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प्रदेश भर के कच्चे कर्मचारियों ने पक्का किए जाने की मांग को लेकर भरी हुंकार
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:38 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
अब प्रदेश भर के कच्चे कर्मचारियों ने एकजुट होकर पक्का किए जाने की मांग को लेकर हुंकार भरी है। विभिन्न विभागों के कच्चे कर्मचारियों के लिए अब संयुक्त मोर्चा लड़ाई लड़ेगा। इसके लिए रविवार को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की विशेष बैठक जाट धर्मशाला में हुई। इस दौरान सभी सभी कच्चे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने सरकार पर दमनकारी नीति का आरोप लगाया और इसके खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त मंच से संघर्ष करने की आवाज बुलंद की।
बैठक में राजेंद्र शास्त्री को संयुक्त मोर्चे का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उन्होंने एकसुर में कहा कि प्रदेश सरकार से मांग है कि एक पॉलिसी बनाकर प्रदेश के सभी कच्चे कर्मचारियों को शीघ्र नियमित किया जाए अन्यथा इस शोषण के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान सभी संगठनों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर संदेह प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अंग्रेजों द्वारा बनाई गई दमनकारी नीति पर चल रही है। कहा कि जहां राजनीतिक दलों ने कच्चे कर्मचारियों का राजनीतिक फायदा उठाया है, लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया है।
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नियमित से ज्यादा काम और वेतन आधे से भी कम : शास्त्री
संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत लाखों कर्मचारी राजनीति का शिकार हैं। प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों से नियमित कर्मचारी की तुलना में कहीं अधिक काम लेती है और वेतनमान उनसे आधे से भी कम दिया जाता है। प्रदेश में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने बारे पॉलिसी भी बनाई गई है, लेकिन इस पॉलिसी का लाभ भी वर्षों से विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नहीं दिया गया, जिस कारण इनका अभी भी शोषण निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। इस शोषण के खिलाफ अब संयुक्त लड़ाई लड़ी जाएगी।
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ये यूनियन आईं बैठक में एकसाथ
संयुक्त बैठक में हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ, कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ, अनुबंधित कर्मचारी एसोसिएशन बिजली निगम, ग्रामीण/शहरी ट्यूबवेल ऑपरेटर संगठन, सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ, एनएचएम हरियाणा, कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, ऑल इंस्ट्रक्टर संघ, ऑल इंस्ट्रक्टर वर्कर वेलफेयर एसोसिएशन पशुपालन, अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ तथा सर्वशिक्षा अभियान संघ सहित अन्य यूनियन एकजुट रही।
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कुरुक्षेत्र।
अब प्रदेश भर के कच्चे कर्मचारियों ने एकजुट होकर पक्का किए जाने की मांग को लेकर हुंकार भरी है। विभिन्न विभागों के कच्चे कर्मचारियों के लिए अब संयुक्त मोर्चा लड़ाई लड़ेगा। इसके लिए रविवार को प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की विशेष बैठक जाट धर्मशाला में हुई। इस दौरान सभी सभी कच्चे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने सरकार पर दमनकारी नीति का आरोप लगाया और इसके खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त मंच से संघर्ष करने की आवाज बुलंद की।
बैठक में राजेंद्र शास्त्री को संयुक्त मोर्चे का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उन्होंने एकसुर में कहा कि प्रदेश सरकार से मांग है कि एक पॉलिसी बनाकर प्रदेश के सभी कच्चे कर्मचारियों को शीघ्र नियमित किया जाए अन्यथा इस शोषण के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान सभी संगठनों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर संदेह प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अंग्रेजों द्वारा बनाई गई दमनकारी नीति पर चल रही है। कहा कि जहां राजनीतिक दलों ने कच्चे कर्मचारियों का राजनीतिक फायदा उठाया है, लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया है।
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नियमित से ज्यादा काम और वेतन आधे से भी कम : शास्त्री
संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष राजेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत लाखों कर्मचारी राजनीति का शिकार हैं। प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों से नियमित कर्मचारी की तुलना में कहीं अधिक काम लेती है और वेतनमान उनसे आधे से भी कम दिया जाता है। प्रदेश में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने बारे पॉलिसी भी बनाई गई है, लेकिन इस पॉलिसी का लाभ भी वर्षों से विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नहीं दिया गया, जिस कारण इनका अभी भी शोषण निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। इस शोषण के खिलाफ अब संयुक्त लड़ाई लड़ी जाएगी।
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ये यूनियन आईं बैठक में एकसाथ
संयुक्त बैठक में हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ, कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ, अनुबंधित कर्मचारी एसोसिएशन बिजली निगम, ग्रामीण/शहरी ट्यूबवेल ऑपरेटर संगठन, सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ, एनएचएम हरियाणा, कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, ऑल इंस्ट्रक्टर संघ, ऑल इंस्ट्रक्टर वर्कर वेलफेयर एसोसिएशन पशुपालन, अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ तथा सर्वशिक्षा अभियान संघ सहित अन्य यूनियन एकजुट रही।