फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   2 घंटे तक चली कंप्यट्रीकृत निशानदेही, फिर सरकारी तकनीकी विशेषज्ञ की मांग पर बिफरी जाट सभा

2 घंटे तक चली कंप्यट्रीकृत निशानदेही, फिर सरकारी तकनीकी विशेषज्ञ की मांग पर बिफरी जाट सभा

Sat, 28 Apr 2018 01:16 AM IST
Updated Sat, 28 Apr 2018 01:16 AM IST
विज्ञापन
2 घंटे तक चली कंप्यट्रीकृत निशानदेही, फिर सरकारी तकनीकी विशेषज्ञ की मांग पर बिफरी जाट सभा
जाट सभा व नाभि कमल मंदिर ट्रस्ट के बीच तीन एकड़ जमीन का विवाद
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट सभा एवं नाभि कमल मंदिर के बीच तीन एकड़ जमीनी विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को भी दो घंटे तक कंप्यूटरीकृत निशानदेही में जुटे रहे प्रशासनिक अमले को निशानदेही कार्य बीच में ही छोड़ बैरंग लौटना पड़ा, जबकि निशानदेही के उपरांत प्रशासन को मंदिर ट्रस्ट को उक्त जमीन पर कब्जा भी दिलाना था। अब प्रशासन यह कार्रवाई कब पूरी कर पाएगा इस पर मंथन किया जा रहा है। अदालत के आदेश पर शुक्रवार को लोकल कमीशन के तौर पर एसडीएम की अगुवाई में नायब तहसीलदार व राजस्व विभाग के अधिकारी दोपहर तीन बजे निशानदेही करने के लिए पहुंचे थे। दो घंटे तक कंप्यूटरीकृत निशानदेही की जाती रही, लेकिन इस बीच जाट सभा द्वारा चलाए जा रहे स्कूल के मुख्य गेट की ओर निशानदेही में करीब तीन फुट का फासला पाए जाने पर जाट सभा बिफर गई। निजी एजेंसी द्वारा की जा रही निशानदेही को मानने से जाट सभा ने इंकार कर दिया। मौके पर पहुंचे जाट सभा के प्रधान अंग्रेज सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कंप्यूटरीकृत निशानदेही न उन्हें दिखाई जा रही है और न ही कोई सरकारी विभाग का एक्सपर्ट कर्मचारी ही निजी एजेंसी के साथ लगाया गया है।
सभा ने जब इस निशानदेही को मानने से इंकार कर दिया तो मौके पर उपस्थित अधिकारी भी अगल-बगल झांकने लगे और काफी देर तक विचार करने के बाद निशानदेही का कार्य बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसके बाद अधिकारियों ने जाट सभा को भरोसा दिलाया कि निशानदेही कार्य दोबारा से किया जाएगा। जिसमें कंप्यूटरीकृत निशानदेही में सरकारी विभाग की ओर से एक्सपर्ट भी साथ होगा।
विज्ञापन

अधिकारी को यही नहीं पता निशानदेही करने वाले कौन हैं
जाट सभा के प्रधान ने जब निशानदेही में तीन फुट तक का अंतर रहने की शिकायत करते हुए सरकारी तौर पर कंप्यूटर एक्सपर्ट कर्मी होने के बाबत पूछा तो एसडीएम व नायब तहसीलदार सहित सभी अधिकारी जवाब नहीं दे पाए। यहां तक कि एसडीएम व नायब तहसीलदार को उस समय तक यह भी जानकारी नहीं थी कि आखिर कंप्यूटर पर निशानदेही किससे करवाई जा रही है। राजस्व विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि निशानदेही निजी एजेंसी द्वारा की जा रही है। हालांकि एजेंसी कर्मियों ने सफाई दी, लेकिन इस पर जाट सभा सहमत नहीं हुई। ऐसी एजेंसी से निशानदेही करवाए जाने का विरोध किया। बता दें कि 19 वर्ष तक चली अदालती लड़ाई के बीच सुप्रीम कोर्ट ने उक्त जमीन को लेकर मंदिर ट्रस्ट के हक में फैसला दिया था। जिसके बाद कई बार के प्रयासों के उपरांत प्रशासन ने इस जमीन पर मंदिर ट्रस्ट को कब्जा दिलाया था, लेकिन मंदिर के महंत ने बाद में अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रशासन ने पूरी जमीन पर कब्जा नहीं दिलाया है। इसी के चलते कुछ दिनों पहले ही न्यायाधीश नीतू नागर की अदालत ने प्रशासन को 30 अप्रैल तक पूरी जमीन खाली करवा कर कब्जा दिलाने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

30 अप्रैल तक अदालत में देना है जवाब
न्यायाधीश नीतू नागर की अदालत ने प्रशासन को आदेश दिए थे कि मंदिर ट्रस्ट के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के अनुसार पूरी जमीन को खाली करवा कब्जा दिलाया जाए। यह कार्रवाई कर प्रशासन को 30 अप्रैल को अदालत में रिपोर्ट देने के आदेश है। अब प्रशासन अधूरी कार्रवाई की रिपोर्ट देगा या फिर इस तिथि से पहले दोबारा कार्रवाई होगी, यह अभी तक प्रशासन तय नही कर पाया है।
प्रशासनिक तौर पर किया जा रहा विचार : एसडीएम
एसडीएम प्रद्युमन सिंह का कहना है कि जाट सभा द्वारा आपत्ति जताने पर निशानदेही का कार्य बीच में छोड़ना पड़ा, लेकिन अब अगली कार्रवाई कब करनी है इस पर विचार किया जा रहा है। जब भी कार्रवाई की जाएगी उस समय सरकारी तौर पर राजस्व रिकार्ड कंप्यूटर एक्सपर्ट को भी साथ लिया जाएगा।

अंग्रेज गुट रहा तैनात
निशानदेही की करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान भी जाट सभा की गुटबाजी दिखाई दी। अंग्रेज गुट इस दौरान मौके पर मौजूद रहा और निशानदेही में खामी पाए जाने पर आपत्ति भी जताई। अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट कहा कि अदालत के आदेश स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन गलत निशानदेही नहीं होने दी जाएगी। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जाट सभा में अंग्रेज गुट व राजकुमार ढूल गुट के बीच खींचतान चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed