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45 लाख खर्च, फिर भी अधिकतर शहर की सुरक्षा चाक चौबंद नहीं
Updated Wed, 13 Jun 2018 12:35 AM IST
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सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने से लेकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए भले ही धर्मनगरी में पिछले करीब दो माह से 135 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, लेकिन 45 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नहीं हो पाई है। पूर्ण व्यवस्था के अभाव के चलते इन कैमरों में से अधिकतर बंद पड़े हुए है और ये महज नो सिगनल तक ही सिमट कर रह गए है तो वहीं आपराधिक व यातायात के नियमों की अवहेलना करने वाले चालक कैमरे बंद होने का फायदा उठा रहे हैं। हालांकि अधिकतर ऐसे मामलों की जांच में पुलिस के लिए यही कैमरे मददगार होते हैं, लेकिन बंद कैमरे होने के अनेकों मामलों की जांच भी अटकने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कैमरे बंद होने को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है तो वहीं बंद कैमरे जल्द दुरुस्त होंगे, यह भी फिलहाल संभावना दिखाई नहीं दे रही है। बता दें कि पिछले दो माह से शहर में यह कैमरे लगभग हर चौक पर लगाए गए और इनके लिए जिला सचिवालय भवन में सर्विलांस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जिसमें 7 एलईडी लगाए गए और इस कंट्रोल रूम का गत 18 मई को ही विधायक सुभाष सुधा ने उद्घाटन किया था। इस परियोजना पर 45 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
अब पूरी निगरानी नगर परिषद के पास : सिंगला
डीआईओ विनोद सिंगला का कहना है कि उनके विभाग ने इस परियोजना को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन उसके बाद इसके रख रखाव की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद के पास है।
बिजली कटों के चलते बंद रहते हैं अधिकतर कैमरे : भारती
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है लगभग सभी कैमरे बिजली आपूर्ति से ही जुड़े है और बिजली कट होने से अधिकतर कैमरे बंद रहते है। रेलवे रोड पर निर्माण कार्य के चलते भी शहर के अधिकतर क्षेत्र में बिजली कई-कई घंटे तक गुल रहती है, जिससे कैमरे भी नहीं चल पाते। जल्द ही प्रयास किया जाएगा की इन कैमरों को सौर ऊर्जा पैनल से चलाया जाए।
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2500 वाहनों के किए जा चुके हैं चालान
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के बाद करीब दो माह के दौरान अभी तक 2500 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अवहेलना पर किए जा सके हैं, जबकि अनेकों कैमरे बंद होने का फायदा ऐसे वाहन चालक खुले तौर पर उठा रहे है। संबंधित पुुलिस अधिकारियों की मानें तो सभी कैमरे दुरुस्त होने पर यातायात नियमों की अवहेलना पर चालान किए जाने का आंकड़ा दो माह में चार हजार तक हो सकता था।
खंगालती रही पुलिस, नहीं दिखा महिला से मोबाइल छीनने वाला
अंबेडकर चौक रेलवे फाटक पास एक महिला से मोबाइल छीनने के एक मामले में पुलिस मंगलवार को दिन भर सर्विलांस कंट्रोल रूम में फुटेज खंगालती रही, लेकिन एक सीमा के बाद आरोपी युवक दिखाई नहीं दिया, जिससे पुलिस की यह जांच आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे ही कई अन्य मामले पिछले कुछ दिनों के दौरान पुलिस के समक्ष आ चुके हैं, जिनकी जांच इन कैमरों के माध्यम से पूरी नहीं हो पाई।
पिंडारसी हत्याकांड का खुलासा करने में मददगार साबित हुए कैमरे
पुलिस अधिकारियों की मानें तो गत माह हुए पिंडारसी हत्याकांड मामले का खुलासा शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे मददगार साबित हुए है। पुलिस मोहन नगर के आसपास लगे कैमरों की मदद से ही आरोपियों तक पहुंच पाई। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में लाखों रुपये की लागत से लगाए सभी कैमरे दुरुस्त हो तो आपराधिक घटनाओं में अवश्य ही कमी आएगी। उधर पुलिस द्वारा दावा किया जा रहा है सर्विलांस कंट्रोल रूम स्थापित होने से पहले ही इन कैमरों की मदद से चोरी की 10 वारदात सुलझाई जा सकी है।
यहां-यहां लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे
शहर में कुल 135 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, इनमें से 6 कैमरे पिपली व लाडवा रोड पर, 3 कैमरे सेक्टर 2 और 3 के कट पर, 4 कैमरे जिंदल चौक पर, 3 कैमरे जिला जेल पुलिस लाइन रोड पर, 2 कैमरे नए बस स्टैंड रेड लाइट पर, 3 कैमरे मोहन नगर चौक, 4 कैमरे सर्किट हाउस चौक पर, 4 कैमरे अमीन रोड चौक पर, 4 कैमरे गोल बैंक चौक रेलवे रोड पर, 4 कैमरे कंडा चौक, 3 कैमरे शूरसेन चौक रेलवे रोड, 2 कैमरे आलूवालिया चौक मैन बाजार, 4 कैमरे आंबेडकर चौक, 2 कैमरे पुराना बस स्टैंड, 3 कैमरे रोटरी चौक, 3 कैमरे झांसा स्कूल चौक, 3 कैमरे भद्रकाली मंदिर चौक, 3 कैमरे गुरुद्वारा चौक, 2 कैमरे बिरला मंदिर चौक, 2 कैमरे एलएनजेपी चौक, 3 कैमरे केयू थर्ड गेट , 4 कैमरे बीआर इंटरनेश्रल चौक, 6 कैमरे सेक्टर 13 मार्केट, 6 कैमरे सेक्टर 5 मार्केट, 6 कैमरे सेक्टर 7 मार्केट, 32 कैमरे कुरुक्षेत्र शहर व नगर परिषद, 14 कैमरे मोहन नगर मार्केट में लगाए गए है।
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कुरुक्षेत्र। आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने से लेकर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए भले ही धर्मनगरी में पिछले करीब दो माह से 135 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, लेकिन 45 लाख रुपये खर्च किए जाने के बावजूद भी सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नहीं हो पाई है। पूर्ण व्यवस्था के अभाव के चलते इन कैमरों में से अधिकतर बंद पड़े हुए है और ये महज नो सिगनल तक ही सिमट कर रह गए है तो वहीं आपराधिक व यातायात के नियमों की अवहेलना करने वाले चालक कैमरे बंद होने का फायदा उठा रहे हैं। हालांकि अधिकतर ऐसे मामलों की जांच में पुलिस के लिए यही कैमरे मददगार होते हैं, लेकिन बंद कैमरे होने के अनेकों मामलों की जांच भी अटकने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कैमरे बंद होने को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास भी कोई ठोस जवाब नहीं है तो वहीं बंद कैमरे जल्द दुरुस्त होंगे, यह भी फिलहाल संभावना दिखाई नहीं दे रही है। बता दें कि पिछले दो माह से शहर में यह कैमरे लगभग हर चौक पर लगाए गए और इनके लिए जिला सचिवालय भवन में सर्विलांस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जिसमें 7 एलईडी लगाए गए और इस कंट्रोल रूम का गत 18 मई को ही विधायक सुभाष सुधा ने उद्घाटन किया था। इस परियोजना पर 45 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
अब पूरी निगरानी नगर परिषद के पास : सिंगला
डीआईओ विनोद सिंगला का कहना है कि उनके विभाग ने इस परियोजना को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन उसके बाद इसके रख रखाव की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद के पास है।
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बिजली कटों के चलते बंद रहते हैं अधिकतर कैमरे : भारती
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है लगभग सभी कैमरे बिजली आपूर्ति से ही जुड़े है और बिजली कट होने से अधिकतर कैमरे बंद रहते है। रेलवे रोड पर निर्माण कार्य के चलते भी शहर के अधिकतर क्षेत्र में बिजली कई-कई घंटे तक गुल रहती है, जिससे कैमरे भी नहीं चल पाते। जल्द ही प्रयास किया जाएगा की इन कैमरों को सौर ऊर्जा पैनल से चलाया जाए।
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2500 वाहनों के किए जा चुके हैं चालान
सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के बाद करीब दो माह के दौरान अभी तक 2500 वाहनों के चालान यातायात नियमों की अवहेलना पर किए जा सके हैं, जबकि अनेकों कैमरे बंद होने का फायदा ऐसे वाहन चालक खुले तौर पर उठा रहे है। संबंधित पुुलिस अधिकारियों की मानें तो सभी कैमरे दुरुस्त होने पर यातायात नियमों की अवहेलना पर चालान किए जाने का आंकड़ा दो माह में चार हजार तक हो सकता था।
खंगालती रही पुलिस, नहीं दिखा महिला से मोबाइल छीनने वाला
अंबेडकर चौक रेलवे फाटक पास एक महिला से मोबाइल छीनने के एक मामले में पुलिस मंगलवार को दिन भर सर्विलांस कंट्रोल रूम में फुटेज खंगालती रही, लेकिन एक सीमा के बाद आरोपी युवक दिखाई नहीं दिया, जिससे पुलिस की यह जांच आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे ही कई अन्य मामले पिछले कुछ दिनों के दौरान पुलिस के समक्ष आ चुके हैं, जिनकी जांच इन कैमरों के माध्यम से पूरी नहीं हो पाई।
पिंडारसी हत्याकांड का खुलासा करने में मददगार साबित हुए कैमरे
पुलिस अधिकारियों की मानें तो गत माह हुए पिंडारसी हत्याकांड मामले का खुलासा शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे मददगार साबित हुए है। पुलिस मोहन नगर के आसपास लगे कैमरों की मदद से ही आरोपियों तक पहुंच पाई। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में लाखों रुपये की लागत से लगाए सभी कैमरे दुरुस्त हो तो आपराधिक घटनाओं में अवश्य ही कमी आएगी। उधर पुलिस द्वारा दावा किया जा रहा है सर्विलांस कंट्रोल रूम स्थापित होने से पहले ही इन कैमरों की मदद से चोरी की 10 वारदात सुलझाई जा सकी है।
यहां-यहां लगाए गए थे सीसीटीवी कैमरे
शहर में कुल 135 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, इनमें से 6 कैमरे पिपली व लाडवा रोड पर, 3 कैमरे सेक्टर 2 और 3 के कट पर, 4 कैमरे जिंदल चौक पर, 3 कैमरे जिला जेल पुलिस लाइन रोड पर, 2 कैमरे नए बस स्टैंड रेड लाइट पर, 3 कैमरे मोहन नगर चौक, 4 कैमरे सर्किट हाउस चौक पर, 4 कैमरे अमीन रोड चौक पर, 4 कैमरे गोल बैंक चौक रेलवे रोड पर, 4 कैमरे कंडा चौक, 3 कैमरे शूरसेन चौक रेलवे रोड, 2 कैमरे आलूवालिया चौक मैन बाजार, 4 कैमरे आंबेडकर चौक, 2 कैमरे पुराना बस स्टैंड, 3 कैमरे रोटरी चौक, 3 कैमरे झांसा स्कूल चौक, 3 कैमरे भद्रकाली मंदिर चौक, 3 कैमरे गुरुद्वारा चौक, 2 कैमरे बिरला मंदिर चौक, 2 कैमरे एलएनजेपी चौक, 3 कैमरे केयू थर्ड गेट , 4 कैमरे बीआर इंटरनेश्रल चौक, 6 कैमरे सेक्टर 13 मार्केट, 6 कैमरे सेक्टर 5 मार्केट, 6 कैमरे सेक्टर 7 मार्केट, 32 कैमरे कुरुक्षेत्र शहर व नगर परिषद, 14 कैमरे मोहन नगर मार्केट में लगाए गए है।