{"_id":"698e36ef8d52a60db909861d","slug":"22-organizations-took-out-a-procession-and-staged-a-sit-in-at-the-mini-secretariat-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-150030-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: 22 संगठनों ने निकाला जुलूस लघु सचिवालय पर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: 22 संगठनों ने निकाला जुलूस लघु सचिवालय पर दिया धरना
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। धरने पर बैठे रोडवेज कर्मी। स्वयं
कुरुक्षेत्र। सर्व कर्मचारी संघ से जुड़े 22 अलग-अलग संगठनों के कुछ कर्मचारियों ने अपनी मांगों के लिए हड़ताल में हिस्सा लिया।देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में करीब 10 बजे प्रदर्शनकारी जन संघर्ष मंच हरियाणा, मनरेगा मजदूर यूनियन और निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के बैनर तले नए बस अड्डे पर मजदूर इकट्ठा हुए और नारे लगते हुए ताज पार्क पहुंचे। यहां अन्य जन संगठनों, मजदूर कर्मचारी यूनियनों के साथ मिलकर करीब 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। यहां दो घंटे प्रदर्शन करने के बाद सभी कर्मचारियों ने दो बजे एडीसी विवेक आर्य को अपना मांग पत्र सौंप धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि हड़ताल धरना प्रदर्शन तक सीमित रही। इस दौरान जिले में रोडवेज की बसें अपने निर्धारित रूटों पर दौड़ती नजर आईं। अस्पताल में ओपीडी सामान्य दिन की तरह रही। कई बैंकों की शाखाओं में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर हाेने के कारण नकदी व चेक आदी से जुड़ा काम प्रभावित हुआ। लघु सचिवालय व तहसील में कामकाज पूरी तरह चलता रहा। जिले में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आमजन पर कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी नियमित गैर शिक्षक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की सूचना पर विद्यार्थी भी प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए कम आए। इस कारण प्रशासनिक खंड की ओर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि एचकेआरएन के तहत भर्ती कर्मचारियों ने यहां मोर्चा संभाले रखा। वहीं नगर परिषद से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। जन संघर्ष मंच हरियाणा से कविता विद्रोही ने कहा कि मजदूर संगठनों के विरोध किए जाने पर भी केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को नई चार मजदूर-विरोधी श्रम-संहिताओं को लागू कर दिया है। कार्यस्थलों, कारखानों, खेतों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को यौन-उत्पीड़न, असमान वेतन, असुरक्षित कार्य-परिस्थितियों और हिंसा का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
रात दो बजे से चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस : हड़ताल की आगामी सूचना पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर रात दो बजे से ही पुलिस के जवान खड़े कर दिए गए। एक हजार जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि पूरे जिले में कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शांतिपूर्वक रही। हड़ताल की अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रधान बलवान मोर ने कहा कि हड़ताल किसी एक वर्ग, विभाग की नहीं है यह संविधान, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और जनसेवा बचाने की लड़ाई है।
विज्ञापन
हालांकि हड़ताल धरना प्रदर्शन तक सीमित रही। इस दौरान जिले में रोडवेज की बसें अपने निर्धारित रूटों पर दौड़ती नजर आईं। अस्पताल में ओपीडी सामान्य दिन की तरह रही। कई बैंकों की शाखाओं में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल पर हाेने के कारण नकदी व चेक आदी से जुड़ा काम प्रभावित हुआ। लघु सचिवालय व तहसील में कामकाज पूरी तरह चलता रहा। जिले में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आमजन पर कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भी नियमित गैर शिक्षक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की सूचना पर विद्यार्थी भी प्रशासनिक कार्य करवाने के लिए कम आए। इस कारण प्रशासनिक खंड की ओर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि एचकेआरएन के तहत भर्ती कर्मचारियों ने यहां मोर्चा संभाले रखा। वहीं नगर परिषद से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। जन संघर्ष मंच हरियाणा से कविता विद्रोही ने कहा कि मजदूर संगठनों के विरोध किए जाने पर भी केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को नई चार मजदूर-विरोधी श्रम-संहिताओं को लागू कर दिया है। कार्यस्थलों, कारखानों, खेतों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को यौन-उत्पीड़न, असमान वेतन, असुरक्षित कार्य-परिस्थितियों और हिंसा का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
रात दो बजे से चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस : हड़ताल की आगामी सूचना पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर रात दो बजे से ही पुलिस के जवान खड़े कर दिए गए। एक हजार जवानों ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि पूरे जिले में कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शांतिपूर्वक रही। हड़ताल की अध्यक्षता करते हुए ब्लॉक प्रधान बलवान मोर ने कहा कि हड़ताल किसी एक वर्ग, विभाग की नहीं है यह संविधान, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और जनसेवा बचाने की लड़ाई है।

कुरुक्षेत्र। धरने पर बैठे रोडवेज कर्मी। स्वयं

कुरुक्षेत्र। धरने पर बैठे रोडवेज कर्मी। स्वयं

कुरुक्षेत्र। धरने पर बैठे रोडवेज कर्मी। स्वयं