{"_id":"5974dec34f1c1b53438b46e4","slug":"191500831427-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन के नकारात्मक रवैये से कुंटिया आन्दोलन तेज होगा: रामकुमार गुर्जर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन के नकारात्मक रवैये से कुंटिया आन्दोलन तेज होगा: रामकुमार गुर्जर
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
केयू में गैर शिक्षक कर्मचारियों की पूर्ण हड़ताल से दो दिन तक परेशानी झेल चुके विद्यार्थियों को सोमवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ इस बार लंबे संघर्ष के मूड में है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के प्रधान रामकुमार गुर्जर और महासचिव डा. दीपक शर्मा ने रविवार को केयू प्रशासन को चेतावनी देने के साथ सभी कर्मचारियों को सुबह 9 बजे दफ्तर की बजाय केयू के विजय पार्क में आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बुलाया है। बता दें कि कुंटिया की हड़ताल के बाद वीरवार और शुक्रवार को केयू के तमाम दफ्तरों में कामकाज ठप है। इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश के पश्चात सोमवार को पांचवें दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल के आसार बने हैं।
कुंटिया अध्यक्ष और महासचिव ने संयुक्त बयान में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक कुंटिया की प्रमुख मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। प्रशासन की तरफ से कुंटिया को अभी तक कोई भी सकारात्मक संकेत नहीं मिले। इससे पता चलता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कुंटिया को जानबूझ कर हड़ताल में धकेलना चाहता है। उन्होंने कहा कि कुंटिया की मांगों में ज्यादातर कार्य कर्मचारियों की सेलरी और एरियर से संबंधित हैं। विश्वविद्यालय के इतिहास में आजतक कभी भी डीए के एरियर को लेकर कुंटिया को नहीं कहना पड़ा। एओ/एसएओ की प्रमोशन (जो कि शुरू से चली आ रही हैं) में भी शर्तें लगाने की कोशिश की जा रहीं हैं, जिसे कुंटिया सहन नहीं करेगी। सातवें वेतन आयोग का हरियाणा सरकार पहले ही आदेश कर चुकी है, जिसे प्रशासन लागू करने में अनावश्यक देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि डीए का एरियर देने की बजाए एलटीसी नोटिफिकेशन जारी करके विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। कर्मचारियों को एलटीसी सातवें वेतन आयोग के आधार पर ही मिलनी चाहिए। डा. दीपक शर्मा के मुताबिक प्रशासन को इस बारे पहले भी मई माह और जुलाई के पहले सप्ताह में सचेत किया गया था एवं आंदोलन की चेतावनी दी गई थी,लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र।
केयू में गैर शिक्षक कर्मचारियों की पूर्ण हड़ताल से दो दिन तक परेशानी झेल चुके विद्यार्थियों को सोमवार को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ इस बार लंबे संघर्ष के मूड में है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के प्रधान रामकुमार गुर्जर और महासचिव डा. दीपक शर्मा ने रविवार को केयू प्रशासन को चेतावनी देने के साथ सभी कर्मचारियों को सुबह 9 बजे दफ्तर की बजाय केयू के विजय पार्क में आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए बुलाया है। बता दें कि कुंटिया की हड़ताल के बाद वीरवार और शुक्रवार को केयू के तमाम दफ्तरों में कामकाज ठप है। इसके बाद शनिवार और रविवार को अवकाश के पश्चात सोमवार को पांचवें दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल के आसार बने हैं।
कुंटिया अध्यक्ष और महासचिव ने संयुक्त बयान में कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक कुंटिया की प्रमुख मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। प्रशासन की तरफ से कुंटिया को अभी तक कोई भी सकारात्मक संकेत नहीं मिले। इससे पता चलता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कुंटिया को जानबूझ कर हड़ताल में धकेलना चाहता है। उन्होंने कहा कि कुंटिया की मांगों में ज्यादातर कार्य कर्मचारियों की सेलरी और एरियर से संबंधित हैं। विश्वविद्यालय के इतिहास में आजतक कभी भी डीए के एरियर को लेकर कुंटिया को नहीं कहना पड़ा। एओ/एसएओ की प्रमोशन (जो कि शुरू से चली आ रही हैं) में भी शर्तें लगाने की कोशिश की जा रहीं हैं, जिसे कुंटिया सहन नहीं करेगी। सातवें वेतन आयोग का हरियाणा सरकार पहले ही आदेश कर चुकी है, जिसे प्रशासन लागू करने में अनावश्यक देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि डीए का एरियर देने की बजाए एलटीसी नोटिफिकेशन जारी करके विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। कर्मचारियों को एलटीसी सातवें वेतन आयोग के आधार पर ही मिलनी चाहिए। डा. दीपक शर्मा के मुताबिक प्रशासन को इस बारे पहले भी मई माह और जुलाई के पहले सप्ताह में सचेत किया गया था एवं आंदोलन की चेतावनी दी गई थी,लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन