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लाडवा विधायक आवास पर नहीं मिले तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने वहीं फूंकी ज्ञापन की प्रतियां
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:30 AM IST
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विधायक को सब्जी, दूध देने पहुंचे भाकियू नेता, नहीं मिले तो लौटकर गए और मुख्यमंत्री का पुतला ले जाकर उनके आवास के सामने फूंका
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मांगों को लेकर एक जून से गांव बंद आंदोलन चला रहे भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार को उस समय भड़क गए जब वे लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी के सेक्टर सात स्थित आवास पर सब्जियां, दूध व ज्ञापन लेकर पहुंचे और विधायन नहीं मिले और न ही उनका कोई प्रतिनिधि मिला। इससे नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने विधायक व केेंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानमंत्री का पुतला ले आए और विधायक आवास के बाहर उसे फूंककर ज्ञापन की प्रतियां भी जलाईं। भाकियू कार्यकर्ता सुबह ही अनाज मंडी पिपली में दिए जा रहे धरनास्थल पर पहुंचे। जहां से वे जुलूस के रूप में दोपहर के समय तय कार्यक्रम के अनुसार हाथों में सब्जियां, चीनी व दूध लेकर विधायक आवास पर पहुंचे। कार्यकर्ता ज्ञापन भी लिए हुए थे। उन्होंने विधायक को सब्जियां, चीनी व दूध के साथ ज्ञापन देकर रोष जताना चाहते थे।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के नेतृत्व में इन कार्यकर्ताओं ने रोष जताया, लेकिन यहां उन्हें न विधायक मिले और न हीं उनका कोई प्रतिनिधि ही मिला। यह जानकर वे भड़क गए और वापस जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर आए विधायक आवास के बाहर ही यह पुतला व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन की प्रतियां भी फूंकी और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने विभिन्न माध्यमों से विधायक को सब्जियां, चीनी व दूध के साथ ज्ञापन देने के कार्यक्रम से अवगत कराया हुआ था, इसके बावजूद भी वे जानबूझ कर उन्हें दरकिनार करते हुए आवास से निकल गए और यह किसानों की जानबूझ कर की जा रही अनदेखी का प्रमाण है। इस दौरान कृष्ण कुमार कलाल माजरा, बलकार सिंह सहित बड़ी संख्या में भाकियू के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।
ज्ञापन में ये की गई मांगें
राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से राष्ट्रपति के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ किया जाए, फसलों के लागत मूल्य पर 50 फीसदी लाभ सहित मूल्य दिया जाए, किसानों की आय सुनिश्चित की जाए व दूध व सब्जी का भी एमएसपी निर्धारित किया जाए। किसानों ने कहा कि गांव बंद आंदोलन के दौरान आठ दिन बीत जाने पर भी केंद्र सरकार ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी है, जिसके चलते इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों की मांग व समस्याओं से अवगत कराना पड़ा है।
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आज करेंगे भूख हड़ताल
भाकियू नेता व कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही पत्रकारों को बताया कि 9 जून को धरना स्थल पर भूख हड़ताल की जाएगी, ताकि सरकार को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जा सके। इसके बाद 10 जून को भारत बंद के तहत हरियाणा बंद कराया जाएगा और इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति बना ली गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मांगों को लेकर एक जून से गांव बंद आंदोलन चला रहे भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार को उस समय भड़क गए जब वे लाडवा विधायक डॉ. पवन सैनी के सेक्टर सात स्थित आवास पर सब्जियां, दूध व ज्ञापन लेकर पहुंचे और विधायन नहीं मिले और न ही उनका कोई प्रतिनिधि मिला। इससे नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने विधायक व केेंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधानमंत्री का पुतला ले आए और विधायक आवास के बाहर उसे फूंककर ज्ञापन की प्रतियां भी जलाईं। भाकियू कार्यकर्ता सुबह ही अनाज मंडी पिपली में दिए जा रहे धरनास्थल पर पहुंचे। जहां से वे जुलूस के रूप में दोपहर के समय तय कार्यक्रम के अनुसार हाथों में सब्जियां, चीनी व दूध लेकर विधायक आवास पर पहुंचे। कार्यकर्ता ज्ञापन भी लिए हुए थे। उन्होंने विधायक को सब्जियां, चीनी व दूध के साथ ज्ञापन देकर रोष जताना चाहते थे।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के नेतृत्व में इन कार्यकर्ताओं ने रोष जताया, लेकिन यहां उन्हें न विधायक मिले और न हीं उनका कोई प्रतिनिधि ही मिला। यह जानकर वे भड़क गए और वापस जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला लेकर आए विधायक आवास के बाहर ही यह पुतला व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन की प्रतियां भी फूंकी और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने विभिन्न माध्यमों से विधायक को सब्जियां, चीनी व दूध के साथ ज्ञापन देने के कार्यक्रम से अवगत कराया हुआ था, इसके बावजूद भी वे जानबूझ कर उन्हें दरकिनार करते हुए आवास से निकल गए और यह किसानों की जानबूझ कर की जा रही अनदेखी का प्रमाण है। इस दौरान कृष्ण कुमार कलाल माजरा, बलकार सिंह सहित बड़ी संख्या में भाकियू के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।
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ज्ञापन में ये की गई मांगें
राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से राष्ट्रपति के नाम तैयार किए गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ किया जाए, फसलों के लागत मूल्य पर 50 फीसदी लाभ सहित मूल्य दिया जाए, किसानों की आय सुनिश्चित की जाए व दूध व सब्जी का भी एमएसपी निर्धारित किया जाए। किसानों ने कहा कि गांव बंद आंदोलन के दौरान आठ दिन बीत जाने पर भी केंद्र सरकार ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी है, जिसके चलते इस ज्ञापन के माध्यम से किसानों की मांग व समस्याओं से अवगत कराना पड़ा है।
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आज करेंगे भूख हड़ताल
भाकियू नेता व कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही पत्रकारों को बताया कि 9 जून को धरना स्थल पर भूख हड़ताल की जाएगी, ताकि सरकार को किसानों की समस्याओं से अवगत कराया जा सके। इसके बाद 10 जून को भारत बंद के तहत हरियाणा बंद कराया जाएगा और इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति बना ली गई है।