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तीन माह पहले सीएम के हस्तक्षेप के बाद बदला जाट धर्मशाला का प्रशासक, लेकिन अभी तक नहीं बदल पाए हालात
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला की चौधर को लेकर कर्मवीर घराड़सी व अंग्रेज सिंह गुट के बीच हुए विवाद को शांत करने के लिए भले ही सीएम मनोहर लाल ने प्रशासक बदल दिया हो। लेकिन आज तीन माह बाद भी धर्मशाला के न हालात बदल पाए हैं और न ही खींचतान कम होती दिख रही है। यह खींचतान अब प्रशासन व अंग्रेज सिंह गुट के बीच है, जो बुधवार को खुलकर बाहर आ गई जब ये दोनों प्रशासक एवं करनाल के एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक की अध्यक्षता में आमने-सामने हुए।
हालांकि इस बैठक में अंग्रेज सिंह के बाद धर्मशाला के प्रधान बने कर्मवीर घराड़सी भी अपने पक्ष के लोगों के साथ उपस्थित रहे, लेकिन बैठक पूरी तरह से प्रशासन की ओर से लगाए गए मैनेजर व अंग्रेज सिंह गुट पर ही केंद्रित रही। बैठक में धर्मशाला एवं सभा के चुनाव व मतदाता सूची को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में अंग्रेज सिंह ने खुले तौर पर आरोप लगाए कि धर्मशाला के प्रशासन की ओर से लगाए गए मैनेजर मनमानी पर उतरे हुए हैं। यहां न लेन-देन सही है और न ही धर्मशाला की आमदन का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा रहा है। धर्मशाला में सभा के संविधान को दरकिनार कर लोग यहां ठहरे रहते हैं तो जमकर शराब का भी सेवन किया जा रहा है। उन्होंने अब तक का पूरा हिसाब व रिकॉर्ड समाज को दिखाए जाने की मांग उठाई। मैनेजर ने भी प्रशासक के समक्ष सफाई दी और कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और वह पूरा हिसाब तक देने को तैयार हैं।
माहौल को बेहतर बनाए रखने के लिए कमेटी को सौंपा जाएगा जिम्मा
शराब पीने व अवैध रूप से धर्मशाला में लोगों के ठहरने आदि को लेकर माहौल को बेहतर बनाने का जिम्मा एक कमेटी को दिया जाएगा। इसमें कर्मवीर सिंह व अंग्रेज सिंह पक्ष की ओर से पांच-पांच लोगों के नाम प्रशासक ने मांगे हैं। अंग्रेज सिंह ने उसी समय पांच लोगों की सूची सौंप दी जबकि कर्मवीर सिंह ने यह सूची देर शाम तक नहीं दी थी।
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बकाया भुगतान निपटाने पर की चर्चा : कर्मवीर
प्रशासक की नियुक्ति से पहले प्रधान बने कर्मवीर सिंह घराड़सी ने बताया कि बैठक में उनके व अंग्रेज सिंह के समय के दौरान के बकाया भुगतान को निपटाने पर आपसी सहमति से चर्चा की गई, ताकि संस्था के प्रति दुष्प्रचार न हो। बैठक में धर्मशाला के प्रशासक लगने के बाद लेन-देन व अन्य कार्यों को लेकर भी विचार किया गया।
माहौल खराब होता दिखा तो बुलानी पड़ी बैठक : अंग्रेज
अंग्रेज सिंह का कहना है कि जबसे प्रशासक की नियुक्ति हुई है, धर्मशाला के हालात खराब ही हुए हैं। यहां अनेकों लोग अवैध रूप से ठहरे रहते हैं तो आमदन का भी सही रिकॉर्ड भी नहीं रखा जा रहा। धर्मशाला के सहयोग से चलाए जा रहे शिक्षण संस्थान के कई कार्य भी अटके हैं। ऐसे हालात में उन्होंने ही प्रशासक को दोनों पक्षों के साथ बैठक करने की अपील की थी।
लेन-देन व अन्य कार्यों पर की चर्चा : प्रशासक
प्रशासक नरेंद्र पाल मलिक का कहना है कि बैठक में मैनेजर के साथ-साथ अकाउंट ऑफिसर व दोनों पक्षों के लोगों को बुलाया गया। इनमें लेन- देन व अन्य कार्यों पर चर्चा की गई। सभी लोगों के विचारों को गंभीरता से लिया गया है और धर्मशाला के माहौल से लेकर अन्य कार्य बेहतर तरीके से चलाए जाएंगे।
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कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला की चौधर को लेकर कर्मवीर घराड़सी व अंग्रेज सिंह गुट के बीच हुए विवाद को शांत करने के लिए भले ही सीएम मनोहर लाल ने प्रशासक बदल दिया हो। लेकिन आज तीन माह बाद भी धर्मशाला के न हालात बदल पाए हैं और न ही खींचतान कम होती दिख रही है। यह खींचतान अब प्रशासन व अंग्रेज सिंह गुट के बीच है, जो बुधवार को खुलकर बाहर आ गई जब ये दोनों प्रशासक एवं करनाल के एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक की अध्यक्षता में आमने-सामने हुए।
हालांकि इस बैठक में अंग्रेज सिंह के बाद धर्मशाला के प्रधान बने कर्मवीर घराड़सी भी अपने पक्ष के लोगों के साथ उपस्थित रहे, लेकिन बैठक पूरी तरह से प्रशासन की ओर से लगाए गए मैनेजर व अंग्रेज सिंह गुट पर ही केंद्रित रही। बैठक में धर्मशाला एवं सभा के चुनाव व मतदाता सूची को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में अंग्रेज सिंह ने खुले तौर पर आरोप लगाए कि धर्मशाला के प्रशासन की ओर से लगाए गए मैनेजर मनमानी पर उतरे हुए हैं। यहां न लेन-देन सही है और न ही धर्मशाला की आमदन का रिकॉर्ड दुरुस्त किया जा रहा है। धर्मशाला में सभा के संविधान को दरकिनार कर लोग यहां ठहरे रहते हैं तो जमकर शराब का भी सेवन किया जा रहा है। उन्होंने अब तक का पूरा हिसाब व रिकॉर्ड समाज को दिखाए जाने की मांग उठाई। मैनेजर ने भी प्रशासक के समक्ष सफाई दी और कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और वह पूरा हिसाब तक देने को तैयार हैं।
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माहौल को बेहतर बनाए रखने के लिए कमेटी को सौंपा जाएगा जिम्मा
शराब पीने व अवैध रूप से धर्मशाला में लोगों के ठहरने आदि को लेकर माहौल को बेहतर बनाने का जिम्मा एक कमेटी को दिया जाएगा। इसमें कर्मवीर सिंह व अंग्रेज सिंह पक्ष की ओर से पांच-पांच लोगों के नाम प्रशासक ने मांगे हैं। अंग्रेज सिंह ने उसी समय पांच लोगों की सूची सौंप दी जबकि कर्मवीर सिंह ने यह सूची देर शाम तक नहीं दी थी।
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बकाया भुगतान निपटाने पर की चर्चा : कर्मवीर
प्रशासक की नियुक्ति से पहले प्रधान बने कर्मवीर सिंह घराड़सी ने बताया कि बैठक में उनके व अंग्रेज सिंह के समय के दौरान के बकाया भुगतान को निपटाने पर आपसी सहमति से चर्चा की गई, ताकि संस्था के प्रति दुष्प्रचार न हो। बैठक में धर्मशाला के प्रशासक लगने के बाद लेन-देन व अन्य कार्यों को लेकर भी विचार किया गया।
माहौल खराब होता दिखा तो बुलानी पड़ी बैठक : अंग्रेज
अंग्रेज सिंह का कहना है कि जबसे प्रशासक की नियुक्ति हुई है, धर्मशाला के हालात खराब ही हुए हैं। यहां अनेकों लोग अवैध रूप से ठहरे रहते हैं तो आमदन का भी सही रिकॉर्ड भी नहीं रखा जा रहा। धर्मशाला के सहयोग से चलाए जा रहे शिक्षण संस्थान के कई कार्य भी अटके हैं। ऐसे हालात में उन्होंने ही प्रशासक को दोनों पक्षों के साथ बैठक करने की अपील की थी।
लेन-देन व अन्य कार्यों पर की चर्चा : प्रशासक
प्रशासक नरेंद्र पाल मलिक का कहना है कि बैठक में मैनेजर के साथ-साथ अकाउंट ऑफिसर व दोनों पक्षों के लोगों को बुलाया गया। इनमें लेन- देन व अन्य कार्यों पर चर्चा की गई। सभी लोगों के विचारों को गंभीरता से लिया गया है और धर्मशाला के माहौल से लेकर अन्य कार्य बेहतर तरीके से चलाए जाएंगे।