{"_id":"5afdd78e4f1c1b1b5e8b544f","slug":"201526585230-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्लॉप शो साबित हुआ सरपंच व ग्राम सचिवों का चिंतन शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फ्लॉप शो साबित हुआ सरपंच व ग्राम सचिवों का चिंतन शिविर
Updated Fri, 18 May 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार की योजनाओं पर चिंतन करने के लिए न एडीसी पहुंचे और न अन्य अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिला प्रशासन द्वारा पंचायत भवन में वीरवार को आयोजित किया गया चिंतन शिविर फ्लॉप शो साबित हुआ, जिसमें न तो एडीसी पहुंचे और न ही किसी अन्य विभाग के अधिकारी। मुख्य रूप से एडीसी सहित अन्य अधिकारियों की शिविर में उपस्थित सरपंच और ग्राम सचिव उनका इंतजार करते रहे। हालांकि इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद व जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक ने अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी दी।
जिला प्रशासन की ओर से पंचायत भवन में वीरवार को चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें एडीसी अनीश यादव मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए थे। शिविर में सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों की ओर से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से सरपंच और ग्राम सचिवों को अवगत करवाना था। तय समय से करीब एक घंटा लेट शुरू हुए शिविर में एक घंटे तक एडीसी के आने की सरपंच व ग्राम सचिव राह देखते रहे। यहां तक कि उनके जल्द आने की सूचना बार-बार मंच से दी जाती रही तो एक बार रास्ते से किसी सरपंच व ग्राम सचिव की गाड़ी तक हटाने के लिए कहा गया, ताकि एडीसी को वहां तक आने में कोई परेशानी न हो, लेकिन शिविर संपन्न होने तक एडीसी नहीं आए। उनके अलावा कई अन्य विभागों के अधिकारी भी नहीं पहुंचे। हालांकि एडीसी से लेकर कई दूसरे अधिकारियों के भी न आने की वजह बताने से सभी अधिकारी कतराते रहे। उनके नहीं आने से शिविर में इसकी चर्चा होती रही। शिविर में कई सरपंच भी नहीं पहुंचे तो कुछ तो शिविर में आते ही निकल गए।
उधर कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने अपने विभाग से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की जनहित की योजनाओं, स्कीमों और नीतियों को लोगों की दहलीज और दरवाजे तक पहुंचाना हम सभी की सांझी जिम्मेदारी है। सभी विभागों को चाहिए कि वे अपने विभाग से संबंधित नीतियों का प्रचार-प्रसार करें, ताकि लोग स्कीमों का पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि हर विभाग के पास सरकार की कल्याणकारी योजनाएं है। ये ऐसी योजनाएं हैं जिनके कार्य रूप में परिणत करने से समाज के लोगों का सामाजिक और आर्थिक स्तर अपेक्षाकृत बेहतर होगा। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नए अध्यायों का सूत्रपात होगा। छिपी प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी। शिक्षा संबंधी योजना पर प्रकाश डालते हुए जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। शिविर में जिला रोजगार अधिकारी सीमा सैनी के अलावा स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य, बागवानी, खाद्य एवं आपूर्ति, रोजगार विभाग के अधिकारियों के साथ एडीसी कार्यालय के कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों से संबंधित जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिला प्रशासन द्वारा पंचायत भवन में वीरवार को आयोजित किया गया चिंतन शिविर फ्लॉप शो साबित हुआ, जिसमें न तो एडीसी पहुंचे और न ही किसी अन्य विभाग के अधिकारी। मुख्य रूप से एडीसी सहित अन्य अधिकारियों की शिविर में उपस्थित सरपंच और ग्राम सचिव उनका इंतजार करते रहे। हालांकि इस दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद व जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक ने अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी दी।
जिला प्रशासन की ओर से पंचायत भवन में वीरवार को चिंतन शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें एडीसी अनीश यादव मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए थे। शिविर में सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों की ओर से सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से सरपंच और ग्राम सचिवों को अवगत करवाना था। तय समय से करीब एक घंटा लेट शुरू हुए शिविर में एक घंटे तक एडीसी के आने की सरपंच व ग्राम सचिव राह देखते रहे। यहां तक कि उनके जल्द आने की सूचना बार-बार मंच से दी जाती रही तो एक बार रास्ते से किसी सरपंच व ग्राम सचिव की गाड़ी तक हटाने के लिए कहा गया, ताकि एडीसी को वहां तक आने में कोई परेशानी न हो, लेकिन शिविर संपन्न होने तक एडीसी नहीं आए। उनके अलावा कई अन्य विभागों के अधिकारी भी नहीं पहुंचे। हालांकि एडीसी से लेकर कई दूसरे अधिकारियों के भी न आने की वजह बताने से सभी अधिकारी कतराते रहे। उनके नहीं आने से शिविर में इसकी चर्चा होती रही। शिविर में कई सरपंच भी नहीं पहुंचे तो कुछ तो शिविर में आते ही निकल गए।
विज्ञापन
उधर कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने अपने विभाग से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की जनहित की योजनाओं, स्कीमों और नीतियों को लोगों की दहलीज और दरवाजे तक पहुंचाना हम सभी की सांझी जिम्मेदारी है। सभी विभागों को चाहिए कि वे अपने विभाग से संबंधित नीतियों का प्रचार-प्रसार करें, ताकि लोग स्कीमों का पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि हर विभाग के पास सरकार की कल्याणकारी योजनाएं है। ये ऐसी योजनाएं हैं जिनके कार्य रूप में परिणत करने से समाज के लोगों का सामाजिक और आर्थिक स्तर अपेक्षाकृत बेहतर होगा। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में नए अध्यायों का सूत्रपात होगा। छिपी प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी। शिक्षा संबंधी योजना पर प्रकाश डालते हुए जिला शिक्षा अधिकारी नमिता कौशिक और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि सरकार ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। शिविर में जिला रोजगार अधिकारी सीमा सैनी के अलावा स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य, बागवानी, खाद्य एवं आपूर्ति, रोजगार विभाग के अधिकारियों के साथ एडीसी कार्यालय के कर्मचारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों से संबंधित जानकारी दी।
विज्ञापन