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तापमान में आई बढोतरी से गेहूं निकासी में कमी आने के आसार, किसान परेशान
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:52 AM IST
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तापमान बढ़ने से 20 प्रतिशत तक गेहूं की पैदावार होगी कम
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। मौसम के एकाएक करवट बदलने एवं गर्मी बढ़ने से गेहूं की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत कमी आने के आसार बन गए हैं। अब तक मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल था, लेकिन फरवरी में अधिक बरसात न होने और तेज हवा न चलने से गेहूं की फसल लहरा रही थी। गर्मी बढ़ने से जहां गेहूं की फसल में बीमारी लगने के आसार बढ़े हैं, वहीं गर्मी से फसल भी धीरे-धीरे पकने की बजाय एकदम से तैयार हो जाएगी, जिससे निकासी में कमी आने के आसार हैं। किसान विष्णु दत्त शर्मा, संजीव, तरसेम, अनिल, सौरव शर्मा तथा गौरव इत्यादि ने बताया कि मार्च माह में जहां तापमान 20 से 25 डिग्री तक रहना चाहिए था, लेकिन अब तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच में चल रहा है। इससे गेहूं की पौधा एकदम पकाव की ओर अग्रसर होने लगा है, जिससे गेहूं के उत्पादन में कमी आएगी। इस समय गेहूं में सिंचाई लगाने पर यह खेत में बिछ जाती है, जिससे किसान पर दोहरी मार पड़ रही है।
गेहूं के लिए 20 से 25 डिग्री तक तापमान सही : एडीओ
एडीओ सुशील शर्मा ने कहा कि मार्च माह में गेहूं के लिए 20 से 25 डिग्री तक तापमान रहना चाहिए, लेकिन इस वर्ष गर्मी जल्दी आने से तापमान में खासी बढ़ोत्तरी हो रही है। इस समय तापमान 30 से 34 डिग्री की बीच चल रहा है, जिससे गेहूं की पैदावार में कमी आने के आसार हैं। इस समय गेहूं की फसल पकने को हैं। ऐसे में अगर सिंचाई हो तो गेहूं के गिरने का डर बना रहता है। फिर भी किसान हवा का रुख देखकर हल्की सिंचाई लगा सकते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। मौसम के एकाएक करवट बदलने एवं गर्मी बढ़ने से गेहूं की पैदावार में 15 से 20 प्रतिशत कमी आने के आसार बन गए हैं। अब तक मौसम गेहूं की फसल के अनुकूल था, लेकिन फरवरी में अधिक बरसात न होने और तेज हवा न चलने से गेहूं की फसल लहरा रही थी। गर्मी बढ़ने से जहां गेहूं की फसल में बीमारी लगने के आसार बढ़े हैं, वहीं गर्मी से फसल भी धीरे-धीरे पकने की बजाय एकदम से तैयार हो जाएगी, जिससे निकासी में कमी आने के आसार हैं। किसान विष्णु दत्त शर्मा, संजीव, तरसेम, अनिल, सौरव शर्मा तथा गौरव इत्यादि ने बताया कि मार्च माह में जहां तापमान 20 से 25 डिग्री तक रहना चाहिए था, लेकिन अब तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच में चल रहा है। इससे गेहूं की पौधा एकदम पकाव की ओर अग्रसर होने लगा है, जिससे गेहूं के उत्पादन में कमी आएगी। इस समय गेहूं में सिंचाई लगाने पर यह खेत में बिछ जाती है, जिससे किसान पर दोहरी मार पड़ रही है।
गेहूं के लिए 20 से 25 डिग्री तक तापमान सही : एडीओ
एडीओ सुशील शर्मा ने कहा कि मार्च माह में गेहूं के लिए 20 से 25 डिग्री तक तापमान रहना चाहिए, लेकिन इस वर्ष गर्मी जल्दी आने से तापमान में खासी बढ़ोत्तरी हो रही है। इस समय तापमान 30 से 34 डिग्री की बीच चल रहा है, जिससे गेहूं की पैदावार में कमी आने के आसार हैं। इस समय गेहूं की फसल पकने को हैं। ऐसे में अगर सिंचाई हो तो गेहूं के गिरने का डर बना रहता है। फिर भी किसान हवा का रुख देखकर हल्की सिंचाई लगा सकते हैं।
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