बारिश की मार, करीब चार हजार किसानों ने मांगा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Wed, 26 Sep 2018 12:48 AM IST
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बारिश की मार, करीब चार हजार किसानों ने मांगा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा
- किसानों की भीड़ के आगे आवेदन पत्रों का भी पड़ा टोटा, विभाग को लगाने पड़े चार काउंटर
- बुधवार को नहीं लिए जाएंगे आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। लगातार चार दिन बारिश के कारण जिले में फसलें बरबाद हो गई हैं। इसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि विभाग के पास दो दिन में ही पांच हजार के करीब किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की मांग की है। सोमवार को 1670 किसानों ने आवेदन किया था। मंगलवार को भी करीब 3250 किसानों ने आवेदन पत्र दिए।
मंगलवार को भले ही मौसम साफ रहने से किसानों ने राहत की सांस ली हो, लेकिन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास दूसरे दिन भी पीड़ित किसानों का जमघट लगा रहा। किसानों की बढ़ती भीड़ के आगे विभाग के प्रबंधन भी छोटे पड़ गए। यहां तक कि आवेदन पत्रों का भी टोटा हो गया। वहीं, पीड़ित किसानों से आवेदन लेेने के लिए चार काउंटर लगाने पड़े। बता दें कि शुक्रवार से जिला भर में बारिश शुरू हुई थी जो सोमवार तक जारी रही। हालांकि जिला भर में इस दौरान औसतन 94 एमएम बारिश दर्ज कराई गई, लेकिन सबसे अधिक बारिश रविवार रात को हुई। थानेसर में यह 120 एमएम तो बाबैन में 91 एमएम दर्ज की गई। इससे किसानों की फसल पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा। अधिकतर क्षेत्र में फसल पानी में डूब गई तो वहीं बड़े रकबे में फसल जमीन पर बिछ गई है। किसानों की मानें तो इससे प्रति एकड़ कम से कम 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि अनेकों किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है।

48 घंटे में देना होता है आवेदन
कृषि विभाग के एएसओ बलकार सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल खराब होने पर मुआवजा लेने के लिए 48 घंटे तक किसान को आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते। शायद यही कारण है कि दो दिन में ही पीड़ित किसानों की आवेदन करने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी।

विभाग ने एक हजार किसानों की सूची फसल बीमा कंपनी को भेजी
जहां कृषि विभाग के पास फसल खराब होने से पीड़ित करीब चार हजार किसान विभाग के पास आवेदन देकर मुआवजे की गुहार लगा चुके हैं वहीं विभाग के कर्मी भी इन आवेदनों को व्यवस्थित करने में जुटे हैं। मंगलवार तक विभाग की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित बीमा कंपनी को एक हजार किसानों की सूचना भेजी गई जबकि अगले दो दिन में सभी आवेदन भेजे जाने के दावे किए जा रहे हैं, जिसकी एक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भी भेजी जाएगी।

आज होगी कृषि विभाग व बीमा कंपनी के अधिकारियों की बैठक
बारिश व तेज हवाओं के कारण जिले में खराब हुईं फसलों का सर्वे करने को लेकर बुधवार को कृषि विभाग व संबंधित फसल बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें सर्वे कब से कब तक होगा, कितनी टीमें सर्वे करेंगी, पूरा शेड्यूल तय किया जाएगा।

गांव स्तर पर सर्वे करने के किए जाएंगे प्रयास, अब स्वीकार नहीं होंगे आवेदन : कर्मचंद
खराब हुई फसल का योजना के तहत मुआवजा क्लेम करने के लिए मंगलवार तक आवेदन लिए गए हैं। बुधवार को आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। फसल बीमा योजना शुरू होने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर आवेदन मिले हैं। प्रयास किए जाएगा कि सर्वे गांव स्तर पर ही कराया जाए। गांव अनुसार ही सर्वे टीमें बनाई जाएंगी। सभी पीड़ित किसानों को योजना का पूरा लाभ दिलाया जाएगा।
- डॉ. कर्मचंद, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग

ब्लॉक अनुसार इतने किसानों ने दिए मुआवजे के लिए आवेदन
ब्लॉक सोमवार को आए आवेदन
थानेसर 650 1100
शाहाबाद 250 550
लाडवा 150 250
पिहोवा 300 550
बाबैन 80 150
इस्माईलाबाद 90 450
पिपली 150 100
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