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यूरिया की कालाबाजारी का आरोप
अमर उजाला/ब्यूरो, पानीपत
Updated Mon, 21 Jul 2014 12:21 AM IST
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बाबैन के बाजार व सोसाइटियों में यूरिया व डीएपी खाद न मिलने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र के किसान तरसेम राय, कुलदीप सिंंह, जगीर सिंह, रामकुमार का आरोप है कि काफी दिनों के बाद वर्षा होने से अब किसानों को धान व गन्ने की फसल के लिए यूरिया व डीएपी खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन खाद की कालाबाजारी के चक्कर में खाद बाजार से ही गायब हो गया है।
उनका कहना है कि यदि समय पर किसानों को खाद नहीं मिला तो इससे धान व गन्ने की फसल प्रभावित हो सकती है। शमसेर सिंह मलिक बाबैन में बैठक के दौरान बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर अनेक पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
दौरान इनेलो नेता ने कहा कि किसानों का कहना है कि गांवों में स्थित सहकारी समितियों से भी किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसानों का आरोप है कि खाद के व्यापारी यूरिया व डीएपी खाद प्लाई की फैक्ट्रियों में ब्लैक में बेच कर किसानों की फसलों को खराब कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कमाल तो इस बात की है कि धान एवं गन्ने की सबसे अधिक पैदावार करने वाले जिले के किसान खाद के लिए परेशान हैं। किसानों ने प्रशासन से बाजार व सहकारी समितियों में तुरंत यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं करवाया गया तो किसानों को मजबूरन जिला मुख्यालय पर धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।
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क्षेत्र के किसान तरसेम राय, कुलदीप सिंंह, जगीर सिंह, रामकुमार का आरोप है कि काफी दिनों के बाद वर्षा होने से अब किसानों को धान व गन्ने की फसल के लिए यूरिया व डीएपी खाद की सख्त जरूरत है, लेकिन खाद की कालाबाजारी के चक्कर में खाद बाजार से ही गायब हो गया है।
उनका कहना है कि यदि समय पर किसानों को खाद नहीं मिला तो इससे धान व गन्ने की फसल प्रभावित हो सकती है। शमसेर सिंह मलिक बाबैन में बैठक के दौरान बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर अनेक पार्टी कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
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दौरान इनेलो नेता ने कहा कि किसानों का कहना है कि गांवों में स्थित सहकारी समितियों से भी किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसानों का आरोप है कि खाद के व्यापारी यूरिया व डीएपी खाद प्लाई की फैक्ट्रियों में ब्लैक में बेच कर किसानों की फसलों को खराब कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि कमाल तो इस बात की है कि धान एवं गन्ने की सबसे अधिक पैदावार करने वाले जिले के किसान खाद के लिए परेशान हैं। किसानों ने प्रशासन से बाजार व सहकारी समितियों में तुरंत यूरिया व डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की मांग की है।
किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं करवाया गया तो किसानों को मजबूरन जिला मुख्यालय पर धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।