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Kurukshetra News: मथाना में 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला बना आकर्षण का केंद्र
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कुरुक्षेत्र। गांव मथाना के रामलीला मैदान में रातभर परिश्रम करके खड़ा किया गया रावण का पुतला। सं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गांव मथाना में दशहरा पर्व को लेकर दिनभर तैयारियां चलती रहीं। शिव ड्रामाटिक क्लब की ओर से रामलीला मैदान में 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला लाया गया, जो ग्रामीणों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विशालकाय पुतले को देखने के लिए खासकर बच्चों और युवाओं में उत्सुकता दिखाई दी।
पुतले को मैदान में खड़ा करने और आयोजन की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में क्लब के पदाधिकारी, सेवक और कलाकार जुटे रहे। चेयरमैन ईश्वर सिंह ने बताया कि रावण का पुतला तैयार करवाने के लिए करीब एक सप्ताह पहले करनाल में ऑर्डर दिया गया था। कारीगरों ने पुतला तैयार करने के बाद उसके अलग-अलग हिस्सों को ट्राली में रखकर मथाना पहुंचाया। पुतले की ऊंचाई और बनावट के कारण उसे मैदान में खड़ा करने के लिए सेवकों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि रावण दहन को रोमांचक बनाने के लिए पुतले में विभिन्न प्रकार के पटाखों का इस्तेमाल किया गया है। तैयारियां मार्गदर्शक हरिराम और वरिष्ठ सदस्य सुभाष चंद की देखरेख में की गईं। कमेटी के प्रधान डॉ. ईश्वर कन्यान भी कलाकारों के साथ लोहे के पाइप गाड़ने और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
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कुरुक्षेत्र। गांव मथाना में दशहरा पर्व को लेकर दिनभर तैयारियां चलती रहीं। शिव ड्रामाटिक क्लब की ओर से रामलीला मैदान में 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला लाया गया, जो ग्रामीणों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विशालकाय पुतले को देखने के लिए खासकर बच्चों और युवाओं में उत्सुकता दिखाई दी।
पुतले को मैदान में खड़ा करने और आयोजन की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में क्लब के पदाधिकारी, सेवक और कलाकार जुटे रहे। चेयरमैन ईश्वर सिंह ने बताया कि रावण का पुतला तैयार करवाने के लिए करीब एक सप्ताह पहले करनाल में ऑर्डर दिया गया था। कारीगरों ने पुतला तैयार करने के बाद उसके अलग-अलग हिस्सों को ट्राली में रखकर मथाना पहुंचाया। पुतले की ऊंचाई और बनावट के कारण उसे मैदान में खड़ा करने के लिए सेवकों को काफी मेहनत करनी पड़ी।
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उन्होंने बताया कि रावण दहन को रोमांचक बनाने के लिए पुतले में विभिन्न प्रकार के पटाखों का इस्तेमाल किया गया है। तैयारियां मार्गदर्शक हरिराम और वरिष्ठ सदस्य सुभाष चंद की देखरेख में की गईं। कमेटी के प्रधान डॉ. ईश्वर कन्यान भी कलाकारों के साथ लोहे के पाइप गाड़ने और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
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