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केंद्र के प्रोजेक्ट में केयू को शामिल करने की जरूरत : सोलंकी

Sat, 18 Nov 2017 12:23 AM IST
Updated Sat, 18 Nov 2017 12:23 AM IST
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केंद्र के प्रोजेक्ट में केयू को शामिल करने की जरूरत : सोलंकी
केंद्र के प्रोजेक्ट में केयू को शामिल करने की जरूरत : सोलंकी
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
राज्यपाल एवं केयू कुलाधिपति प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा है कि केयू को नैक के मूल्यांकन के बाद हरियाणा की पहली ए प्लस ग्रेड यूनिवर्सिटी होने का गौरव प्राप्त हुआ है। एनआईआरएफ की रैकिंग में इस विश्वविद्यालय को देश के 100 श्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों की सूची में शामिल किया गया है। इन उपलब्धियों को देखते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से देश में 20 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की विशेष योजना में केयू को शामिल किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए देश में से 10 सरकारी और 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी को शामिल करने का निर्णय लिया है। 10 सरकारी विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल होने की कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सभी योग्यताएं हैं।
राज्यपाल वीरवार को केयू की और से ए प्लस ग्रेड प्राप्त करने की खुशी में आयोजित एक विशेष समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ए प्लस विश्वविद्यालय बनने का मतलब है कि वहां के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी ए प्लस हैं। कड़ी मेहनत और एकजुटता से ही केयू जैसे ए प्लस शिक्षण संस्थान बनते हैं।
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ए प्लस ग्रेड मिलने से हरियाणा का सम्मान बढ़ा : रामबिलास
समारोह में विशिष्ट अतिथि शिक्षा मंत्री प्रो रामबिलास शर्मा ने कहा कि केयू को ए-प्लस ग्रेड मिलना पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात है। इस विश्वविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों ने यह ग्रेड प्राप्त कर हरियाणा के मान-सम्मान को बढ़ाया है। इसके लिए सभी शिक्षक और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने हाल ही में अपनी विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि यह भारत का गौरव है कि ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड और हाउस ऑफ कॉमन ने 1919 में हुए जलियांवाला बाग कांड के लिए माफी मांगने के लिए वहां के 24 सांसदों ने प्रस्ताव पारित किया है।
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अब ए प्लस प्लस ग्रेड की ओर बढ़ने की जिम्मेदारी : वीसी
कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के कारण ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इस मुकाम को हासिल कर सका है। पिछले एक वर्ष में विश्वविद्यालय ने नैक की मूल्यांकन की प्रक्रिया की शुरुआत की। एकेडमिक ऑडिट शुरू किया। इसके बाद ही एनआईआरएफ और नैक में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सके हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की परिसर संस्कृति देशभर के विश्वविद्यालयों में श्रेष्ठ है। ए-प्लस मिलने के साथ ही हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ गई है और अब ए-प्लस से ए प्लस प्लस की ओर बढ़ना होगा।

नैक मूल्यांकन में इस टीम की रही विशेष भूमिका
नैक के मूल्यांकन में केयू के फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर और नैक के कोऑर्डिनेटर प्रो. श्याम कुमार, प्रो. रजनीश शर्मा, प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. बृजेश साहनी, प्रो. पवन शर्मा, प्रो. तेजेंन्द्र शर्मा, प्रो. मनोज जोशी, प्रो. आरके मोदगिल, प्रो. संजीव अरोड़ा, प्रो. नीरा वर्मा, प्रो. संजीव अग्रवाल की विशेष भूमिका रही।
इन कारणों से मिला ए-प्लस ग्रेड
केयू को शिक्षण की गुणवत्ता, बेहतरीन पाठ्यक्रम, मजबूत एल्यूमनी एसोसिएशन, स्टूडैंट व टीचर फीडबैक, कैशलेस और डिजिटल यूनिवर्सिटी, आधारभूत ढांचा, प्लेसमेंट, ग्रीन और क्लीन कैंपस, खेल, शोध की गुणवत्ता सहित विभिन्न कारणों से ए-प्लस ग्रेड मिला है।


कुलपति ने कहा ए-प्लस ग्रेड में मेरी भूमिका जामवंत की
कुलपति डॉ. केसी शर्मा ने कहा कि जिस तरह से रामायण में जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों के बारे में अवगत करवाया था उसी तरह सये ए-प्लस ग्रेड प्राप्त करने में सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत है।
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