फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   हाईकोर्ट ने डीसी को तलब किया तो खुल गई तीन वर्षों से दबी डीसी के ही आदेशों की फाइल

हाईकोर्ट ने डीसी को तलब किया तो खुल गई तीन वर्षों से दबी डीसी के ही आदेशों की फाइल

Tue, 06 Feb 2018 12:49 AM IST
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने डीसी को तलब किया तो खुल गई तीन वर्षों से दबी डीसी के ही आदेशों की फाइल
हाईकोर्ट ने डीसी को तलब किया तो खुल गई तीन वर्षों से दबी डीसी के ही आदेशों की फाइल
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
विभिन्न विभागों के अधिकारी कई बार डीसी के आदेशों को भी हवा में उड़ा देते हैं। डीसी बदल जाते हैं तो उनके आदेशों की फाइलें भी दब जाती हैं। ऐसा ही मामला हुआ जिले के गांव ईशाकपुर में। यहां के किसानों की फसलों को बारिश और बाढ़ के पानी से बचाने के लिए वर्ष 2015 में तत्कालीन डीसी ने पानी निकासी के लिए पुलिया बनाने के आदेश दिए थे। उनकी फाइल उनके जाते ही अधीनस्थ अधिकारियों ने दबा दी। यह फाइल पिछले सप्ताह उस समय अचानक खुल गई जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले इसी मामले में आठ फरवरी को डीसी को तलब कर लिया। हाईकोर्ट के सम्मन डीसी सुमेधा कटारिया के पास पहुंचे तो वह दंग रह गईं। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी तो मामला खुल गया।
डीसी के मांगने पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी फाइल लेकर जिला उपायुक्त के पास पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों को आज तक मामले की जानकारी तक न देने के बारे में पूछा। इस पर संबंधित अधिकारी चुप रह गए। इसके बाद डीसी ने तत्कालीन डीसी के आदेशों का पालन करने के आदेश दिए। इसके बाद अधिकारी सोमवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल को लेकर पहुंच गए और दो जगहों पर पुलिया का निर्माण शुरू कराया।
विज्ञापन

यह था मामला
कुरुक्षेत्र से तिगरी रोड पर पडने वाले गांव ईशाकपुर के अनेकों लोगों ने वर्ष 2015 में तत्कालीन डीसी को शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके खेतों से बारिश के पानी की निकासी नहीं होती। इससे उनकी फसलें खराब हो जाती है। सड़क के नीचे से बड़ी पुलिया बनाई जाए, तो बारिश के पानी की निकासी जाएगी। इसके बाद डीसी ने पीडब्ल्यूडी विभाग को पुलिया बनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी पुलिया नहीं बनाई गई। इस पर गांववासी एक किसान ने हाईकोर्ट में डीसी के आदेशों का पालन न होने की याचिका दायर कर दी। इस पर हाईकोर्ट ने डीसी को तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुझे सम्मन मिले तो ही मिली जानकारी : डीसी
डीसी सुमेधा कटारिया का कहना है कि उन्हें सम्मन आने के बाद ही मामले का पता चला। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई। साथ ही तत्कालीन डीसी के आदेशों का पालन करने के लिए दो दिन का समय दिया है।
बीडीपीओ रहे ड्यूटी मजिस्ट्रेट
आदेश का पालन कराने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सोमवार को कार्रवाई की। इस दौरान बीडीपीओ कृष्ण कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे। केयूके थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौजूद थे। इस दौरान एक दो लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को काबू में रखा।


विरोध के चलते नहीं बन पाई पुलिया : एसडीओ
पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ श्याम लाल का कहना है कि पुलिया बनाने पर गांव के ही किसानों में विरोध था। इस वजह से इसका निर्माण नहीं हो सका था। अब हाईकोर्ट ने इस बारे में जवाब मांगा है और डीसी ने फिर से आदेश दिए है। इसके बाद कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed