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किन्नर समाज ने शहर में निकाली भव्य क्लश यात्रा
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा।
अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन के दौरान बुधवार को किन्नर समाज ने लाडवा शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली। सजधज कर निकले किन्नरों ने बैंड की धुन पर जमकर डांस किया। सैकड़ों की संख्या में विभिन्न प्रदेशों से आए किन्नरों ने सजधज कर कलश यात्रा में भाग लिया।
कलश यात्रा शहर के रादौर रोड स्थित एक निजी पैलेस से बैंड-बाजे और ढोल-ताशों के साथ से शुरू हुई। लोग किन्नरों की शोभायात्रा देखने उमड़ पड़े। कलश यात्रा में दो किन्नर दूल्हा और दुल्हन की वेशभूषा में थे। उनके साथ एक किन्नर ने कलश उठा रखा था। साथी किन्नरों ने दूल्हा-दुल्हन वेषधारी और कलशधारी किन्नरों पर जमकर नोट उड़ाए। निजी पैलेस से रादौर रोड होते हुए कलश यात्रा ने रेड रोड से शहर में प्रवेश किया। शहर में किन्नरों की कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। शहरवासियों ने कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा करके किन्नरों का आशीर्वाद लिया। कलश यात्रा के दौरान किन्नरों ने नगरखेड़ा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करके शहरवासियों, देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इसके बाद कुम्हार मोहल्ले में एक कुम्हार के घर जाकर चाक पूजन किया। वार्ड-11 स्थित दुखभंजन शिव मंदिर में जाकर माथा टेकने के बाद घंटा चढ़ाया। इसके बाद शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए किन्नरों की कलश यात्रा वापस निजी पैलेस में पहुंचकर समाप्त हुई। निजी पैलेस में सभी किन्नरों के लिए विशेष दावत का प्रबंध किया गया था। अखिल भारतीय किन्नर सममेलन के आयोजक महंत रमेश नायक ने बताया कि दादा गुरु हबीब और गुरु रानी महंत की याद में किन्नर समाज का भोज होगा। उन्होंने बताया कि किन्नर सम्मेलन में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के किन्नर आए हुए हैं।
दूल्हा-दुल्हन के सामने नाचने की लगी होड़
किन्नरों की शोभायात्रा में दूल्हे-दुल्हन की तरह सजे दो किन्नर आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में शामिल प्रत्येक किन्नर में उनके सामने नाचने की होड़ लगी हुई थी। शोभायात्रा में उम्र दराज किन्नर एक-दो ठुमके लगाकर रह गए तो युवा किन्नरों ने पूरे रास्ते नृत्य किया।
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लाडवा।
अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन के दौरान बुधवार को किन्नर समाज ने लाडवा शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली। सजधज कर निकले किन्नरों ने बैंड की धुन पर जमकर डांस किया। सैकड़ों की संख्या में विभिन्न प्रदेशों से आए किन्नरों ने सजधज कर कलश यात्रा में भाग लिया।
कलश यात्रा शहर के रादौर रोड स्थित एक निजी पैलेस से बैंड-बाजे और ढोल-ताशों के साथ से शुरू हुई। लोग किन्नरों की शोभायात्रा देखने उमड़ पड़े। कलश यात्रा में दो किन्नर दूल्हा और दुल्हन की वेशभूषा में थे। उनके साथ एक किन्नर ने कलश उठा रखा था। साथी किन्नरों ने दूल्हा-दुल्हन वेषधारी और कलशधारी किन्नरों पर जमकर नोट उड़ाए। निजी पैलेस से रादौर रोड होते हुए कलश यात्रा ने रेड रोड से शहर में प्रवेश किया। शहर में किन्नरों की कलश यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। शहरवासियों ने कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा करके किन्नरों का आशीर्वाद लिया। कलश यात्रा के दौरान किन्नरों ने नगरखेड़ा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करके शहरवासियों, देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इसके बाद कुम्हार मोहल्ले में एक कुम्हार के घर जाकर चाक पूजन किया। वार्ड-11 स्थित दुखभंजन शिव मंदिर में जाकर माथा टेकने के बाद घंटा चढ़ाया। इसके बाद शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए किन्नरों की कलश यात्रा वापस निजी पैलेस में पहुंचकर समाप्त हुई। निजी पैलेस में सभी किन्नरों के लिए विशेष दावत का प्रबंध किया गया था। अखिल भारतीय किन्नर सममेलन के आयोजक महंत रमेश नायक ने बताया कि दादा गुरु हबीब और गुरु रानी महंत की याद में किन्नर समाज का भोज होगा। उन्होंने बताया कि किन्नर सम्मेलन में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी बंगाल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के किन्नर आए हुए हैं।
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दूल्हा-दुल्हन के सामने नाचने की लगी होड़
किन्नरों की शोभायात्रा में दूल्हे-दुल्हन की तरह सजे दो किन्नर आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में शामिल प्रत्येक किन्नर में उनके सामने नाचने की होड़ लगी हुई थी। शोभायात्रा में उम्र दराज किन्नर एक-दो ठुमके लगाकर रह गए तो युवा किन्नरों ने पूरे रास्ते नृत्य किया।
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