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Kurukshetra News: गुरु रविदास जयंती पर विवि में विचार गोष्ठी, सांविधानिक मूल्यों पर हुआ गहन मंथन
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कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान सदस्य। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट्स फ्रंट ऑफ इंडिया (दासफी) की ओर से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के रोज गार्डन में महान संत और समाज सुधारक गुरु रविदास के 649वें जन्मोत्सव के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम का विषय ''सांविधानिक मूल्य और गुरु रविदास की वाणी'' रहा। इसका मुख्य उद्देश्य गुरु रविदास की वाणी में निहित समानता, सामाजिक न्याय, बंधुत्व, समरसता और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों को समाज और विद्यार्थियों के बीच स्थापित करना रहा, जो भारतीय संविधान के मूल आदर्शों से गहराई से जुड़े हैं।
समाजसेवी अमर दरोच मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ताओं में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आरआर फुलिया, प्रो. सुभाष सैनी, संजय बौद्ध, लाइब्रेरियन चेतन शर्मा, धर्मवीर, प्रो. श्वेता कश्यप, प्रो. सुभाष सिंहमार और प्रो. रविंद्र ढांडा सहित अनेक शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल रहे। वक्ताओं ने गुरु रविदास की वाणी को भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों से जोड़ते हुए सामाजिक न्याय, समानता, समरसता और मानवता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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एडवोकेट अमनदीप ने गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान समाज सेवा में सक्रिय गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। दासफी की ओर से अतिथियों को राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुस्तक ''छिपाए रैदास बाहर आए'' स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत गुरु रविदास, उनके सहयोगी संतों और अन्य महापुरुषों के जीवन व संघर्षों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इसे विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह ने विशेष रुचि के साथ देखा। खीर का प्रसाद भी वितरित किया गया। दासफी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इकाई की पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही। इस मौके पर अध्यक्ष सिमरन मुंडे, चीफ एडवाइजर बलकार बौद्ध, उपाध्यक्ष अभिषेक कुंडू, महासचिव गौरव मेहरा, ललित चौपड़ा, कोषाध्यक्ष साहिल कैथल और सचिव गुरमीत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का विषय ''सांविधानिक मूल्य और गुरु रविदास की वाणी'' रहा। इसका मुख्य उद्देश्य गुरु रविदास की वाणी में निहित समानता, सामाजिक न्याय, बंधुत्व, समरसता और मानवीय गरिमा जैसे मूल्यों को समाज और विद्यार्थियों के बीच स्थापित करना रहा, जो भारतीय संविधान के मूल आदर्शों से गहराई से जुड़े हैं।
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समाजसेवी अमर दरोच मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ताओं में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आरआर फुलिया, प्रो. सुभाष सैनी, संजय बौद्ध, लाइब्रेरियन चेतन शर्मा, धर्मवीर, प्रो. श्वेता कश्यप, प्रो. सुभाष सिंहमार और प्रो. रविंद्र ढांडा सहित अनेक शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी शामिल रहे। वक्ताओं ने गुरु रविदास की वाणी को भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों से जोड़ते हुए सामाजिक न्याय, समानता, समरसता और मानवता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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एडवोकेट अमनदीप ने गीत की प्रस्तुति दी। इस दौरान समाज सेवा में सक्रिय गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। दासफी की ओर से अतिथियों को राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुस्तक ''छिपाए रैदास बाहर आए'' स्मृति चिह्न के रूप में भेंट की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत गुरु रविदास, उनके सहयोगी संतों और अन्य महापुरुषों के जीवन व संघर्षों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। इसे विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमूह ने विशेष रुचि के साथ देखा। खीर का प्रसाद भी वितरित किया गया। दासफी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इकाई की पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही। इस मौके पर अध्यक्ष सिमरन मुंडे, चीफ एडवाइजर बलकार बौद्ध, उपाध्यक्ष अभिषेक कुंडू, महासचिव गौरव मेहरा, ललित चौपड़ा, कोषाध्यक्ष साहिल कैथल और सचिव गुरमीत सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।