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खुले में पड़ा 30 लाख क्विंटल धान, अटकी रही सांसें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Oct 2022 02:12 AM IST
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30 lakh quintals of paddy lying in the open, breathing stuck
शनिवार शाम के समय बूंदाबांदी होने पर थानेसर अनाजमंडी में धान की ढेरी ढकते मजदूर। - फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। जिलेभर की अनाज मंडियों के हालात बेहतर नहीं हो पाए है। धान से भरी मंडियों से उठान कार्य उम्मीद अनुसार जोर नहीं पकड़ पा रहा है। किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में 30 क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। खुले में पड़े धान को ढकने तक की ठीक व्यवस्था तक नहीं है। शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छा जाने के चलते दिन भर किसानों की सांसें अटकी रही। शाम को बूंदाबांदी हुई तो धान की ढेरियां ढकने के लिए किसानों में होड़ सी लग गई। किसान धान ढांपने के लिए अपनी व्यवस्था के साथ ही मंडियां पहुंच रहे हैं और उन्हें प्रशासन के इंतजामों पर भरोसा नहीं है।
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किसानों के अनुसार बारिश होने पर करोड़ों रुपये का धान बर्बाद हो जाएगा। इसके लिए प्रशासन की लापरवाही ही जिम्मेदार रहेगी। शनिवार से कईं दिनों तक बारिश का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई दिनों से धान कटाई व मंडियों में आवक तेज हो गई थी, जिससे प्रशासन के सभी बंदोबस्त धवस्त हो गए। धान सड़कों पर व कच्ची जमीन पर भी डालने के लिए किसानों को मजबूर होना पड़ा। उधर आढ़तियों की मानें तो आज भी करीब 30 लाख क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।
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ढकने के लिए अपना पल्लड़ लेकर आना पड़ा : बलदेव
थानेसर अनाज मंडी में धान लेकर आए गांव अमीन के किसान बलदेव सिंह बारिश का मौसम देख अपना पल्लड़ भी साथ लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि प्रशासन के प्रबंधों की पोल पहले दिन से ही खुल रही है। उन्हें उम्मीद थी कि प्रशासन के प्रबंधों के सहारे बारिश से धान को नहीं बचाया जा सकेगा। ऐसे में वे अपना पल्लड़ लेकर पहुंचे हैं। मंडी में अधिकतर किसान खुद ही प्रबंध करने को मजबूर है। प्रशासन कुछ भी नहीं कर पा रहा। मंडियों में किसानों की दुर्गति हो रही है।
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मंडियों में नहीं है समुचित प्रबंध : सुरजीत
थानेसर अनाजमंडी में धान लेकर पहुंचे किसान सिरसमा निवासी सुरजीत सिंह का कहना था कि मंडियों में न खरीद समय पर हो पा रही है और न ही धान को बचाने के समुचित प्रबंध है। यहां तक कि तिरपाल तक भी मंडियों में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में किसान अपने घरों से ही तिरपाल लाने को मजबूर है, ताकि बारिश में धान को बचाया जा सके। उधर मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि धान की समय पर खरीद से लेकर उठान व बारिश में बचाव को लेकर समुचित प्रबंध किए गए हैं।
आज नहीं होगी धान की खरीद, किया जाएगा उठान
जिला की अनाज मंडियों में नौ अक्तूबर को धान की खरीद का कार्य नहीं होगा। इसलिए किसान अपनी फसलों को इस दिन मंडियों में ना लेकर आए। सभी किसान अपनी फसलों को अगले दिन सोमवार को लेकर आएं ताकि फसलों का खरीद कार्य सुचारु रुप से हो सके। यह जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि इन आदेशों की पालन करवाने के लिए सभी एजेंसियों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए है।

उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा लगातार उठान कार्य पर फोकस रखा जा रहा है। इस जिला में एक साथ ज्यादा आवक आ गई है, जिसके कारण मंडियों में धान रखने के लिए जगह कम पड़ गई है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। प्रशासन की तरफ से मंडिय़ों में धान की खरीद करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए हैं। इसलिए किसान धान खरीद कार्य में प्रशासन और सरकार का सहयोग करे।
यह है जिले की मंडियों की स्थिति
आवक--- 617703 मीट्रिक टन
खरीद--- 558745 मीट्रिक टन
उठान-- 279853 मीट्रिक टन
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