{"_id":"5ace5cde4f1c1b523e8b4b5c","slug":"171523473630-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन दिन से जारी बरसात से गेहूं की फसल होने लगी तबाह, किसानों में मचा हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन दिन से जारी बरसात से गेहूं की फसल होने लगी तबाह, किसानों में मचा हाहाकार
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन में 44 एमएम हुई बारिश, 700 किसानों ने खराब फसलों की दर्ज कराईं शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिलाभर में पिछले तीन दिन के दौरान 44 एमएम बरसात हुई है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बुधवार को 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। सोमवार को जहां 20 एमएम बरसात हुई थी, वहीं मंगलवार को हल्की ओलावृष्टि के साथ 18 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। अगले दो दिन भी मौसम साफ न रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। लगातार बारिश व तेज हवाओं से गेहूं की फसल में बड़ा नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बुधवार तक जिलाभर से 700 किसानों ने फसल खराब होने की शिकायतें कृषि विभाग को दी हैं, जबकि यह आंकड़ा अगले दो दिन में एक हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी तरफ जिलाभर की मंडियों में पहुंचा गेहूं बारिश के पानी में भीग रहा है। तीसरे दिन भी बरसात सुबह ही शुरू हो गई और रुक-रुक कर होती रही। तीसरे दिन भी तेज हवाओं के चलने की वजह से गेहूं की फसल गिर गई। मंडियों में आए गेहूं को बचाने के लिए प्रबंध के किए जा रहे दावों से आगे नहीं बढ़ पाए तो गिरी हुई फसल में भी अब अनाज काला पड़ने लगा है। इससे ही जिलाभर के किसानों को कई लाखों का नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बारिश की वजह से फसल को हो रहे नुकसान की शिकायत भी लेकर किसान कृषि विभाग पहुंच रहे हैं। विभाग के अधिकारी शिकायतों को तो दर्ज कर ले रहे हैं, मगर यह अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि कितना नुकसान अब तक हुआ है।
गिरी फसलों को हो सकता है अधिक नुकसान : कर्मचंद
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व तेज हवाओं से जो फसल गिर गई है उसके ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। फसल गिरने से जहां अनाज काला पड़ सकता है, वहीं उत्पादन पर भी असर पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। किसानों से शिकायतें ली जा रही है और सबसे अधिक शिकायतें थानेसर ब्लॉक से ही अभी तक मिली है।
शाहाबाद मंडी में पानी की निकासी न होने से हजारों बोरियां भीगीं
शाहाबाद। लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अब फसल कटाई में देरी होगी और मंडी में लाया गया गेहूं नमी अधिक होने के कारण नहीं बिक पाएगा। शाहाबाद अनाज मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं भीगने से खराब हो रहा है। मंडी में पानी की निकासी न होने के कारण किसानों का गेहूं खराब हो रहा है। शाहाबाद अनाज मंडी के प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालडा बिट्टू, संजय बतरा, रवि गाबा, अजय गुप्ता, अशोक अग्रवाल, प्रवीण गर्ग, दलजीत सिंह चौधरी, महेंद्र अग्रवाल व पवन गुप्ता ने बताया कि मंडी प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए बोर करवाए थे, लेकिन वह फेल हो गया है। सारा पानी मंडी में जमा हो गया है। मंडी में बिजली की उपलब्धता न के बराबर है। आजकल मंडी में 24 घंटे बिजली दी जानी चाहिए, लेकिन नहीं मिल पा रही है। वहीं किसान तथा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन सतपाल खरींडवा, सूरजभान रत्नगढ, जयपाल चढूनी ने कहा कि आशा थी कि फसल आने पर कर्जा चुकाया जाएगा, लेकिन बारिश ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है।
विज्ञापन
धीरे-धीरे हो रही पानी की निकासी: मार्केट कमेटी सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव अफसर सिंह ने बताया कि मंडी परिसर में नया नाला निर्माणाधीन है, जो पहले नाले से ऊंचाई पर है। इस कारण धीरे-धीरे पानी की निकासी हो रही है। मंडी में नाले के निर्माण की परमिशन नहीं ली गई और मंडी प्रशासन द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कागजी कार्रवाई शुरू हुई है।
लाडवा में भी रुक-रुक कर होती रही बारिश
लाडवा। क्षेत्र में तीसरे दिन भी अचानक तेज हवा चलने के साथ बारिश शुरू होने से गेहूं की कटाई एवं सरकारी खरीद का काम प्रभावित रहा। अनाज मंडी में भी गेहूं खरीद का काम नहीं हुआ। मौसम के मिजाज को देख हुए मार्केट कमेटी के अधिकारी एवं कर्मचारी बरसात से पहले ही मंडी में दुकानों पर जाकर आढ़तियों को गेहूं की ढेरियों एवं कट्टों को ढकने के निर्देश देते रहे, जिससे ज्यादातर गेहूं के कट्टे एवं गेहूं भीगने से बच गया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिलाभर में पिछले तीन दिन के दौरान 44 एमएम बरसात हुई है। बुधवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बुधवार को 10 एमएम बारिश दर्ज की गई। सोमवार को जहां 20 एमएम बरसात हुई थी, वहीं मंगलवार को हल्की ओलावृष्टि के साथ 18 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। अगले दो दिन भी मौसम साफ न रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। लगातार बारिश व तेज हवाओं से गेहूं की फसल में बड़ा नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बुधवार तक जिलाभर से 700 किसानों ने फसल खराब होने की शिकायतें कृषि विभाग को दी हैं, जबकि यह आंकड़ा अगले दो दिन में एक हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी तरफ जिलाभर की मंडियों में पहुंचा गेहूं बारिश के पानी में भीग रहा है। तीसरे दिन भी बरसात सुबह ही शुरू हो गई और रुक-रुक कर होती रही। तीसरे दिन भी तेज हवाओं के चलने की वजह से गेहूं की फसल गिर गई। मंडियों में आए गेहूं को बचाने के लिए प्रबंध के किए जा रहे दावों से आगे नहीं बढ़ पाए तो गिरी हुई फसल में भी अब अनाज काला पड़ने लगा है। इससे ही जिलाभर के किसानों को कई लाखों का नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बारिश की वजह से फसल को हो रहे नुकसान की शिकायत भी लेकर किसान कृषि विभाग पहुंच रहे हैं। विभाग के अधिकारी शिकायतों को तो दर्ज कर ले रहे हैं, मगर यह अनुमान नहीं लगा पा रहे हैं कि कितना नुकसान अब तक हुआ है।
गिरी फसलों को हो सकता है अधिक नुकसान : कर्मचंद
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व तेज हवाओं से जो फसल गिर गई है उसके ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। फसल गिरने से जहां अनाज काला पड़ सकता है, वहीं उत्पादन पर भी असर पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता। किसानों से शिकायतें ली जा रही है और सबसे अधिक शिकायतें थानेसर ब्लॉक से ही अभी तक मिली है।
विज्ञापन
शाहाबाद मंडी में पानी की निकासी न होने से हजारों बोरियां भीगीं
शाहाबाद। लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। अब फसल कटाई में देरी होगी और मंडी में लाया गया गेहूं नमी अधिक होने के कारण नहीं बिक पाएगा। शाहाबाद अनाज मंडी में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं भीगने से खराब हो रहा है। मंडी में पानी की निकासी न होने के कारण किसानों का गेहूं खराब हो रहा है। शाहाबाद अनाज मंडी के प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालडा बिट्टू, संजय बतरा, रवि गाबा, अजय गुप्ता, अशोक अग्रवाल, प्रवीण गर्ग, दलजीत सिंह चौधरी, महेंद्र अग्रवाल व पवन गुप्ता ने बताया कि मंडी प्रशासन ने पानी की निकासी के लिए बोर करवाए थे, लेकिन वह फेल हो गया है। सारा पानी मंडी में जमा हो गया है। मंडी में बिजली की उपलब्धता न के बराबर है। आजकल मंडी में 24 घंटे बिजली दी जानी चाहिए, लेकिन नहीं मिल पा रही है। वहीं किसान तथा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन सतपाल खरींडवा, सूरजभान रत्नगढ, जयपाल चढूनी ने कहा कि आशा थी कि फसल आने पर कर्जा चुकाया जाएगा, लेकिन बारिश ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है।
विज्ञापन
धीरे-धीरे हो रही पानी की निकासी: मार्केट कमेटी सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव अफसर सिंह ने बताया कि मंडी परिसर में नया नाला निर्माणाधीन है, जो पहले नाले से ऊंचाई पर है। इस कारण धीरे-धीरे पानी की निकासी हो रही है। मंडी में नाले के निर्माण की परमिशन नहीं ली गई और मंडी प्रशासन द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद कागजी कार्रवाई शुरू हुई है।
लाडवा में भी रुक-रुक कर होती रही बारिश
लाडवा। क्षेत्र में तीसरे दिन भी अचानक तेज हवा चलने के साथ बारिश शुरू होने से गेहूं की कटाई एवं सरकारी खरीद का काम प्रभावित रहा। अनाज मंडी में भी गेहूं खरीद का काम नहीं हुआ। मौसम के मिजाज को देख हुए मार्केट कमेटी के अधिकारी एवं कर्मचारी बरसात से पहले ही मंडी में दुकानों पर जाकर आढ़तियों को गेहूं की ढेरियों एवं कट्टों को ढकने के निर्देश देते रहे, जिससे ज्यादातर गेहूं के कट्टे एवं गेहूं भीगने से बच गया।