फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   जिला भर के निजी डॉक्टर उतरे हड़ताल पर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

जिला भर के निजी डॉक्टर उतरे हड़ताल पर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

Sat, 16 Dec 2017 12:24 AM IST
Updated Sat, 16 Dec 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
जिला भर के निजी डॉक्टर उतरे हड़ताल पर, चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं
ओपीडी से लेकर आपात सेवाएं भी रही बंद, भटकते रहे मरीज
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र।
जिला भर में शुक्रवार को निजी डॉक्टर हड़ताल पर उतर आए और लगभग सभी निजी क्लीनिक बंद रहे। ओपीडी से लेकर आपात सेवाएं भी ठप रही, जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई और मरीज दिन भर इलाज के लिए भटकते रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर पहले से ही घोषित हड़ताल के चलते डॉक्टरों ने शुक्रवार को सुबह 8 बजे से लेकर रात 12 बजे तक क्लीनिक बंद रखे। आईएमए के पूर्व जिला प्रधान डॉ सुरेंद्र मेहता के नेतृत्व में सुबह सेक्टर 30 स्थित एक निजी पैलेस में एकत्रित हुए, जहां एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पहुंचे डॉक्टरों ने सरकार द्वारा लागू किया जा रहा एस्टेबलिशमेंट एक्ट का पुरजोर विरोध किया और कहा कि यह एक्ट किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान डॉक्टरों ने जहां इस एक्ट को लेकर विस्तृत चर्चा की वहीं डॉ मेहता ने कहा कि 80 फीसदी जनता छोटे व निजी क्लीनिकों पर ही निर्भर है और यह एक्ट लागू हुआ तो ये क्लिनिक बंद होने की स्थिति में आ जाएंगे। इन क्लिनिक पर इतना आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे यह तो ये बंद हो जाएंगे या फिर इसका सीधा भार मरीजों पर ही पड़ेगा, जिससे गरीब लोगों को अपना इलाज करवाना मुश्किल हो जाएगा। यह एक्ट अस्पताल संचालकों के साथ-साथ आम लोगों के भी हित में नहीं है, लेकिन सरकार इसे जबरदस्ती थोप रही है। सरकार के इस प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान एसोसिएशन सचिव डॉ नरेंद्र सिंह, डॉ राकेश भारद्वाज, डॉ एसी नागपाल, डॉ हिमांशु आनंद, डॉ बलबीर सिंह विर्क, डॉ अजय अग्रवाल सहित लगभग सभी निजी चिकित्सक संचालक एवं डॉक्टर उपस्थित रहे।


डिलीवरी केस भी किए जाते रहे रेफर
निजी अस्पतालों में सुबह 8 बजे से ही ओपीडी बंद कर दी गई, जो रात 12 बजे तक बंद रही। इस बीच जहां सामान्य मरीजों के इलाज से इंकार किया गया तो वहीं आपातकालीन सेवाएं भी बंद रखी गई। यहां तक कि डिलीवरी केस भी आते ही रेफर किए जाते रहे। आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. सुरेंद्र मेहता ने बताया कि महज पहले से ही दाखिल मरीजों का ही इलाज किया गया । इसके अलावा हर प्रकार की सेवाएं बंद रखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed