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भद्रकाली शक्तिपीठ में 40 फुट की राखी समर्पित कर दिया देश सेवा का संदेश
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में रक्षाबंधन का त्योहार इस बार भव्य स्तर पर मनाया गया। इस दौरान 40 फुट की राखी मां भद्रकाली जी को समर्पित कर देश सेवा का संदेश दिया गया। आजादी के अमृत महोत्सव पर मां भद्रकाली की पालकी को तिरंगे रंग से सजाया गया था। मंदिर परिसर को पुष्प और तिरंगे गुब्बारों से सजया गया था। मंदिर में भव्य राखी को देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी।
इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा, मुख्य पुजारिन शिमला देवी और अध्यक्ष नरेंद्र वालिया की अगुवाई में नगर की सुरक्षा के लिए समस्त सेवक मंडल के सदस्यों की उपस्थिति में 40 फुट की राखी मां भद्रकाली जी को समर्पित की गई। पीठाध्यक्ष ने बताया कि पहले 21 फुट की राखी की योजना थी, लेकिन समाज को देश सेवा का संदेश देने के उद्देश्य से राखी की कुल लंबाई 40 फुट कर दी गई। उन्होंने बताया कि यह राखी विशेष तौर पर देश को ध्यान में रखकर तैयार करवाई गई है। इस विशेष राखी का डाय मीटर पांच फुट, राखी के मुख्य हिस्से की लंबाई 10 फुट व तिरंगे रूपी डोरियों की लंबाई 15-15 फुट है। दोनों तरफ की डोरियों पर 1.5 फुट के धागों पर 12-12 प्लेकार्ड लगाए गए हैं जिन पर एक तरफ संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों और मंदिर के स्लोगन को दर्शाया गया।
प्लेकार्डो के दूसरी तरफ पर प्राचीन भारत के 12 महान ऋषि मुनियों के नाम और उनके द्वारा किए गए काम लिखे गए हैं, जिनमें महर्षि कणाद, बौधायन, वराह मिहिर, चाणक्य, सुश्रुत, चरक, नागार्जुन, भास्कराचार्य, पाणिनी, आर्यभट्ट, भारद्वाज व ऋषि पतंजलि शामिल किए गए हैं। हर घर तिरंगा महोत्सव के मद्देनजर यह राखी भारतीय तिरंगे को भी समर्पित है, जिसमें अशोक चक्र, सारनाथ से लिया गया राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ और भारत का नक्शा भी बनाया गया है। दूसरी तरफ मंदिर का नाम भी लिखा गया है। यह राखी सिर्फ भाई बहन के पवित्र संबंध को ही नहीं बल्कि भारत की अखंडता को भी दर्शाती है।
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इस दौरान नरेंद्र वालिया ने मां भद्रकाली को हरियाणा की पहचान तीन फुट की तिरंगा राखीनुमा फिरनी भेंट की। इस मौके पर विशेष तौर पर रक्षाबंधन के महत्व को दर्शाती श्री कृष्ण व द्रौपदी की मनमोहक झांकी भी प्रस्तुत की गई। फिर दोपहर 12 बजे आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में 75 विशेष थालियों से बहनों द्वारा भाइयों की आरती उतारी गई। आरती प्रत्येक थाली आजादी के बाद के प्रत्येक वर्ष को समर्पित की गई। नरेंद्र वालिया ने बताया कि इस बार मंदिर में सोमवार 15 अगस्त पर ध्वजारोहण कार्यक्रम व 18 अगस्त को रात्रि 9 से 12 बजे श्री कृष्ण जन्माष्टमी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर स्नेहिल शर्मा, मीना जोशी, सुनील धीमान, डॉ. संजय शर्मा,हेमराज शर्मा, देवेंद्र गर्ग, हाकम चौधरी संजय गोयल व एमके मौदगिल सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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इस मौके पर थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा, मुख्य पुजारिन शिमला देवी और अध्यक्ष नरेंद्र वालिया की अगुवाई में नगर की सुरक्षा के लिए समस्त सेवक मंडल के सदस्यों की उपस्थिति में 40 फुट की राखी मां भद्रकाली जी को समर्पित की गई। पीठाध्यक्ष ने बताया कि पहले 21 फुट की राखी की योजना थी, लेकिन समाज को देश सेवा का संदेश देने के उद्देश्य से राखी की कुल लंबाई 40 फुट कर दी गई। उन्होंने बताया कि यह राखी विशेष तौर पर देश को ध्यान में रखकर तैयार करवाई गई है। इस विशेष राखी का डाय मीटर पांच फुट, राखी के मुख्य हिस्से की लंबाई 10 फुट व तिरंगे रूपी डोरियों की लंबाई 15-15 फुट है। दोनों तरफ की डोरियों पर 1.5 फुट के धागों पर 12-12 प्लेकार्ड लगाए गए हैं जिन पर एक तरफ संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों और मंदिर के स्लोगन को दर्शाया गया।
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प्लेकार्डो के दूसरी तरफ पर प्राचीन भारत के 12 महान ऋषि मुनियों के नाम और उनके द्वारा किए गए काम लिखे गए हैं, जिनमें महर्षि कणाद, बौधायन, वराह मिहिर, चाणक्य, सुश्रुत, चरक, नागार्जुन, भास्कराचार्य, पाणिनी, आर्यभट्ट, भारद्वाज व ऋषि पतंजलि शामिल किए गए हैं। हर घर तिरंगा महोत्सव के मद्देनजर यह राखी भारतीय तिरंगे को भी समर्पित है, जिसमें अशोक चक्र, सारनाथ से लिया गया राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ और भारत का नक्शा भी बनाया गया है। दूसरी तरफ मंदिर का नाम भी लिखा गया है। यह राखी सिर्फ भाई बहन के पवित्र संबंध को ही नहीं बल्कि भारत की अखंडता को भी दर्शाती है।
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इस दौरान नरेंद्र वालिया ने मां भद्रकाली को हरियाणा की पहचान तीन फुट की तिरंगा राखीनुमा फिरनी भेंट की। इस मौके पर विशेष तौर पर रक्षाबंधन के महत्व को दर्शाती श्री कृष्ण व द्रौपदी की मनमोहक झांकी भी प्रस्तुत की गई। फिर दोपहर 12 बजे आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में 75 विशेष थालियों से बहनों द्वारा भाइयों की आरती उतारी गई। आरती प्रत्येक थाली आजादी के बाद के प्रत्येक वर्ष को समर्पित की गई। नरेंद्र वालिया ने बताया कि इस बार मंदिर में सोमवार 15 अगस्त पर ध्वजारोहण कार्यक्रम व 18 अगस्त को रात्रि 9 से 12 बजे श्री कृष्ण जन्माष्टमी का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर स्नेहिल शर्मा, मीना जोशी, सुनील धीमान, डॉ. संजय शर्मा,हेमराज शर्मा, देवेंद्र गर्ग, हाकम चौधरी संजय गोयल व एमके मौदगिल सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।