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नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था हुई तहस नहस: विर्क
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:20 AM IST
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नोटबंदी का एक साल पूरा, विपक्ष कर रहा है घोर निंदा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
नोटबंदी का आज एक साल पूरा हो चुका हैं। देश के प्रधानमंत्री के फैसले के बाद लोगों ने करीब दो महीने तक कई तरह की समस्या झेली। हालांकि जनवरी के बाद स्थिति सामान्य होती गई। अब नोटबंदी का एक साल पूरा होने के बाद इस दिन को राजनीतिक दल काला दिवस और धोखा दिवस जैसी संज्ञाएं दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश ऑर्ब्जवर विशाल खुब्बड के मुताबिक उनकी पार्टी आठ नवंबर को धोखा दिवस के रूप में मना रही है। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता और पिहोवा के विधायक पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू ने कहा कि नोटबंदी के प्रभाव अब तक देश की जनता भुगत रही है। जिस मकसद के लिए नोटबंदी लागू की गई थी वो अब तक पूरा नहीं हुआ। नोटबंदी के बाद आतंकवाद, भ्रष्टाचार, महंगाई, जमाखोरी और कालाधन जैसी समस्या का हल अब तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और जीएसटी जैसी घोषणाओं को अमलीजामा पहनाकर हर वर्ग को बेहाल करने का काम किया है।
नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था हुई तहस नहस: विर्क
प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं कांग्रेस नेता हरमनदीप विर्क ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई। नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइनों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवां दी। मजदूर से लेकर व्यापारी तक इसकी चपेट में आ गया। इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस आठ नवंबर को काला दिवस के रूप में मनाएगी। भाजपा आठ नवंबर को स्वर्णिम दिन बताकर जनता के सामने दिखावा कर रहे हैं।
नोटबंदी से गई लाखों लोगों की नौकरी, ठप हुए लघु उद्योग : राजू
हलका इनेलो युवा अध्यक्ष राजू रामगढ़ रोड ने बताया कि नोटबंदी पूरी तरह से असफल रही है। भाजपा सरकार ने दावा किया था कि नोटबंदी से प्रचलन में कालाधन खत्म हो जाएगा। कालाधन तो खत्म नहीं हुआ, लोगों के कारोबार जरूर खत्म हो गए। उन्होंने बताया कि सरकार के पास अभी तक नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा हुए पैसे का सही आंकड़ा नहीं है। इसकी पोल स्वयं आरबीआई ने खोल दी है। इसके अलावा नोटबंदी से लाखों लोगों के नौकरी चली गई और लघु उद्योग ठप हो गए। देश के वित्त मंत्री के पास इन सब बातों का कोई जवाब नहीं है।
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नोटबंदी का फैसला साहसिक और सहारनीय : मित्तल
सदस्य निगरानी कमेटी पिहोवा सचिन मित्तल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का नोटबंदी का फैसला साहसिक और सराहनीय था। इसका पूरे देश ने समर्थन किया। नोटबंदी से कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया का जो सपना देखा था, वो भी कामयाब होता दिखाई दे रहा है। नोटबंदी को जिन पहलुओं के लिए लागू किया गया था, वह सभी सफल रहे है।
शादी की तैयारी के बीच घोषणा से मचा था परिवार में हड़कंप
प्रवेश कौशिक ने बताया कि उसकी भतीजी शीतल का विवाह 24 नवंबर का था। शादी से कई दिन पहले उन्होंने बैंक से पैसे निकाल लिए थे। अचानक आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा होने के बाद उनके परिवार में हड़कंप मच गया। क्योंकि, अधिकांश नोट हजार और पांच सौ के थे। इन्हें बंद करने का ऐलान प्रधानमंत्री ने कर दिया। इसके बाद उन्होंने जो परेशानी झेली वह और उनके परिवार के सदस्य आज भी याद करते हैं। तब उन्होंने इधर-उधर से उधार लेकर शादी के प्रबंध किए थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
नोटबंदी का आज एक साल पूरा हो चुका हैं। देश के प्रधानमंत्री के फैसले के बाद लोगों ने करीब दो महीने तक कई तरह की समस्या झेली। हालांकि जनवरी के बाद स्थिति सामान्य होती गई। अब नोटबंदी का एक साल पूरा होने के बाद इस दिन को राजनीतिक दल काला दिवस और धोखा दिवस जैसी संज्ञाएं दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश ऑर्ब्जवर विशाल खुब्बड के मुताबिक उनकी पार्टी आठ नवंबर को धोखा दिवस के रूप में मना रही है। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के उपनेता और पिहोवा के विधायक पूर्व मंत्री जसविंद्र सिंह संधू ने कहा कि नोटबंदी के प्रभाव अब तक देश की जनता भुगत रही है। जिस मकसद के लिए नोटबंदी लागू की गई थी वो अब तक पूरा नहीं हुआ। नोटबंदी के बाद आतंकवाद, भ्रष्टाचार, महंगाई, जमाखोरी और कालाधन जैसी समस्या का हल अब तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और जीएसटी जैसी घोषणाओं को अमलीजामा पहनाकर हर वर्ग को बेहाल करने का काम किया है।
नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था हुई तहस नहस: विर्क
प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य एवं कांग्रेस नेता हरमनदीप विर्क ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में लिया गया था। नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई। नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइनों में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवां दी। मजदूर से लेकर व्यापारी तक इसकी चपेट में आ गया। इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस आठ नवंबर को काला दिवस के रूप में मनाएगी। भाजपा आठ नवंबर को स्वर्णिम दिन बताकर जनता के सामने दिखावा कर रहे हैं।
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नोटबंदी से गई लाखों लोगों की नौकरी, ठप हुए लघु उद्योग : राजू
हलका इनेलो युवा अध्यक्ष राजू रामगढ़ रोड ने बताया कि नोटबंदी पूरी तरह से असफल रही है। भाजपा सरकार ने दावा किया था कि नोटबंदी से प्रचलन में कालाधन खत्म हो जाएगा। कालाधन तो खत्म नहीं हुआ, लोगों के कारोबार जरूर खत्म हो गए। उन्होंने बताया कि सरकार के पास अभी तक नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा हुए पैसे का सही आंकड़ा नहीं है। इसकी पोल स्वयं आरबीआई ने खोल दी है। इसके अलावा नोटबंदी से लाखों लोगों के नौकरी चली गई और लघु उद्योग ठप हो गए। देश के वित्त मंत्री के पास इन सब बातों का कोई जवाब नहीं है।
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नोटबंदी का फैसला साहसिक और सहारनीय : मित्तल
सदस्य निगरानी कमेटी पिहोवा सचिन मित्तल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का नोटबंदी का फैसला साहसिक और सराहनीय था। इसका पूरे देश ने समर्थन किया। नोटबंदी से कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया का जो सपना देखा था, वो भी कामयाब होता दिखाई दे रहा है। नोटबंदी को जिन पहलुओं के लिए लागू किया गया था, वह सभी सफल रहे है।
शादी की तैयारी के बीच घोषणा से मचा था परिवार में हड़कंप
प्रवेश कौशिक ने बताया कि उसकी भतीजी शीतल का विवाह 24 नवंबर का था। शादी से कई दिन पहले उन्होंने बैंक से पैसे निकाल लिए थे। अचानक आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा होने के बाद उनके परिवार में हड़कंप मच गया। क्योंकि, अधिकांश नोट हजार और पांच सौ के थे। इन्हें बंद करने का ऐलान प्रधानमंत्री ने कर दिया। इसके बाद उन्होंने जो परेशानी झेली वह और उनके परिवार के सदस्य आज भी याद करते हैं। तब उन्होंने इधर-उधर से उधार लेकर शादी के प्रबंध किए थे।