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- किसानों ने सड़कों पर फेंकी सब्जियां तो दूध आपूर्ति रोकी, केंद्र सरकार का फूका पुतला
Updated Mon, 04 Jun 2018 12:24 AM IST
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सड़कों पर फेंकी सब्जियां और रोकी दूध की आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर चलाए गए गांव बंद आंदोलन के तीसरे दिन भी कहीं सड़कों पर सब्जियां फेंकी गईं तो कहीं दूध की आपूर्ति रोक दी। कुरुक्षेत्र सब्जी मंडी व पिपली अनाज मंडी सहित कई जगहों पर धरना देने के साथ नारेबाजी भी की गई। सेक्टरों में दूध की आपूर्ति रोकने के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने सर्च अभियान चलाया। सब्जी मंडी में किसानों व आढ़तियों को पर्चे बांटकर आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। जबकि इस दौरान मंडी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। वहीं करीब आधा दर्जन किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करने के विरोध में गांव बगथला सहित दर्जनभर गांवों में 100 मोटरसाइकिलों से रोष रैली निकाली। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका। एक जून से शुरू हुए आंदोलन के बाद पिपली अनाज मंडी पर शुरू किया गया धरना देर शाम तक जारी रखा, जबकि इसके बाद व अल सुबह धरना सब्जी मंडी के बाहर दिया। किसानों के आंदोलन के चलते पुलिस प्रशासन भी सतर्कता बरते हुए है। सभी धरनास्थलों के आसपास पुलिस से लेकर खुफिया विभाग के कर्मचारी तैनात किए हुए हैं।
उधर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जहां गांव-गांव युवाओं को दूध व सब्जी शहरों की ओर आपूर्ति रोकने के लिए तैनात किया तो वहीं कुरुक्षेत्र शहर के सेक्टरों में सुबह के समय दूध विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली दूध की आपूर्ति रोकनेे के लिए सर्च अभियान भी चलाया। कई जगहों पर दूध विक्रेताओं ने मंगलवार से दूध नहीं बेचने की गुहार लगाते हुए दूध सड़कों पर गिराने से रोक लिया तो कई दूध विक्रेता भाकियू कार्यकर्ताओं को देख दूध बेचे बिना ही फरार हो गए।
दूध विक्रेता कर रहे सिंथेटिक दूध की सप्लाई, भाकियू ने की सैंपल भरने की मांग
शाहाबाद। शाहाबाद में किसानों ने तीसरे दिन सब्जियों को सड़कों पर फेंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां रविवार को भी सब्जी मंडी सुनसान रही। किसान दूध उत्पादक इस हड़ताल को पूरा समर्थन कर रहे हैं। भाकियू ने आरोप लगाया कि हड़ताल के बावजूद आपूर्ति किया जा रहा दूध सिंथेटिक है। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि सप्लाई हो रहे दूध के सैंपल भरे जाएं, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके। उधर
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गांव कलसानी अड्डे पर किसान जसबीर सिंह व मामू माजरा के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर कई गांवों में भी ग्रामीणों ने नाके लगाने शुरू कर दिए हैं, ताकि कोई किसान सब्जी लेकर गांव से बाहर न जाए। गांव कलसानी, कलयाना तथा मदनपुर में भी नाके लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका यह अभियान पूर्णतय: सफल है और आने वाले दिनों में इससे भारी सफलता मिलेगी।
वाट्सएप पर भी हो रहा खूब प्रचार
सोशल मीडिया पर भी वीडियो व मैसेज द्वारा अभियान को कामयाब बनाने के लिए प्रचार चल रहा है। एक पोस्ट के अनुसार सभी किसानों से अनुरोध किया है कि कृपा करके दूध, फल व सब्जियों को सड़क पर न फेंके । दूध को किसी मंदिर में, गुरुद्वारे में या अन्य किसी जरूरतमंद जगह पर दे दें। फल व सब्जियों को गोशाला में दे दें। इससे आपको आंदोलन भी सही चलेगा और खाद्य वस्तुओं का अनादर भी नहीं होगा।
दूध विक्रेताओं ने सड़कों पर दूध बहाने के आरोप में सौंपी शिकायत
शाहाबाद थाना प्रभारी मलकीत सिंह ने कहा है कि किसान आंदोलन की आड़ में शरारत करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि रविवार को दूध विक्रेता यूनियन के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल उन्हें मिला और गत दिवस मोहल्ला माजरी में दूध गिराने वाली घटना की शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उन्हें धमका रहे और जबरदस्ती उनका दूध सड़कों पर गिरा रहे हैं जिस पर थाना प्रभारी ने कहा कि इस तरह की वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर भाकियू नेताओं ने पुलिस उपाधीक्षक जगदीश राय को बताया कि वह तो केवल गांव-गांव जाकर प्रचार कर रहे हैं और अपनी ही सब्जियों को सड़कों पर गिरा रहे हैं किसी भी व्यक्ति से कहीं भी कोई जबरदस्ती भाकियू के किसी भी सदस्य ने नहीं की है
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर चलाए गए गांव बंद आंदोलन के तीसरे दिन भी कहीं सड़कों पर सब्जियां फेंकी गईं तो कहीं दूध की आपूर्ति रोक दी। कुरुक्षेत्र सब्जी मंडी व पिपली अनाज मंडी सहित कई जगहों पर धरना देने के साथ नारेबाजी भी की गई। सेक्टरों में दूध की आपूर्ति रोकने के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने सर्च अभियान चलाया। सब्जी मंडी में किसानों व आढ़तियों को पर्चे बांटकर आंदोलन में सहयोग करने की अपील की। जबकि इस दौरान मंडी के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। वहीं करीब आधा दर्जन किसानों के खिलाफ मामला दर्ज करने के विरोध में गांव बगथला सहित दर्जनभर गांवों में 100 मोटरसाइकिलों से रोष रैली निकाली। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका। एक जून से शुरू हुए आंदोलन के बाद पिपली अनाज मंडी पर शुरू किया गया धरना देर शाम तक जारी रखा, जबकि इसके बाद व अल सुबह धरना सब्जी मंडी के बाहर दिया। किसानों के आंदोलन के चलते पुलिस प्रशासन भी सतर्कता बरते हुए है। सभी धरनास्थलों के आसपास पुलिस से लेकर खुफिया विभाग के कर्मचारी तैनात किए हुए हैं।
उधर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जहां गांव-गांव युवाओं को दूध व सब्जी शहरों की ओर आपूर्ति रोकने के लिए तैनात किया तो वहीं कुरुक्षेत्र शहर के सेक्टरों में सुबह के समय दूध विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली दूध की आपूर्ति रोकनेे के लिए सर्च अभियान भी चलाया। कई जगहों पर दूध विक्रेताओं ने मंगलवार से दूध नहीं बेचने की गुहार लगाते हुए दूध सड़कों पर गिराने से रोक लिया तो कई दूध विक्रेता भाकियू कार्यकर्ताओं को देख दूध बेचे बिना ही फरार हो गए।
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दूध विक्रेता कर रहे सिंथेटिक दूध की सप्लाई, भाकियू ने की सैंपल भरने की मांग
शाहाबाद। शाहाबाद में किसानों ने तीसरे दिन सब्जियों को सड़कों पर फेंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यहां रविवार को भी सब्जी मंडी सुनसान रही। किसान दूध उत्पादक इस हड़ताल को पूरा समर्थन कर रहे हैं। भाकियू ने आरोप लगाया कि हड़ताल के बावजूद आपूर्ति किया जा रहा दूध सिंथेटिक है। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि सप्लाई हो रहे दूध के सैंपल भरे जाएं, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो सके। उधर
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गांव कलसानी अड्डे पर किसान जसबीर सिंह व मामू माजरा के नेतृत्व में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दूसरी ओर कई गांवों में भी ग्रामीणों ने नाके लगाने शुरू कर दिए हैं, ताकि कोई किसान सब्जी लेकर गांव से बाहर न जाए। गांव कलसानी, कलयाना तथा मदनपुर में भी नाके लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका यह अभियान पूर्णतय: सफल है और आने वाले दिनों में इससे भारी सफलता मिलेगी।
वाट्सएप पर भी हो रहा खूब प्रचार
सोशल मीडिया पर भी वीडियो व मैसेज द्वारा अभियान को कामयाब बनाने के लिए प्रचार चल रहा है। एक पोस्ट के अनुसार सभी किसानों से अनुरोध किया है कि कृपा करके दूध, फल व सब्जियों को सड़क पर न फेंके । दूध को किसी मंदिर में, गुरुद्वारे में या अन्य किसी जरूरतमंद जगह पर दे दें। फल व सब्जियों को गोशाला में दे दें। इससे आपको आंदोलन भी सही चलेगा और खाद्य वस्तुओं का अनादर भी नहीं होगा।
दूध विक्रेताओं ने सड़कों पर दूध बहाने के आरोप में सौंपी शिकायत
शाहाबाद थाना प्रभारी मलकीत सिंह ने कहा है कि किसान आंदोलन की आड़ में शरारत करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि रविवार को दूध विक्रेता यूनियन के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल उन्हें मिला और गत दिवस मोहल्ला माजरी में दूध गिराने वाली घटना की शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उन्हें धमका रहे और जबरदस्ती उनका दूध सड़कों पर गिरा रहे हैं जिस पर थाना प्रभारी ने कहा कि इस तरह की वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर भाकियू नेताओं ने पुलिस उपाधीक्षक जगदीश राय को बताया कि वह तो केवल गांव-गांव जाकर प्रचार कर रहे हैं और अपनी ही सब्जियों को सड़कों पर गिरा रहे हैं किसी भी व्यक्ति से कहीं भी कोई जबरदस्ती भाकियू के किसी भी सदस्य ने नहीं की है