{"_id":"5c2138fabdec2256dd105c8c","slug":"21545681146-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं बिक पाया मेले में आए शिल्पकारों और दुकानदारों का सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं बिक पाया मेले में आए शिल्पकारों और दुकानदारों का सामान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर लगा सरस एवं क्राफ्ट मेला विभिन्न तरह के सामान लेकर आए शिल्पकारों एवं दुकानदारों के लिए मिला-जुला रहा। हालांकि हरियाणा समेत विभिन्न प्रदेशों से आए लोगों ने अपनी सामग्री को पर्यटकों में बेचने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया। इसके बावजूद शिल्पकार और दुकानदार काफी सामान ग्राहकों को बेचने में पिछड़ गए। इसके चलते उन्हें लाखों का सामान आखिरकार सोमवार को समेटना पड़ा। हालांकि इससे पहले कई दुकानदारों ने मौके पर सेल लगाकर काफी सामग्री निकालने का प्रयास भी किया, जिसके कुछ हद तक कपड़े एवं लकड़ी के सामान आदि को ही तवज्जो मिल सकी। इसके अलावा धातु की मूर्तियों, जूट के बैग, लैदर जेकेट सहित काफी सामान बिके बिना रह गया। ऐसे में शिल्पकारों एवं दुकानदारों के पास सामान को ले जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।
उत्तर प्रदेश, कलकत्ता, कश्मीर, बिहार समेत दूर-दराज से सामान लेकर पहुंचे शिल्पकारों एवं दुकानदारों ने सोमवार को सुबह 10 बजे मेला स्थल पर सेल लगा सामग्री बेचने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बावजूद सामान नहीं बिका तो निराश दुकानदारों ने तट पर गाड़ियों को प्रबंध करके समय रहते सामान लोड करने में ही भलाई समझी। हालांकि सेल टेक्स अधिकारियों के डर से दुकानदारों ने पूरी बिकवाली की जानकारी देने से परहेज किया, लेकिन पूरे माल में से कितना प्रतिशत बेच पाए और कितना रह गया, इसको लेकर जरूर बोले। यूपी से आए एक शिल्पकार ने बताया कि सेल अच्छी हुई, लेकिन 40 प्रतिशत सामान बिके बगैर रह गया, जिसकी कीमत ढाई लाख के आसपास है। बचे हुए सामान को हजारों रुपये खर्च करके वापस ले जाना पड़ेगा। वहीं कलकत्ता से जूट का सामान बेचने आए दुकानदार ने कहा कि 30 प्रतिशत सामान नहीं बिक पाया। वहीं लकड़ी का सामान भी काफी नहीं बिक सका तो उसे भी लोड करते रहे। रेडीमेड डेकारेटेड फ्लोर मेट एवं आसन इत्यादि लेकर आने वाले विभिन्न दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार औसतन 40 से 50 लाख का सामान ले जाया जा रहा है। कई दुकानदारों ने कोशिश करके कुछ सामान बेचा जरूर, लेकिन जितना लेकर आए थे, उससे आधे से कम माल गाड़ियों में लोड करने का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
उत्तर प्रदेश, कलकत्ता, कश्मीर, बिहार समेत दूर-दराज से सामान लेकर पहुंचे शिल्पकारों एवं दुकानदारों ने सोमवार को सुबह 10 बजे मेला स्थल पर सेल लगा सामग्री बेचने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बावजूद सामान नहीं बिका तो निराश दुकानदारों ने तट पर गाड़ियों को प्रबंध करके समय रहते सामान लोड करने में ही भलाई समझी। हालांकि सेल टेक्स अधिकारियों के डर से दुकानदारों ने पूरी बिकवाली की जानकारी देने से परहेज किया, लेकिन पूरे माल में से कितना प्रतिशत बेच पाए और कितना रह गया, इसको लेकर जरूर बोले। यूपी से आए एक शिल्पकार ने बताया कि सेल अच्छी हुई, लेकिन 40 प्रतिशत सामान बिके बगैर रह गया, जिसकी कीमत ढाई लाख के आसपास है। बचे हुए सामान को हजारों रुपये खर्च करके वापस ले जाना पड़ेगा। वहीं कलकत्ता से जूट का सामान बेचने आए दुकानदार ने कहा कि 30 प्रतिशत सामान नहीं बिक पाया। वहीं लकड़ी का सामान भी काफी नहीं बिक सका तो उसे भी लोड करते रहे। रेडीमेड डेकारेटेड फ्लोर मेट एवं आसन इत्यादि लेकर आने वाले विभिन्न दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार औसतन 40 से 50 लाख का सामान ले जाया जा रहा है। कई दुकानदारों ने कोशिश करके कुछ सामान बेचा जरूर, लेकिन जितना लेकर आए थे, उससे आधे से कम माल गाड़ियों में लोड करने का सिलसिला शाम तक चलता रहा।
विज्ञापन