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पहली बार मंच से इनेलो के दिग्गज का ऐलान अभय होंगे गठबंधन के सीएम

Sat, 19 May 2018 12:49 AM IST
Updated Sat, 19 May 2018 12:49 AM IST
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पहली बार मंच से इनेलो के दिग्गज का ऐलान अभय होंगे गठबंधन के सीएम
पहली बार मंच से इनेलो का एलान, अभय होंगे सीएम
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अगले विधानसभा चुनाव में इनेलो की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार कौन होंगे ? यह नाम अभय चौटाला के रूप में कुरुक्षेत्र में पहली बार किसी दिग्गज नेता के संबोधन में गूंजा। मौका था मौजूदा सरकार की नीतियों के खिलाफ इनेलो-बसपा गठबंधन के छठे जेल भरो आंदोलन का। जेल भरो आंदोलन से पहले इनेलो-बसपा गठबंधन ने अपनी ताकत दिखाने के लिये मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के रोड शो से एन एक दिन पहले कुरुक्षेत्र की अनाज मंडी में बड़ी जनसभा आयोजित की। इस रैली में इनेलो के कई बड़े चेहरे और बसपा के प्रदेशाध्यक्ष सहित गठबंधन दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे थे। दोनों को खारिज करते हुए आने वाला वक्त तीसरे मोर्चा का बताया गया। नेताओं की इस हुंकार के बीच जहां नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भावी प्रधानमंत्री बताया, वहीं इनेलो विधायक दल के उपनेता पूर्व कृषि मंत्री और पिहोवा से विधायक सरदार जसविंद्र सिंह संधू ने मंच पर भाषण के दौरान 2019 में इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनने पर अभय चौटाला के मुख्यमंत्री बनने की बात रखी। इनेलो नेताओं की माने तो यह पहला मौका था जब इस तरह से अभय चौटाला को किसी दिग्गज नेता ने भावी मुख्यमंत्री के रूप में संबोधित किया। हालांकि अब तक इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के प्रति पार्टी वर्करों में दिवानगी का आलम ये है कि जेबीटी भर्ती मामले में 10 साल की सजा के बाद, जहां वे चुनाव लड़ने के अयोग्य हो चुके हैं, वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं को यह सच्चाई गले नहीं उतर रही। लिहाजा आज भी जनसभाओं में और सोशल मीडिया में भावी मुख्यमंत्री के रूप में ओमप्रकाश चौटाला का ही नाम लिया जाता हैं। ऐसे में ये पहली बार है जब किसी बड़े नेता ने कुरुक्षेत्र में मंच से अभय चौटाला को सीएम के चेहरे के रूप में जाहिर किया। इसे सोची समझी रणनीति का हिस्सा भी करार दिया जा रहा है। जाहिर है कि वर्ष 2000 में इनेलो के सत्ता में आने पर ओमप्रकाश चौटाला ने मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट ने कुरुक्षेत्र के द्रोणाचार्य स्टेडियम में शपथ ली थी।
चौटाला ने दी जेल मैनुअल दुहाई, न पानी दिया न चाय पिलाई
अनाज मंडी से गिरफ्तारी के बाद इनेलो व बसपा कार्यकर्ताओं को पुलिस लाइन में ले जाया गया। जहां करीब एक घंटे बाद अभय चौटाला ने कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार व भीषण गर्मी के बावजूद सरकार व जिला प्रशासन कार्यकर्ताओं के लिए चाय व पानी का भी प्रबंध नहीं कर पाया है। यहां लोगों को पानी के लिए भी लाले पड़े हुए हैं, जबकि मुख्यमंत्री सैर-सपाटे कर रहे हैं। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था न कर पाने पर उन्होंने मौके पर तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए कहा, जिस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने माइक से ही कहा कि वे जो बन सकी वहीं व्यवस्था कर पाए। उन्होंने बताया कि उनके पास 1349 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की सूची है, जिन्हें सामूहिक तौर पर रिहा कर दिया गया है।
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चौटाला को नीली और भारती को हरी पगड़ी
इनेलो-बसपा के प्रदेशव्यापी जेल भरो आंदोलन से पहले कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में बसपा नेताओं ने जहां अभय चौटाला को नीली पगड़ी पहनाई, वहीं इनेलो नेताओं ने बसपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती को हरी पगड़ी पहनाई गई।
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नहीं आए सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय
एक और खास बात यह रही कि चौटाला परिवार जेल भरो आंदोलन के दौरान सांसद दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला नदारद रहे। गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को जहां जिला मुख्यालय पर गिरफ्तारी देने के लिये जाना था, वहीं जिला प्रशासन की ओर से किये गये प्रबंधों के अनुसार जनसभा स्थल पर ही गिरफ्तारी ली गई।
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