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पराली जलाने पर किए 295 चालान
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धान के खेत में जलाए गए अवशेष। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरसेक के माध्यम से 256 और अन्य 141 माध्यमों से 397 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की सूचनाएं प्राप्त हुई। निरीक्षण में 298 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि हुई। इसमें से एक नॉन एग्रीकल्चर भूमि पर आग लगी मिली तथा 87 जगहों का पता नहीं लग पाया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने 295 लोगों का चालान कर 7 लाख 22 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया फसल अवशेषों का प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा 965 किसानों के खाते में 73 लाख 16 हजार 340 रुपए की राशि जमा कराई जाएगी। इन किसानों ने 7316.34 एकड़ जमीन के फसल अवशेषों के बेलर बनाए। इन किसानों को बेलर बनाने पर सरकार के नियमानुसार एक हजार रुपये प्रति एकड़ मुहैया कराए जाएंगे। इस डाटा को पोर्टल पर भी अपडेट किया गया है। सरकार की इस योजना का लाभ प्रत्येक किसान उठा सकता है।
इस योजना को अपनाने वाले किसान को न तो केवल एक हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ मिलेगा, बल्कि फसल अवशेषों में आग लगाने और जुर्माना आदि से भी छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में 27 अक्तूबर तक मशीनों के माध्यम से व्यक्तिगत और सीएचसी स्तर पर एक लाख 33 हजार 730 बेलर और 57010 सुपर एसएमएस बनाए गए हैं। इस जिले में 965 किसानों द्वारा 7316.34 एकड़ जमीन पर फसल अवशेष का प्रबंधन करने पर 73 लाख 16 हजार 340 रुपये का लाभ भी दिया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। हरसेक के माध्यम से 256 और अन्य 141 माध्यमों से 397 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की सूचनाएं प्राप्त हुई। निरीक्षण में 298 जगहों पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि हुई। इसमें से एक नॉन एग्रीकल्चर भूमि पर आग लगी मिली तथा 87 जगहों का पता नहीं लग पाया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने 295 लोगों का चालान कर 7 लाख 22 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया फसल अवशेषों का प्रबंधन करने पर सरकार द्वारा 965 किसानों के खाते में 73 लाख 16 हजार 340 रुपए की राशि जमा कराई जाएगी। इन किसानों ने 7316.34 एकड़ जमीन के फसल अवशेषों के बेलर बनाए। इन किसानों को बेलर बनाने पर सरकार के नियमानुसार एक हजार रुपये प्रति एकड़ मुहैया कराए जाएंगे। इस डाटा को पोर्टल पर भी अपडेट किया गया है। सरकार की इस योजना का लाभ प्रत्येक किसान उठा सकता है।
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इस योजना को अपनाने वाले किसान को न तो केवल एक हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ मिलेगा, बल्कि फसल अवशेषों में आग लगाने और जुर्माना आदि से भी छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में 27 अक्तूबर तक मशीनों के माध्यम से व्यक्तिगत और सीएचसी स्तर पर एक लाख 33 हजार 730 बेलर और 57010 सुपर एसएमएस बनाए गए हैं। इस जिले में 965 किसानों द्वारा 7316.34 एकड़ जमीन पर फसल अवशेष का प्रबंधन करने पर 73 लाख 16 हजार 340 रुपये का लाभ भी दिया जाएगा।
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