार उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। अपनी बात मनवाने के लिए किसान दूसरा तरीका अपनाएं तो उनको उग्रवादी करार दिया जाता है। किसान सरकार के पास नहीं जाएगा तो अदालत का दरवाजा खटखटाएगा, क्योंकि सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक रवैया नहीं अपना रही है। अब बात रही अदालत की तो वर्ष 2014 में उन्होंने एमएसपी की मांग को लेकर हाईकोर्ट में केस दायर किया था।
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उन्होंने बताया कि 10 साल के करीब समय बीत चुका है, जिसमें 150 से ज्यादा तारीख लग चुकी है, मगर अब तक कोई फैसला नहीं आया है। सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। सरकार को चाहिए कि किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित करे और उनकी समस्या का समाधान करे।
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सभी को एक साथ लाने का प्रयास
चढूनी ने बताया कि आंदोलन की सफलता के लिए सभी किसान दलों को साथ आना होगा। इसके लिए वह प्रयास भी कर रहे हैं। सभी दल एक साथ होकर अपनी मांग रखेंगे तो सरकार को झुकना पड़ेगा। पिछली बार सभी दल एकसाथ होकर लड़े थे, तब भी सरकार साढ़े 12 महीने के बाद उनकी मांगें मानने को राजी हुई थी। इस बार वह मध्यस्थता करके सभी दलों को एकत्रित करने का प्रयास करेंगे।
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