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शाहाबाद की तीन सड़कों के लिए सेंपल, उपायुक्त के निर्देश पर हुई कार्रवाई
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शाहाबाद की तीन सड़कों के भरे नमूने, डीसी के निर्देश पर कार्रवाई
- आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस की मांग पर हुई कार्रवाई
- अब दिल्ली की श्रीराम लैब में भेजे जाएंगे भरे गए सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस की मांग पर उपायुक्त के निर्देशानुसार कई सड़कों के नमूने भरे गए । यह कार्रवाई बुधवार को पीडब्लयूडी के एसडीओ युधिष्ठर मुदगिल, नपा सचिव अंकुश पराशर व एमई सतीश शर्मा की मौजूदगी में अमल में लाई गई। इस पर नगरपालिका भवन के पीछे गली वाली सड़क के, प्रताप मंडी और अग्रवाल धर्मशाला के पास से नमूने भरे गए। एसडीओ युधिष्ठर मुदगिला ने बताया कि टाईलस व सीमेंट कंकरीट के नमूने जांच के लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सेंपल को सील कर इंडिया की सबसे बड़ी टेस्टिंग लैब दिल्ली में भेजा जाएगा और वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से उन्होंने इन सड़कों के नमूने लिए जाने की मांग की थी, लेकिन उस समय नगरपालिका ने उनकी अनुपस्थिति में ही नमूने लेने की कार्रवाई कर डाली। जिससे वह संतुष्ट नहीं थे। इस कारण उन्होंन उपायुक्त को पत्र लिखकर फिर से इन सड़कों के नमूने लिए जाने की मांग रखी और बताया कि शिकायतकर्ता के बिना ही नमूने लिया जाना उचित कार्रवाई नहीं है, जिस पर उपायुक्त ने शाहाबाद एसडीएम को पत्र लिखकर एक टीम गठित करके और शिकायतकर्ता को साथ लेकर इन सड़कों के नमूने भरे जाने के निर्देश जारी किए। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ युधिष्टर मुदगिल, नपा सचिव अंकुश पराशर व एमई सतीश शर्मा को शामिल कर सड़कों के नूमने भरे गए। उल्लेखनीय है कि राकेश बैंस ने नगरपालिका सचिव से अनुमति प्राप्त कर नपा की तकनीकी टीम के साथ नगर की कईं सड़कों का निरीक्षण किया। जहां सड़कों के निर्माण में कथित तौर कईं त्रुटियां पाई गई थी। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस ने करीब साढे 6 सौ फीट की इस गली के निर्माण में मारकंडा की रेत भी इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था। राकेश बैंस ने कहा कि नियमों के मुताबिक टाईल व पाईप आईएसआई मार्का के ही होने चाहिए।
बजरी और रेत के भरे सैंपल
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आरटीआई कार्यकर्ता ने सभी सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त हुई बजरी का नमूने, नपा के पीछे बनी सड़क में प्रयुक्त हुई रेत का नमूनों सहित अन्य सैंपल की मांग की। राकेश ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर गलियों के निर्माण में नियमों के मुताबिक नहीं किया जा रहा और इसलिए वह जनता के पैसे के वेस्ट नहीं जाने देंगे। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि जहां-जहां निर्माण हो रहा है वहां लोग ध्यान रखें कि वहां मारकंडा की रेत का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा।
सामग्री में कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: नपा सचिव
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नपा सचिव अंकुश पराशर ने कहा कि जांच के बाद अगर सामग्री में कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और अगर सैंपल पूरी तरह से फेल आते हैं तो नोटिस के बाद ठेकेदार को ब्लेक लिस्ट भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों से उतरे लोहे के जंगले नपा स्टोर में रखवाए गए हैं नियमों के मुताबिक उन्हें संभाल कर रखा गया है।
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शाहाबाद की तीन सड़कों के भरे नमूने, डीसी के निर्देश पर कार्रवाई
- आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस की मांग पर हुई कार्रवाई
- अब दिल्ली की श्रीराम लैब में भेजे जाएंगे भरे गए सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस की मांग पर उपायुक्त के निर्देशानुसार कई सड़कों के नमूने भरे गए । यह कार्रवाई बुधवार को पीडब्लयूडी के एसडीओ युधिष्ठर मुदगिल, नपा सचिव अंकुश पराशर व एमई सतीश शर्मा की मौजूदगी में अमल में लाई गई। इस पर नगरपालिका भवन के पीछे गली वाली सड़क के, प्रताप मंडी और अग्रवाल धर्मशाला के पास से नमूने भरे गए। एसडीओ युधिष्ठर मुदगिला ने बताया कि टाईलस व सीमेंट कंकरीट के नमूने जांच के लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सेंपल को सील कर इंडिया की सबसे बड़ी टेस्टिंग लैब दिल्ली में भेजा जाएगा और वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस ने बताया कि आरटीआई के माध्यम से उन्होंने इन सड़कों के नमूने लिए जाने की मांग की थी, लेकिन उस समय नगरपालिका ने उनकी अनुपस्थिति में ही नमूने लेने की कार्रवाई कर डाली। जिससे वह संतुष्ट नहीं थे। इस कारण उन्होंन उपायुक्त को पत्र लिखकर फिर से इन सड़कों के नमूने लिए जाने की मांग रखी और बताया कि शिकायतकर्ता के बिना ही नमूने लिया जाना उचित कार्रवाई नहीं है, जिस पर उपायुक्त ने शाहाबाद एसडीएम को पत्र लिखकर एक टीम गठित करके और शिकायतकर्ता को साथ लेकर इन सड़कों के नमूने भरे जाने के निर्देश जारी किए। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम में पीडब्ल्यूडी के एसडीओ युधिष्टर मुदगिल, नपा सचिव अंकुश पराशर व एमई सतीश शर्मा को शामिल कर सड़कों के नूमने भरे गए। उल्लेखनीय है कि राकेश बैंस ने नगरपालिका सचिव से अनुमति प्राप्त कर नपा की तकनीकी टीम के साथ नगर की कईं सड़कों का निरीक्षण किया। जहां सड़कों के निर्माण में कथित तौर कईं त्रुटियां पाई गई थी। आरटीआई कार्यकर्ता राकेश बैंस ने करीब साढे 6 सौ फीट की इस गली के निर्माण में मारकंडा की रेत भी इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था। राकेश बैंस ने कहा कि नियमों के मुताबिक टाईल व पाईप आईएसआई मार्का के ही होने चाहिए।
बजरी और रेत के भरे सैंपल
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आरटीआई कार्यकर्ता ने सभी सड़कों के निर्माण में प्रयुक्त हुई बजरी का नमूने, नपा के पीछे बनी सड़क में प्रयुक्त हुई रेत का नमूनों सहित अन्य सैंपल की मांग की। राकेश ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर गलियों के निर्माण में नियमों के मुताबिक नहीं किया जा रहा और इसलिए वह जनता के पैसे के वेस्ट नहीं जाने देंगे। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि जहां-जहां निर्माण हो रहा है वहां लोग ध्यान रखें कि वहां मारकंडा की रेत का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा।
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सामग्री में कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: नपा सचिव
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नपा सचिव अंकुश पराशर ने कहा कि जांच के बाद अगर सामग्री में कमी पाई जाती है तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद नियमों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और अगर सैंपल पूरी तरह से फेल आते हैं तो नोटिस के बाद ठेकेदार को ब्लेक लिस्ट भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नाले-नालियों से उतरे लोहे के जंगले नपा स्टोर में रखवाए गए हैं नियमों के मुताबिक उन्हें संभाल कर रखा गया है।
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