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Kurukshetra News: ऋण न चुकाने पर उपभोक्ता से होगी 5.80 लाख की वसूली
Sun, 22 Mar 2026 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। लोन न चुकाने पर एक उपभोक्ता को अब पांच लाख 79 हजार 791.08 रुपये की वसूली देनी होगी। इस संबंध में सिविल जज जूनियर डिवीजन अनमोल कक्कड़ की अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ये आदेश दिया।
मामले के अनुसार जिरबड़ी निवासी अमर नाथ ने 6 अक्तूबर 2023 को योनो मोबाइल एप के माध्यम से प्री-अप्रूव्ड एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड के तहत 5.40 लाख रुपये का निजी लोन लिया था। लोन उपभोक्ता को 60 मासिक किश्तों में चुकाने का समझौता था जिसमें 12,301 रुपये प्रति माह की किस्त और बैंक के नियमों के अनुसार बदलते ब्याज दर शामिल थे। उपभोक्ता ने समय पर किस्तें जमा नहीं की जिसके कारण उसका खाता 4 सितंबर 2024 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित हो गया।
बैंक के कई बार मौखिक और लिखित अनुरोध के बाद 16 अप्रैल 2025 को लीगल नोटिस जारी किया लेकिन कोई भुगतान नहीं हुआ। परिणामस्वरूप बैंक ने सिविल सूट दायर किया। आरोपी अमर नाथ को नोटिस जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए जिसके कारण 25 जुलाई 2025 को उन्हें एक्स-पार्टे घोषित कर दिया गया।
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अदालत में बैंक की ओर से फील्ड ऑफिसर अंकित ने हलफनामा और दस्तावेज पेश किए जिसमें लोन एप्लीकेशन, स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट, डिस्चार्ज कोट और लीगल नोटिस शामिल थे। आरोपी की ओर से कोई जवाब या सबूत नहीं पेश होने पर अदालत ने प्रतिकूल अनुमान लगाया। अदालत ने तीन महीने के अंदर पूरी राशि चुकाने का निर्देश दिया, अन्यथा बैंक कानूनी कार्रवाई कर सकेगी।
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कुरुक्षेत्र। लोन न चुकाने पर एक उपभोक्ता को अब पांच लाख 79 हजार 791.08 रुपये की वसूली देनी होगी। इस संबंध में सिविल जज जूनियर डिवीजन अनमोल कक्कड़ की अदालत ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ये आदेश दिया।
मामले के अनुसार जिरबड़ी निवासी अमर नाथ ने 6 अक्तूबर 2023 को योनो मोबाइल एप के माध्यम से प्री-अप्रूव्ड एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड के तहत 5.40 लाख रुपये का निजी लोन लिया था। लोन उपभोक्ता को 60 मासिक किश्तों में चुकाने का समझौता था जिसमें 12,301 रुपये प्रति माह की किस्त और बैंक के नियमों के अनुसार बदलते ब्याज दर शामिल थे। उपभोक्ता ने समय पर किस्तें जमा नहीं की जिसके कारण उसका खाता 4 सितंबर 2024 को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) घोषित हो गया।
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बैंक के कई बार मौखिक और लिखित अनुरोध के बाद 16 अप्रैल 2025 को लीगल नोटिस जारी किया लेकिन कोई भुगतान नहीं हुआ। परिणामस्वरूप बैंक ने सिविल सूट दायर किया। आरोपी अमर नाथ को नोटिस जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए जिसके कारण 25 जुलाई 2025 को उन्हें एक्स-पार्टे घोषित कर दिया गया।
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अदालत में बैंक की ओर से फील्ड ऑफिसर अंकित ने हलफनामा और दस्तावेज पेश किए जिसमें लोन एप्लीकेशन, स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट, डिस्चार्ज कोट और लीगल नोटिस शामिल थे। आरोपी की ओर से कोई जवाब या सबूत नहीं पेश होने पर अदालत ने प्रतिकूल अनुमान लगाया। अदालत ने तीन महीने के अंदर पूरी राशि चुकाने का निर्देश दिया, अन्यथा बैंक कानूनी कार्रवाई कर सकेगी।