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बारीक किस्म के धान की बोली ने होने से किसान व आढ़ती परेशान
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:11 AM IST
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बारीक धान की बोली न होने से किसान और आढ़ती परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
अनाज मंडी में बिकवाली के लिए आ रहे बारीक किस्म के धान की व्यापारियों द्वारा बोली न किए जाने और व्यापारियों द्वारा धान को मनमर्जी के दामों पर खरीदने से किसानों में रोष व्याप्त है। बोली न होने के कारण परेशान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्याप्त किया। किसान जयपाल, हरीश छपरा, प्रदीप, गौरव शर्मा जंधेडी आदि ने बताया कि इस समय अनाज मंडी में जो बासमती किस्म की धान बिकवाली के आ रही है। व्यापारी धान की बोली न कर मनमर्जी के दामों पर खरीद रहे है, जिससे किसानों का शोषण होने के साथ-साथ उनका आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में बारीक धान की बोली नियमानुसार करवाई जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके और किसान का भी आर्थिक नुकसान होने से बच जाए। अगर अनाज मंडी में उनके धान को बोली प्रक्रिया के अनुसार नहीं खरीदा गया तो मजबूर होकर उन्हें अपना धान सड़कों पर डालना पड़ेगा। वहीं बोली न होने के कारण धान के सही दाम न मिलने पर आढ़तियों में भी खासा रोष व्याप्त है। आढ़तियों ने कहा कि बोली न होने से धान का सही दामों के बारे पता नहीं चलता और दाम न मिलने पर किसान संतुष्ट नहीं होते हैं।
बोली नहीं करवाई गई तो होगी कानूनी कार्रवाई: सचिव
मार्केट कमेटी सचिव रामकुमार दहिया ने कहा कि आज उन्हें इस मामले की सूचना मिली है। बोली की प्रक्रिया को करवाने के लिए आज व्यापारियों के बैठक बुलाई गई है। अगर फिर भी कोई बिना बोली नहीं की जाएगी तो उन व्यापारियों के खिलाफ कानून कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यापारी को प्रदेश सरकार के कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
अनाज मंडी में बिकवाली के लिए आ रहे बारीक किस्म के धान की व्यापारियों द्वारा बोली न किए जाने और व्यापारियों द्वारा धान को मनमर्जी के दामों पर खरीदने से किसानों में रोष व्याप्त है। बोली न होने के कारण परेशान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्याप्त किया। किसान जयपाल, हरीश छपरा, प्रदीप, गौरव शर्मा जंधेडी आदि ने बताया कि इस समय अनाज मंडी में जो बासमती किस्म की धान बिकवाली के आ रही है। व्यापारी धान की बोली न कर मनमर्जी के दामों पर खरीद रहे है, जिससे किसानों का शोषण होने के साथ-साथ उनका आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में बारीक धान की बोली नियमानुसार करवाई जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके और किसान का भी आर्थिक नुकसान होने से बच जाए। अगर अनाज मंडी में उनके धान को बोली प्रक्रिया के अनुसार नहीं खरीदा गया तो मजबूर होकर उन्हें अपना धान सड़कों पर डालना पड़ेगा। वहीं बोली न होने के कारण धान के सही दाम न मिलने पर आढ़तियों में भी खासा रोष व्याप्त है। आढ़तियों ने कहा कि बोली न होने से धान का सही दामों के बारे पता नहीं चलता और दाम न मिलने पर किसान संतुष्ट नहीं होते हैं।
बोली नहीं करवाई गई तो होगी कानूनी कार्रवाई: सचिव
मार्केट कमेटी सचिव रामकुमार दहिया ने कहा कि आज उन्हें इस मामले की सूचना मिली है। बोली की प्रक्रिया को करवाने के लिए आज व्यापारियों के बैठक बुलाई गई है। अगर फिर भी कोई बिना बोली नहीं की जाएगी तो उन व्यापारियों के खिलाफ कानून कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यापारी को प्रदेश सरकार के कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।
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