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Kurukshetra News: पॉक्सो व अपहरण के मामले में 20 वर्ष के कारावास की सजा
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कुरुक्षेत्र। अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट केस) ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए करनाल निवासी अनुज उर्फ बंटी को गुरुवार को 20 वर्ष कठोर कारावास तथा दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला आठ फरवरी 2021 का जब थाना सदर पिहोवा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उनकी नाबालिग बेटी बिना बताए किसी के साथ चली गई है। शिकायत पर थाना सदर में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच महिला उप-निरीक्षक कमलेश को सौंपी गई। जांच के दौरान गुमशुदा नाबालिग को बरामद कर लिया गया और मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जांच के दौरान आरोपी अनुज उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया गया तथा अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले का चालान अदालत में पेश किया गया।
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फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में नियमित सुनवाई के बाद, गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया।
इसके बाद अदालत ने आईपीसी धारा 363 (अपहरण) के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास, आईपीसी धारा 366-ए (नाबालिग को अपहरण करवाना) के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास, पॉक्सो एक्ट धारा 4 (2) (नाबालिग से दुष्कर्म) के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।
कुल मिलाकर दोषी को 20 वर्ष की अधिकतम सजा भुगतनी होगी, साथ ही दो लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
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मामला आठ फरवरी 2021 का जब थाना सदर पिहोवा निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उनकी नाबालिग बेटी बिना बताए किसी के साथ चली गई है। शिकायत पर थाना सदर में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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जांच महिला उप-निरीक्षक कमलेश को सौंपी गई। जांच के दौरान गुमशुदा नाबालिग को बरामद कर लिया गया और मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जांच के दौरान आरोपी अनुज उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया गया तथा अदालत में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले का चालान अदालत में पेश किया गया।
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फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में नियमित सुनवाई के बाद, गवाहों के बयानों और सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया।
इसके बाद अदालत ने आईपीसी धारा 363 (अपहरण) के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास, आईपीसी धारा 366-ए (नाबालिग को अपहरण करवाना) के तहत पांच वर्ष कठोर कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास, पॉक्सो एक्ट धारा 4 (2) (नाबालिग से दुष्कर्म) के तहत 20 वर्ष कठोर कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।
कुल मिलाकर दोषी को 20 वर्ष की अधिकतम सजा भुगतनी होगी, साथ ही दो लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।