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Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र में लहराया 72 फीट ऊंचा तिरंगा, सांसद जिंदल ने किया उद्घाटन
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में 72 फीट ऊंचा तिरंगा स्थापना समारोह का आयोजन संस्थान के प्रशासनिक भवन के बाहर पार्क में किया गया। यह तिरंगा फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से स्थापित किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यातिथि सांसद एवं फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवीन जिंदल द्वारा किया गया। तिरंगे के सम्मान में एनसीसी कैडेट्स ने परेड की और विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित कविता और गीत की प्रस्तुति दी, जिसे सांसद जिंदल ने अपने मोबाइल में कैद भी किया।
संस्थान निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने कहा कि भारत की शान तिरंगे को संस्थान में लहराता देख विद्यार्थियों में देश प्रेम की भावना जागृत होगी। उनका उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ भारतीय सभ्यता और संस्कार भी सिखाए जाएं। सांसद नवीन जिंदल के प्रयास से युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना प्रबल हो रही है। उन्होंने सांसद को बताया कि संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर लगभग 40 हजार इंजीनियर विश्व में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष शालू जिंदल भी देश में राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने की योजना का बेहतर ढंग से नेतृत्व कर रही हैं। उन्हीं के प्रयास से 2009 में सबसे पहले 207 फीट ऊंचा तिरंगा कैथल की हनुमान वाटिका में फहराया गया था। फ्लैग फाउंडेशन अब तक पूरे देश में 152 तिरंगे लगा चुका है और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। तिरंगा झंडा देश का पावन प्रतीक है। क्याेंकि इसकी छाया में कोई भी धर्म, मजहब और राजनीति दल का व्यक्ति एक भारतीय नागरिक है। हर व्यक्ति को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिलाने के लिए उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। इस दौरान उन्होंने झंडा फहराने की कानूनी लड़ाई का संघर्ष भी विद्यार्थियों के साथा साझा किया तथा एनआईटी को आईआईटी का दर्जा एवं कुरुक्षेत्र को 2030 तक विकसित जिला बनाने में उनका योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. दीक्षित गर्ग, अधिष्ठाता डाॅ. वीपी सिंह, कुलसचिव ज्ञान रंजन सामंतरे, उपकुलसचिव पंकज कुमार बायती सहित अन्य डीन, निदेशक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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अमेरिका विवि में लगाया था जिंदल ने सबसे पहला तिरंगा
सांसद नवीन जिंदल ने बताया कि वह जब अमेरिका विवि में स्टूडेंट यूनियन के प्रधान थे, तब उन्होंने अपने जीवन में सबसे पहले अपने प्रधान कार्यालय में तिरंगा लगाया था। यहां शिक्षकों से लेकर प्रशासन ने तिरंगा लगाने पर कोई भी आपत्ति नहीं जताई, बल्कि सराहना की थी। उन्होंने कहा कि जब वह भारत आए तो यहां सम्मानपूर्वक भी तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं था, वे इस कार्यप्रणाली को देख रो पड़े। उन्होंने ठानी कि वे देश का झंडा गौरवपूर्ण फहराने का अधिकार दिलाकर रहेंगे। 10 साल के संघर्ष के बाद उच्च न्यायालय ने 23 जनवरी 2004 में तिरंगा फहराने का फैसला उनके हित में दिया।
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से युद्ध पर लगेगी रोक : जिंदल
सांसद नवीन जिंदल ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का पुन: राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप बहुत गतिशील नेता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत नजदीकी मित्र हैं, उनके राष्ट्रपति बनने से रूस-यूक्रेन, गाजा-इजराइल में हो रहे युद्ध पर रोक लगेगी तथा और विश्व में शांति होगी। भारत और अमेरिका बहुत बड़ा लोकतंत्र है, जोकि मिलकर विश्व में शांति कायम करने में काम करेंगे। इससे भारत के अमेरिका के साथ संबंध और भी मजबूत होंगे।
23 जनवरी को राष्ट्रीय तिरंगा दिवस मनाने का केंद्र सरकार से किया आग्रह
सांसद नवीन जिंदल ने 23 जनवरी को राष्ट्रीय तिरंगा दिवस मनाने के लिए इस मंच से केंद्र सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी 2004 को हर भारतीय को हर दिन तिरंगा फहराने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र सौंपा है कि 23 जनवरी को नेता सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पराक्रम दिवस के साथ राष्ट्रीय तिरंगा दिवस देशभर में सामूहिक रूप में मनाया जाए ताकि विदेश की तर्ज पर हम भी झंडा दिवस मनाएं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भेजे गए पत्र का अभी तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
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संस्थान निदेशक प्रो. बीवी रमना रेड्डी ने कहा कि भारत की शान तिरंगे को संस्थान में लहराता देख विद्यार्थियों में देश प्रेम की भावना जागृत होगी। उनका उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ भारतीय सभ्यता और संस्कार भी सिखाए जाएं। सांसद नवीन जिंदल के प्रयास से युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना प्रबल हो रही है। उन्होंने सांसद को बताया कि संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर लगभग 40 हजार इंजीनियर विश्व में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष शालू जिंदल भी देश में राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने की योजना का बेहतर ढंग से नेतृत्व कर रही हैं। उन्हीं के प्रयास से 2009 में सबसे पहले 207 फीट ऊंचा तिरंगा कैथल की हनुमान वाटिका में फहराया गया था। फ्लैग फाउंडेशन अब तक पूरे देश में 152 तिरंगे लगा चुका है और ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। तिरंगा झंडा देश का पावन प्रतीक है। क्याेंकि इसकी छाया में कोई भी धर्म, मजहब और राजनीति दल का व्यक्ति एक भारतीय नागरिक है। हर व्यक्ति को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिलाने के लिए उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। इस दौरान उन्होंने झंडा फहराने की कानूनी लड़ाई का संघर्ष भी विद्यार्थियों के साथा साझा किया तथा एनआईटी को आईआईटी का दर्जा एवं कुरुक्षेत्र को 2030 तक विकसित जिला बनाने में उनका योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. दीक्षित गर्ग, अधिष्ठाता डाॅ. वीपी सिंह, कुलसचिव ज्ञान रंजन सामंतरे, उपकुलसचिव पंकज कुमार बायती सहित अन्य डीन, निदेशक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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अमेरिका विवि में लगाया था जिंदल ने सबसे पहला तिरंगा
सांसद नवीन जिंदल ने बताया कि वह जब अमेरिका विवि में स्टूडेंट यूनियन के प्रधान थे, तब उन्होंने अपने जीवन में सबसे पहले अपने प्रधान कार्यालय में तिरंगा लगाया था। यहां शिक्षकों से लेकर प्रशासन ने तिरंगा लगाने पर कोई भी आपत्ति नहीं जताई, बल्कि सराहना की थी। उन्होंने कहा कि जब वह भारत आए तो यहां सम्मानपूर्वक भी तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं था, वे इस कार्यप्रणाली को देख रो पड़े। उन्होंने ठानी कि वे देश का झंडा गौरवपूर्ण फहराने का अधिकार दिलाकर रहेंगे। 10 साल के संघर्ष के बाद उच्च न्यायालय ने 23 जनवरी 2004 में तिरंगा फहराने का फैसला उनके हित में दिया।
ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से युद्ध पर लगेगी रोक : जिंदल
सांसद नवीन जिंदल ने डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका का पुन: राष्ट्रपति बनने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप बहुत गतिशील नेता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुत नजदीकी मित्र हैं, उनके राष्ट्रपति बनने से रूस-यूक्रेन, गाजा-इजराइल में हो रहे युद्ध पर रोक लगेगी तथा और विश्व में शांति होगी। भारत और अमेरिका बहुत बड़ा लोकतंत्र है, जोकि मिलकर विश्व में शांति कायम करने में काम करेंगे। इससे भारत के अमेरिका के साथ संबंध और भी मजबूत होंगे।
23 जनवरी को राष्ट्रीय तिरंगा दिवस मनाने का केंद्र सरकार से किया आग्रह
सांसद नवीन जिंदल ने 23 जनवरी को राष्ट्रीय तिरंगा दिवस मनाने के लिए इस मंच से केंद्र सरकार से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी 2004 को हर भारतीय को हर दिन तिरंगा फहराने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र सौंपा है कि 23 जनवरी को नेता सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पराक्रम दिवस के साथ राष्ट्रीय तिरंगा दिवस देशभर में सामूहिक रूप में मनाया जाए ताकि विदेश की तर्ज पर हम भी झंडा दिवस मनाएं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भेजे गए पत्र का अभी तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।