{"_id":"6a36ffa491dcf0ad7e0d703b","slug":"a-mig-21-fighter-jet-from-the-1971-war-will-be-installed-at-the-main-gate-of-nit-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-156628-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: एनआईटी के मुख्य द्वार पर स्थापित होगा 1971 के युद्ध का मिग-21 लड़ाकू विमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: एनआईटी के मुख्य द्वार पर स्थापित होगा 1971 के युद्ध का मिग-21 लड़ाकू विमान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र परिसर में जल्द ही भारतीय वायुसेना का ऐतिहासिक लड़ाकू विमान मिग-21 स्थापित किया जाएगा। विमान के हिस्से विशेष ट्रकों के माध्यम से पठानकोट एयरबेस से एनआईटी परिसर पहुंच चुके हैं। जो संस्थान के मुख्य द्वार पर रखे गए हैं। इस जेट को स्थापित करने की तैयारी चल रही है। मिग-21 की स्थापना के बाद यह विद्यार्थियों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मिग-21 भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित और लंबे समय तक सेवा देने वाले लड़ाकू विमानों में शामिल रहा है। सोवियत संघ में निर्मित इस सुपरसोनिक विमान ने भारतीय वायुसेना में छह दशक से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के अलावा कारगिल संघर्ष जैसे युद्धों में इसकी भूमिका रही। पिछले वर्ष भारतीय वायुसेना ने इस विमान को औपचारिक रूप से सेवा से विदाई दी थी।
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. दिलबाग का कहना है कि मिग-21 को परिसर में स्थापित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है, इसके माध्यम से युवा पीढ़ी देश की रक्षा में वायुसेना के योगदान और सैन्य इतिहास को करीब से जान सकेगी।
विज्ञापन
संस्थान में पहले से स्थापित है सेना का टैंक
एनआईटी परिसर में पहले से भारतीय सेना का टी-55 टैंक भी स्थापित है। यह टैंक भी 1971 के युद्ध में उपयोग में लिया गया था और लंबे समय से परिसर में सैन्य गौरव का प्रतीक बना हुआ है, वहीं यह फाइटर जेट भी इसी युद्ध में उपयोग हुआ था।
नींव बनाने के मिले है निर्देश, उद्घाटन की तारीख तय नहीं
एनआईटी प्रवक्ता डॉ. दिलबाग का कहना है कि अभी इसे स्थापित करने के लिए नींव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कब स्थापित होगा इसकी औपचारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई हैं। फिलहाल इसे स्थापित कर इस पर पेंट किया जाएगा उसके बाद ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।
विज्ञापन
मिग-21 भारतीय वायुसेना के सबसे चर्चित और लंबे समय तक सेवा देने वाले लड़ाकू विमानों में शामिल रहा है। सोवियत संघ में निर्मित इस सुपरसोनिक विमान ने भारतीय वायुसेना में छह दशक से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के अलावा कारगिल संघर्ष जैसे युद्धों में इसकी भूमिका रही। पिछले वर्ष भारतीय वायुसेना ने इस विमान को औपचारिक रूप से सेवा से विदाई दी थी।
विज्ञापन
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. दिलबाग का कहना है कि मिग-21 को परिसर में स्थापित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है, इसके माध्यम से युवा पीढ़ी देश की रक्षा में वायुसेना के योगदान और सैन्य इतिहास को करीब से जान सकेगी।
विज्ञापन
संस्थान में पहले से स्थापित है सेना का टैंक
एनआईटी परिसर में पहले से भारतीय सेना का टी-55 टैंक भी स्थापित है। यह टैंक भी 1971 के युद्ध में उपयोग में लिया गया था और लंबे समय से परिसर में सैन्य गौरव का प्रतीक बना हुआ है, वहीं यह फाइटर जेट भी इसी युद्ध में उपयोग हुआ था।
नींव बनाने के मिले है निर्देश, उद्घाटन की तारीख तय नहीं
एनआईटी प्रवक्ता डॉ. दिलबाग का कहना है कि अभी इसे स्थापित करने के लिए नींव बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह कब स्थापित होगा इसकी औपचारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई हैं। फिलहाल इसे स्थापित कर इस पर पेंट किया जाएगा उसके बाद ही इसका उद्घाटन किया जाएगा।