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अब अपनी सुरक्षा को लेकर खुद सड़कों पर उतरी महिलाएं
Updated Sun, 20 Aug 2017 10:32 PM IST
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अब अपनी सुरक्षा को लेकर खुद सड़कों पर उतरी महिलाएं
- ग्रीन अर्थ संगठन के आह्वान पर रात को घर-घर जाकर महिलाओं को किया जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। महिलाओं के साथ प्रदेश भर में जगह-जगह सामने आ रही छेड़छाड़ की घटनाओं से आहत होने के बाद अब महिलाओं ने अपनी सुरक्षा खुद करने का मन बना लिया है। महिलाएं ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अब न केवल सड़कों पर उतरने लगी है बल्कि रात के समय भी महिलाओं ने इसके विरोध में अभियान चलाने का साहस किया है। धर्मनगरी में भी सामाजिक संगठन ग्रीन अर्थ के आह्वान पर महिलाएं शनिवार देर रात सड़कों पर उतर आई तो उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने का भी कार्य किया। इस दौरान महिलाओं द्वारा सड़कों पर बैठकर छेड़छाड़ के विषय में खुल कर चर्चा की तो राहगीरों को भी जागरूक किया । समाजसेवी मोनिका भारद्वाज ने कहा कि हमारी समाजिक सरंचना के हिसाब से ज्यादातर भारतीय पुरुषों के साथ एक सामान्य परेशानी है कि अक्सर उन्होंने अपने परिवेश में स्वतंत्र, बेबाक, आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर, अकेली लड़कियां इतनी कम देखी हैं कि उन्हें देखते ही उनके अंदर एक अजीब किस्म की बौखलाट आ जाती है। ऐसी मानसिकता को खत्म करने का सिर्फ यही उपाय है कि लड़कियां, हर जगह, हर समय नजर आये । हमारा समाजिक परिवेश , समाजिक सरंचना खासकर लड़कों की आंखें लड़कियों की हर जगह और हर समय उपस्थिति से इतनी अभ्यस्त हो जाएं कि उन्हें कुछ अलग सा लगे ही नहीं। इस अभियान के दौरान प्रेरणा वृद्धाश्रम की अध्यक्ष रेनू खुगर ने कहा कि क़ानून में बदलाव कर ऐसे लोगो को सरेआम जुलूस निकलना चाहिए और फिर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए। समाजसेवी अन्नपूर्णा शर्मा ने कहा कानून का सख्ती से लागू न होना है। महिलाओं ने देर रात सड़क पर बैठकर लोकगीतों और अन्य माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद की और लड़कियों खासकर बच्चियों पर हो रही हिंसा पर गहन विमर्श किया। सबने अपने बेटों को भी अच्छी शिक्षा दने की शपथ ली।
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अब अपनी सुरक्षा को लेकर खुद सड़कों पर उतरी महिलाएं
- ग्रीन अर्थ संगठन के आह्वान पर रात को घर-घर जाकर महिलाओं को किया जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। महिलाओं के साथ प्रदेश भर में जगह-जगह सामने आ रही छेड़छाड़ की घटनाओं से आहत होने के बाद अब महिलाओं ने अपनी सुरक्षा खुद करने का मन बना लिया है। महिलाएं ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए अब न केवल सड़कों पर उतरने लगी है बल्कि रात के समय भी महिलाओं ने इसके विरोध में अभियान चलाने का साहस किया है। धर्मनगरी में भी सामाजिक संगठन ग्रीन अर्थ के आह्वान पर महिलाएं शनिवार देर रात सड़कों पर उतर आई तो उन्होंने घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने का भी कार्य किया। इस दौरान महिलाओं द्वारा सड़कों पर बैठकर छेड़छाड़ के विषय में खुल कर चर्चा की तो राहगीरों को भी जागरूक किया । समाजसेवी मोनिका भारद्वाज ने कहा कि हमारी समाजिक सरंचना के हिसाब से ज्यादातर भारतीय पुरुषों के साथ एक सामान्य परेशानी है कि अक्सर उन्होंने अपने परिवेश में स्वतंत्र, बेबाक, आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर, अकेली लड़कियां इतनी कम देखी हैं कि उन्हें देखते ही उनके अंदर एक अजीब किस्म की बौखलाट आ जाती है। ऐसी मानसिकता को खत्म करने का सिर्फ यही उपाय है कि लड़कियां, हर जगह, हर समय नजर आये । हमारा समाजिक परिवेश , समाजिक सरंचना खासकर लड़कों की आंखें लड़कियों की हर जगह और हर समय उपस्थिति से इतनी अभ्यस्त हो जाएं कि उन्हें कुछ अलग सा लगे ही नहीं। इस अभियान के दौरान प्रेरणा वृद्धाश्रम की अध्यक्ष रेनू खुगर ने कहा कि क़ानून में बदलाव कर ऐसे लोगो को सरेआम जुलूस निकलना चाहिए और फिर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए। समाजसेवी अन्नपूर्णा शर्मा ने कहा कानून का सख्ती से लागू न होना है। महिलाओं ने देर रात सड़क पर बैठकर लोकगीतों और अन्य माध्यमों से अपनी आवाज बुलंद की और लड़कियों खासकर बच्चियों पर हो रही हिंसा पर गहन विमर्श किया। सबने अपने बेटों को भी अच्छी शिक्षा दने की शपथ ली।