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कैंपस खुला तो लौट आई रौनक
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पहली फरवरी से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कैंपस खुलने के बाद अब परिसर में रौनक लौट आई है। ऑफलाइन पढ़ाई के लिए विद्यार्थी लगातार घरों से वापस विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। इस दौरान जहां विद्यार्थी उत्साहित नजर आ रहे हैं, वहीं विवि प्रशासन की ओर से छात्र-छात्राओं को कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी जा रही है।
विदित हो कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए तीन जनवरी से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया था। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे थे, लेकिन अब कैंपस खुलने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों की कतारें लगी हुईं हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं छात्रावासों में पहुंच रहे हैं। कैंपस खुलने के बाद अब विश्वविद्यालय के सभी विभागों एवं संस्थानों में पढ़ाई भी सुचारु रूप से चल रही है। इस दौरान दोस्तों से मिलकर विद्यार्थियों में नया उत्साह है।
सहपाठियों से हो रही जान पहचान : हर्षवर्धन
बीए प्रथम वर्ष के छात्र हर्षवर्धन का कहना है कि केयू कैंपस खुलते ही अब कक्षाओं में बैठकर पढ़ने का मौका मिला है। इस दौरान साथ में पढ़ने वाले सहपाठियों से भी जान पहचान हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान वे अपने साथ पढ़ने वाले सहपाठियों को भी ठीक से नहीं जानते थे।
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कक्षा में बैठकर पढ़ने का मिला सौभाग्य : सलमान
छात्र सलमान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से अब ऐसा लगने लगा है कि कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना सामान्य बात नहीं है। काफी विद्यार्थियों ने बिना कक्षा लगाए ही डिग्री हासिल की। ऐसे में वे अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं कि कक्षा में बैठकर पढ़ने का मौका मिला।
कैंपस में पढ़ाई करने का था सपना : अनस्प्रित
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अनस्प्रित का कहना है कि उनका शुरू से ही सपना था कि वह कैंपस में रहकर पढ़ाई करें, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से यह थोड़ा मुश्किल लगने लगा था। अब कैंपस खुल गया है और नियमित कक्षाएं भी लग रही हैं। कह सकते हैं कि उनका सपना पूरा हो रहा है।
बोर्ड पर लिखा जल्दी आता है समझ : मालविका
छात्रा मालविका ने बताया कि बोर्ड पर लिखा जल्दी समझ आता है। जब पूरी कक्षा साथ में बैठकर पढ़ाई करती है व किसी भी विषय पर मंथन करती है तो अपने आप एकाग्रता बन जाती है। यह सब ऑनलाइन कक्षाओं में नहीं हो पाता। दरअसल बोर्ड पर लिखा जल्दी समझ आ जाता है।
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विदित हो कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खतरे को भांपते हुए तीन जनवरी से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय बंद कर दिया गया था। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे थे, लेकिन अब कैंपस खुलने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचने वाले विद्यार्थियों की कतारें लगी हुईं हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं छात्रावासों में पहुंच रहे हैं। कैंपस खुलने के बाद अब विश्वविद्यालय के सभी विभागों एवं संस्थानों में पढ़ाई भी सुचारु रूप से चल रही है। इस दौरान दोस्तों से मिलकर विद्यार्थियों में नया उत्साह है।
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सहपाठियों से हो रही जान पहचान : हर्षवर्धन
बीए प्रथम वर्ष के छात्र हर्षवर्धन का कहना है कि केयू कैंपस खुलते ही अब कक्षाओं में बैठकर पढ़ने का मौका मिला है। इस दौरान साथ में पढ़ने वाले सहपाठियों से भी जान पहचान हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान वे अपने साथ पढ़ने वाले सहपाठियों को भी ठीक से नहीं जानते थे।
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कक्षा में बैठकर पढ़ने का मिला सौभाग्य : सलमान
छात्र सलमान ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से अब ऐसा लगने लगा है कि कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना सामान्य बात नहीं है। काफी विद्यार्थियों ने बिना कक्षा लगाए ही डिग्री हासिल की। ऐसे में वे अपने आप को भाग्यशाली समझते हैं कि कक्षा में बैठकर पढ़ने का मौका मिला।
कैंपस में पढ़ाई करने का था सपना : अनस्प्रित
बीए प्रथम वर्ष की छात्रा अनस्प्रित का कहना है कि उनका शुरू से ही सपना था कि वह कैंपस में रहकर पढ़ाई करें, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से यह थोड़ा मुश्किल लगने लगा था। अब कैंपस खुल गया है और नियमित कक्षाएं भी लग रही हैं। कह सकते हैं कि उनका सपना पूरा हो रहा है।
बोर्ड पर लिखा जल्दी आता है समझ : मालविका
छात्रा मालविका ने बताया कि बोर्ड पर लिखा जल्दी समझ आता है। जब पूरी कक्षा साथ में बैठकर पढ़ाई करती है व किसी भी विषय पर मंथन करती है तो अपने आप एकाग्रता बन जाती है। यह सब ऑनलाइन कक्षाओं में नहीं हो पाता। दरअसल बोर्ड पर लिखा जल्दी समझ आ जाता है।