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मनमाने ढंग से बांट दिए 21 लाख, देना होगा हिसाब : झींडा
Tue, 05 Aug 2025 06:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 05 Aug 2025 06:06 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा।
कुरुक्षेत्र। पूर्व कमेटी के कार्यकाल में सहायता के नाम पर मनमाने ढंग से 21 लाख रुपये बांट दिए गए। अब जिसने भी यह मनमानी की है उसे रकम वापस जमा करवानी होगी। ऐसा न करने पर संगत के सामने नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
ये विचार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कमेटी मुख्यालय पर बातचीत में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2014 से अब तक की गई आर्थिक सहायता का ऑडिट करवा रहे हैं ताकि संगत के सामने पूरी यह स्पष्ट हो सके कि गुरुघरों की गोल्लकों की राशि का कहां पर प्रयोग किया गया। झींडा ने कहा कि सबसे लंबा कार्यकाल मेरा खुद का रहा है और वे अपने एक-एक दिन का हिसाब दे रहे हैं लेकिन पूर्व की कमेटी में रहे कुछ लोगों को इससे परेशानी हो रही है।
इससे स्पष्ट संकेत हैं कि उन्होंने मनमानी करते हुए गलत तरीके से गोल्लकों की रकम बांटी होगी। झींडा ने कहा कि कुल बजट का 10 फीसदी राशि किसी भी सहायता के तौर पर रकम बांटी जा सकती है और यही प्रावधान है। ऐसे में दो लाख 10 हजार रुपये तक अधिकतम रकम हीं बांटी जा सकती थी लेकिन 21 लाख रुपये बांट दिए गए। इसके पीछे बड़ा संदेह जाता है और इसी के चलते ही
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उन्होंने सिर्फ पिछली ही नहीं वर्ष 2014 से अब तक रही कमेटी के कार्यकाल में किए गए इस आवंटन का ऑडिट करवा रहे हैं। इसके लिए सात सदस्यीय कमेटी के अलावा बजट कमेटी भी लगी है। झींडा ने कहा कि 15 दिन का समय संबंधित लोगों को दिया गया था और यह समय सीमा अगले दो-चार दिन में ही पूरी होने वाली है। रकम जमा नहीं कराई गई तो नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। संवाद
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ये विचार हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा ने कमेटी मुख्यालय पर बातचीत में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वे वर्ष 2014 से अब तक की गई आर्थिक सहायता का ऑडिट करवा रहे हैं ताकि संगत के सामने पूरी यह स्पष्ट हो सके कि गुरुघरों की गोल्लकों की राशि का कहां पर प्रयोग किया गया। झींडा ने कहा कि सबसे लंबा कार्यकाल मेरा खुद का रहा है और वे अपने एक-एक दिन का हिसाब दे रहे हैं लेकिन पूर्व की कमेटी में रहे कुछ लोगों को इससे परेशानी हो रही है।
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इससे स्पष्ट संकेत हैं कि उन्होंने मनमानी करते हुए गलत तरीके से गोल्लकों की रकम बांटी होगी। झींडा ने कहा कि कुल बजट का 10 फीसदी राशि किसी भी सहायता के तौर पर रकम बांटी जा सकती है और यही प्रावधान है। ऐसे में दो लाख 10 हजार रुपये तक अधिकतम रकम हीं बांटी जा सकती थी लेकिन 21 लाख रुपये बांट दिए गए। इसके पीछे बड़ा संदेह जाता है और इसी के चलते ही
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उन्होंने सिर्फ पिछली ही नहीं वर्ष 2014 से अब तक रही कमेटी के कार्यकाल में किए गए इस आवंटन का ऑडिट करवा रहे हैं। इसके लिए सात सदस्यीय कमेटी के अलावा बजट कमेटी भी लगी है। झींडा ने कहा कि 15 दिन का समय संबंधित लोगों को दिया गया था और यह समय सीमा अगले दो-चार दिन में ही पूरी होने वाली है। रकम जमा नहीं कराई गई तो नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। संवाद