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16 दिन में बिका 4 लाख 29 हजार 403 एमटी धान, लेकिन अभी भी जीरो भुगतान
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सरकार द्वारा हर बार धान के सीजन में 72 घंटे में भुगतान के दावे किए जाते हैं, जोकि हर बार हवाहवाई हो जाते हैं। इस बार 26 सितंबर से धान का सीजन शुुरू था। तब से लेकर अब तक 16 दिन में विभिन्न एजेंसियों ने जिले की मंडियों और खरीद केंद्रों से 4 लाख 29 हजार 403 मैट्रिक टन धान खरीदा है, जिसकी कीमत 800 करोड़ से भी ज्यादा है। एजेंसियों द्वारा खरीदी गई इस धान का अब तक आढ़तियों को एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया है। वहीं, हर सीजन में यह भुगतान खरीद के 72 घंटों तक यह फिर 100 घंटे तक आढ़ती के खातों में आ जाया करता था। इस बार 16 दिन बीत जाने के बाद भी एजेंसियों ने एक चेक तक जारी नहीं किया है। भुगतान न होने के पीछे का कारण नई खरीद प्रणाली ही बताई जा रही है। आढ़तियों का कहना है कि भुगतान को लेकर कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। इस बार आढ़ती, किसान व मुनीम एक-एक रुपये के मोहताज हो गए हैं।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक की रिपोर्ट के आधार पर जिले की मंडियों और खरीद केंद्रों से 4 लाख 29 हजार 403 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। इसमें फूड सप्लाई विभाग ने 3 लाख 02 हजार 241 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1 लाख 26 हजार 922 मीट्रिक टन और एफसीआई द्वारा 240 मीट्रिक टन धान की खरीद का कार्य पूरा किया है। इसमें से फूड सप्लाई विभाग ने 1 लाख 98 हजार 694 मीट्रिक टन और हैफेड ने 74 हजार 42 मीट्रिक टन धान उठान कार्य सहित कुल 2 लाख 72 हजार, 736 मीट्रिक टन धान का उठान कार्य पूरा हो चुका है। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि मंडियों में धान खरीद कार्य के साथ-साथ धान उठान कार्य को भी निरंतर किया जाए। अधिकारी धान उठान कार्य को ओर तेजी से करवाना सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारी निरंतर मंडियों का दौरा करें और किसानों व व्यापारियों से बातचीत करे, अगर कोई समस्या आती है तो उसे तुरंत दूर करवाना सुनिश्चित करे।
आढ़तियों की जेब हुई खाली : दयालचंद
थानेसर अनाज मंडी के प्रधान दयालचंद ने कहा कि सीजन शुरु लुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर अभी उनके खातों में एक रुपया तक नहीं आया है, इस समय आढ़तियों की जेब पूरी तरह से खाली हो चुकी है। किसान आढ़तियों से अपनी फसल की कीमत मांग रहा है और आढ़ती एजेंसियों के आगे हाथ फैलाए बैठा है।
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नई पॉलिसी में नहीं कट रहे जे व ई फार्म : दौलत राम
अनाज मंडी के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने कहा कि पहले जब किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आता था तो आढ़ती तुरंत उसे जे फार्म काट कर दे देता था, जिससे की एजेंसी भी उसका माल उठाकर ले जाने के 72 घंटे के भीतर उसका भुगतान कर दिया करती थी, लेकिन इस बार पोर्टल के माध्यम से जे और ई फार्म काटे जाएंगे। जिस कारण अभी तक आढ़तियों के खाते में कोई रकम नहीं आई है। जिले की मंडियों का करीब 800 करोड़ से ज्यादा का भुगतान है तो एजेंसियों को करना है।
किसान, आढ़ती और मुनीम तीनों परेशान : अजय
पिपली अनाज मंडी के आढ़ती अजय सैनी ने कहा कि पहले तो आढ़ती व किसानों को सीजन शुरू होने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और अब 16 दिन बीत जाने पर भी एजेंसियों ने खरीदी फसल का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में किसान, आढ़ती और मुनीम तीनों बहुत परेशान हैं। एजेंसियों को जल्द से जल्द धान का भुगतान करना चाहिए, ताकि किसान अगली फसल की तैैयारी कर सके।
जल्द ही होगा भुगतान : डीएफएससी
डीएफएससी कुशल बुरा ने कहा कि जिस पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई धान का भुगतान किया जाना है, फिलहाल उस में कुछ खामियां चल रही हैं। इस बारे वह लगातार चंडीगढ़ बैठी टेक्निकल टीम से संपर्क कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस बारे उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है। कोशिश है कि आगामी तीन या चार दिनों में धान का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मंडियों में लगातार खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक खरीदे गए माल में से 65 प्रतिशत का उठान भी कर लिया गया है।
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जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक की रिपोर्ट के आधार पर जिले की मंडियों और खरीद केंद्रों से 4 लाख 29 हजार 403 मीट्रिक टन धान खरीदी गई है। इसमें फूड सप्लाई विभाग ने 3 लाख 02 हजार 241 मीट्रिक टन, हैफेड ने 1 लाख 26 हजार 922 मीट्रिक टन और एफसीआई द्वारा 240 मीट्रिक टन धान की खरीद का कार्य पूरा किया है। इसमें से फूड सप्लाई विभाग ने 1 लाख 98 हजार 694 मीट्रिक टन और हैफेड ने 74 हजार 42 मीट्रिक टन धान उठान कार्य सहित कुल 2 लाख 72 हजार, 736 मीट्रिक टन धान का उठान कार्य पूरा हो चुका है। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि मंडियों में धान खरीद कार्य के साथ-साथ धान उठान कार्य को भी निरंतर किया जाए। अधिकारी धान उठान कार्य को ओर तेजी से करवाना सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारी निरंतर मंडियों का दौरा करें और किसानों व व्यापारियों से बातचीत करे, अगर कोई समस्या आती है तो उसे तुरंत दूर करवाना सुनिश्चित करे।
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आढ़तियों की जेब हुई खाली : दयालचंद
थानेसर अनाज मंडी के प्रधान दयालचंद ने कहा कि सीजन शुरु लुए 16 दिन बीत चुके हैं, लेकिन भुगतान के नाम पर अभी उनके खातों में एक रुपया तक नहीं आया है, इस समय आढ़तियों की जेब पूरी तरह से खाली हो चुकी है। किसान आढ़तियों से अपनी फसल की कीमत मांग रहा है और आढ़ती एजेंसियों के आगे हाथ फैलाए बैठा है।
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नई पॉलिसी में नहीं कट रहे जे व ई फार्म : दौलत राम
अनाज मंडी के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल ने कहा कि पहले जब किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आता था तो आढ़ती तुरंत उसे जे फार्म काट कर दे देता था, जिससे की एजेंसी भी उसका माल उठाकर ले जाने के 72 घंटे के भीतर उसका भुगतान कर दिया करती थी, लेकिन इस बार पोर्टल के माध्यम से जे और ई फार्म काटे जाएंगे। जिस कारण अभी तक आढ़तियों के खाते में कोई रकम नहीं आई है। जिले की मंडियों का करीब 800 करोड़ से ज्यादा का भुगतान है तो एजेंसियों को करना है।
किसान, आढ़ती और मुनीम तीनों परेशान : अजय
पिपली अनाज मंडी के आढ़ती अजय सैनी ने कहा कि पहले तो आढ़ती व किसानों को सीजन शुरू होने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और अब 16 दिन बीत जाने पर भी एजेंसियों ने खरीदी फसल का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में किसान, आढ़ती और मुनीम तीनों बहुत परेशान हैं। एजेंसियों को जल्द से जल्द धान का भुगतान करना चाहिए, ताकि किसान अगली फसल की तैैयारी कर सके।
जल्द ही होगा भुगतान : डीएफएससी
डीएफएससी कुशल बुरा ने कहा कि जिस पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई धान का भुगतान किया जाना है, फिलहाल उस में कुछ खामियां चल रही हैं। इस बारे वह लगातार चंडीगढ़ बैठी टेक्निकल टीम से संपर्क कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस बारे उच्चाधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है। कोशिश है कि आगामी तीन या चार दिनों में धान का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मंडियों में लगातार खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक खरीदे गए माल में से 65 प्रतिशत का उठान भी कर लिया गया है।