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श्रावण के पहले सोमवार को शिवालयों में गूंजे बम-बम भोले हर-हर महादेव के जयकारे ं
Updated Tue, 11 Jul 2017 12:11 AM IST
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सावन के प्रथम सोमवार को निकली भगवान शिव की पालकी
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के शिवालयों में सावन के प्रथम सोमवार को बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। शिवालयों को विशेष तौर पर सजाया गया, जहां दिनभर शिव भक्तों की भीड़ रही और पूजा अर्चना को लेकर उनमें उत्साह बना रहा।
नगर के प्राचीन स्थानेश्वर महादेव, कालेश्वर महादेव, दुख भंजन महादेव सहित सभी मंदिरों में सुबह सेे ही लोगों की भीड़ रही। कई स्थानों पर मासिक शिवमहापुराण कथा आरंभ हुई, कहीं- कही पार्थिव शिवलिगों का पूजन हुआ। कई व्रतधारी भक्तों ने सोमवार व्रत कथा, सोलह सोमवार कथा, श्रावण महात्म्य कथा का आयोजन किया। नगर के प्राचीन श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर में शाम को भगवान शिव की पालकी निकाली गई। स्थान-स्थान पर इस शोभायात्रा का नगरवासियों ने स्वागत किया। महंत प्रभातपुरी के मार्गदर्शन में मंदिर से निकली यह पालकी झांसा रोड, भद्रकाली चौक, पीर वाली गली, सौदागरण मोहल्ला, शेखां वाला मोहल्ला, अंचला चौक, हांडा ग्राउंड, छोटा बाजार, मोती चौक, मेन बाजार और गोशाला बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंची। ब्राह्मण मंडल एवं महिला मंडल द्वारा भगवान शंकर के भजन सुनाए गए। बैंड की मधुर ध्वनि एवं ढोलक की थाप पर नाचते हुए शिव भक्तों ने ओम नम: शिवाय का जयकारा लगाया। रुद्राभिषेक को लेकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइने लगी रहीं। इस मौके पर स्वामी रोशनपुरी, नवलकिशोर पांडेय, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, ज्ञानचंद सचदेवा, रमेश सचदेवा, कृष्ण चंद, वजीर चंद ढल्ल, महावीर, नानक चंद गल्होत्रा, ओमभाई सुभाष भाई, सुरेश गुप्ता और अनिल पोपली आदि शामिल रही।
शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता हुआ शुरू
पिहोवा। श्रावण के पहले सोमवार को ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। पृथ्वेश्वर महादेव बड़ा शिवालय, पशुपति नाथ महादेव, ब्रह्मजून स्थित शिव मंदिर व आशुतोष महादेव मंदिर में सुबह से भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। भक्तों को भगवान भोले नाथ का अभिषेक करने के लिए काफी देर तक लाइन में इंतजार करना पड़ा। संग्मेश्वर धाम अरुणाय मंदिर में भगवान भोले नाथ के दर्शनों के लिए भक्तों घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कतार में लगे भक्तों के ओम नम: शिवाए, बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारों ने भक्तों में जोश भर दिया। इससे सारा वातावरण शिवमय हो गया। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, यूपी सहित अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में आए भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर मन्नतें मांगीं। संग्मेश्वर सेवा दल की ओर भक्तों की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए थे। भोलेनाथ के दर्शनों के लिए कतारों में लगे भक्तों को गर्मी ना लगे सेवादल की ओर से पंखे व पीने के ठंडे पानी का इंतजाम किया गया था। इसके अलावा दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
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महंत वासुदेव गिरी ने की पार्थिव शिवलिंग की पूजा
श्रावण के पहले सोमवार को मंदिर के महंत वासुदेव गिरी ने दीपक की बांबी की मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना की और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना कर इसे पानी में विसर्जित किया जाएगा। श्रावण माह में पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना करने से अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है। इस मौके पर महंत विश्व नाथ गिरी, भीमपुरी, सेवा दल के प्रधान भूषण गौतम, महेश बतरा, जय नारायण, शंभु नाथ, कृष्ण कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के शिवालयों में सावन के प्रथम सोमवार को बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। शिवालयों को विशेष तौर पर सजाया गया, जहां दिनभर शिव भक्तों की भीड़ रही और पूजा अर्चना को लेकर उनमें उत्साह बना रहा।
नगर के प्राचीन स्थानेश्वर महादेव, कालेश्वर महादेव, दुख भंजन महादेव सहित सभी मंदिरों में सुबह सेे ही लोगों की भीड़ रही। कई स्थानों पर मासिक शिवमहापुराण कथा आरंभ हुई, कहीं- कही पार्थिव शिवलिगों का पूजन हुआ। कई व्रतधारी भक्तों ने सोमवार व्रत कथा, सोलह सोमवार कथा, श्रावण महात्म्य कथा का आयोजन किया। नगर के प्राचीन श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर में शाम को भगवान शिव की पालकी निकाली गई। स्थान-स्थान पर इस शोभायात्रा का नगरवासियों ने स्वागत किया। महंत प्रभातपुरी के मार्गदर्शन में मंदिर से निकली यह पालकी झांसा रोड, भद्रकाली चौक, पीर वाली गली, सौदागरण मोहल्ला, शेखां वाला मोहल्ला, अंचला चौक, हांडा ग्राउंड, छोटा बाजार, मोती चौक, मेन बाजार और गोशाला बाजार होते हुए वापस मंदिर पहुंची। ब्राह्मण मंडल एवं महिला मंडल द्वारा भगवान शंकर के भजन सुनाए गए। बैंड की मधुर ध्वनि एवं ढोलक की थाप पर नाचते हुए शिव भक्तों ने ओम नम: शिवाय का जयकारा लगाया। रुद्राभिषेक को लेकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइने लगी रहीं। इस मौके पर स्वामी रोशनपुरी, नवलकिशोर पांडेय, राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, ज्ञानचंद सचदेवा, रमेश सचदेवा, कृष्ण चंद, वजीर चंद ढल्ल, महावीर, नानक चंद गल्होत्रा, ओमभाई सुभाष भाई, सुरेश गुप्ता और अनिल पोपली आदि शामिल रही।
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शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता हुआ शुरू
पिहोवा। श्रावण के पहले सोमवार को ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ देखने को मिली। पृथ्वेश्वर महादेव बड़ा शिवालय, पशुपति नाथ महादेव, ब्रह्मजून स्थित शिव मंदिर व आशुतोष महादेव मंदिर में सुबह से भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया। भक्तों को भगवान भोले नाथ का अभिषेक करने के लिए काफी देर तक लाइन में इंतजार करना पड़ा। संग्मेश्वर धाम अरुणाय मंदिर में भगवान भोले नाथ के दर्शनों के लिए भक्तों घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान कतार में लगे भक्तों के ओम नम: शिवाए, बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारों ने भक्तों में जोश भर दिया। इससे सारा वातावरण शिवमय हो गया। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, यूपी सहित अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में आए भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर मन्नतें मांगीं। संग्मेश्वर सेवा दल की ओर भक्तों की सुविधा के लिए इंतजाम किए गए थे। भोलेनाथ के दर्शनों के लिए कतारों में लगे भक्तों को गर्मी ना लगे सेवादल की ओर से पंखे व पीने के ठंडे पानी का इंतजाम किया गया था। इसके अलावा दिव्यांग व बुजुर्गों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
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महंत वासुदेव गिरी ने की पार्थिव शिवलिंग की पूजा
श्रावण के पहले सोमवार को मंदिर के महंत वासुदेव गिरी ने दीपक की बांबी की मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना की और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना कर इसे पानी में विसर्जित किया जाएगा। श्रावण माह में पार्थिव शिवलिंग की पूजा अर्चना करने से अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है। इस मौके पर महंत विश्व नाथ गिरी, भीमपुरी, सेवा दल के प्रधान भूषण गौतम, महेश बतरा, जय नारायण, शंभु नाथ, कृष्ण कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।