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कंबाईन यूनियन ने बैठक में एसएमएस के खिलाफ जताया विरोध
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:41 AM IST
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कंबाइन यूनियन ने बैठक में एसएमएस के खिलाफ जताया विरोध
- आरोप- कृषि विभाग के अधिकारी कंबाइन मालिकों पर थोप रहे फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। कंबाइन यूनियन के सदस्य एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन की फसल अवशेष प्रबंधन की योजना पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।
कंबाइन यूनियन की बैठक प्रधान परमिंदर सैनी की अगुवाई में किसान विश्राम गृह में हुई। इस दौरान कंबाइन मालिकों एवं चालकों ने समस्याओं को लेकर विमर्श किया। प्रधान ने बताया कि यूनियन के सदस्य एसएमएस (स्ट्रा मैनेजमेंट मशीन) को लेकर विरोध जता रहे हैं। यह कंबाइन के पीछे लगनी वाली एक प्रकार की मशीन है, जो फसल के अवशेषों को बारीक कर उन्हें जमीन में ही दफन कर देती है। आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारी कंबाइन मालिकों पर जबरन उक्त मशीन को थोप रहे हैं, जबकि मशीन भी कंबाइन के साथ फिट नहीं बैठ रही है। विभाग ने इस मशीन के साथ कटाई का रेट प्रति एकड़ तीन हजार रुपये निर्धारित किया है। कोई भी कंबाइन मालिक इसके लिए तैयार नहीं है। जमींदार भी कटाई के तीन हजार रुपये देने को तैयार नहीं है। ऐसे में कोई भी कंबाइन मालिक तीन हजार अपनी जेब से नहीं भरेगा।
पंजाब की कंबाइनों से लेंगे 21 हजार की सिक्योरिटी
उन्होंने कहा कि पंजाब से कटाई के लिए आने वाली कंबाइनों से सिक्योरिटी के तौर पर आरसी और 21 हजार रुपये लिए जाएंगे। यूनियन ने खड़ी धान के लिए पंद्रह सौ रुपये और गिरी जीरी का रेट 2,800 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है। यूनियन के फैसले के खिलाफ कम रेट पर कटाई करने वाले को पचास हजार रुपये का जुर्माना होगा। यदि कोई जमींदार कंबाइन के पैसे नहीं देता तो अन्य कंबाइन चालक हिसाब होने तक उसकी फसल नहीं काटेंगे।
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कंबाइन यूनियन ने बैठक में एसएमएस के खिलाफ जताया विरोध
- आरोप- कृषि विभाग के अधिकारी कंबाइन मालिकों पर थोप रहे फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। कंबाइन यूनियन के सदस्य एसएमएस (स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन की फसल अवशेष प्रबंधन की योजना पर ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है।
कंबाइन यूनियन की बैठक प्रधान परमिंदर सैनी की अगुवाई में किसान विश्राम गृह में हुई। इस दौरान कंबाइन मालिकों एवं चालकों ने समस्याओं को लेकर विमर्श किया। प्रधान ने बताया कि यूनियन के सदस्य एसएमएस (स्ट्रा मैनेजमेंट मशीन) को लेकर विरोध जता रहे हैं। यह कंबाइन के पीछे लगनी वाली एक प्रकार की मशीन है, जो फसल के अवशेषों को बारीक कर उन्हें जमीन में ही दफन कर देती है। आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारी कंबाइन मालिकों पर जबरन उक्त मशीन को थोप रहे हैं, जबकि मशीन भी कंबाइन के साथ फिट नहीं बैठ रही है। विभाग ने इस मशीन के साथ कटाई का रेट प्रति एकड़ तीन हजार रुपये निर्धारित किया है। कोई भी कंबाइन मालिक इसके लिए तैयार नहीं है। जमींदार भी कटाई के तीन हजार रुपये देने को तैयार नहीं है। ऐसे में कोई भी कंबाइन मालिक तीन हजार अपनी जेब से नहीं भरेगा।
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पंजाब की कंबाइनों से लेंगे 21 हजार की सिक्योरिटी
उन्होंने कहा कि पंजाब से कटाई के लिए आने वाली कंबाइनों से सिक्योरिटी के तौर पर आरसी और 21 हजार रुपये लिए जाएंगे। यूनियन ने खड़ी धान के लिए पंद्रह सौ रुपये और गिरी जीरी का रेट 2,800 रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है। यूनियन के फैसले के खिलाफ कम रेट पर कटाई करने वाले को पचास हजार रुपये का जुर्माना होगा। यदि कोई जमींदार कंबाइन के पैसे नहीं देता तो अन्य कंबाइन चालक हिसाब होने तक उसकी फसल नहीं काटेंगे।
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