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रोडवेज बेड़े में शामिल होंगी 15 निजी बसें, विरोध में उतरे कर्मचारी, भूख हड़ताल शुरू
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रोडवेज विभाग ने अन्य जिलों के साथ-साथ कुुरुक्षेत्र रोडवेज बेड़े में भी 15 निजी बसें शामिल करने के लिए परमिट जारी कर दिए है। इसके खिलाफ कर्मचारी भी विरोध में उतर आए है। वीरवार को दर्जन भर से अधिक कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठ गए और डिपो महाप्रबंधक के कार्यालय से महज 20 कदम दूरी पर ही वर्कशॉप गेट पर धरना देकर नारेबाजी की, वहीं डिपो महाप्रबंधक को दोपहर बाद तक इसकी भनक तक नहीं लगी। कर्मचारियों के इस आंदोलन की उनके पास न कोई सूचना और न ही कोई अल्टीमेटम था। हालांकि नारेबाजी व प्रदर्शन की आवाज महाप्रबंधक कार्यालय तक गूंजती रही, लेकिन दोपहर बाद तक अधिकारियों के पास धरने व भूख हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की जानकारी लेनी तक उचित नहीं समझा।
हालांकि ये निजी बसें कब तक सड़कों पर दौड़ेंगी, यह स्थानीय अधिकारियों को भी स्पष्ट नहीं है। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध व अन्य मांगों को लेकर वीरवार को हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 24 घंटे की भूख हड़ताल सुबह 11 बजे शुरू हुई जो शुक्रवार 11 बजे तक जारी रहेगी। हड़ताल में जहां 18 पदाधिकारी व अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे तो वहीं वर्कशॉप गेट के समक्ष धरना भी दिया और इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए रोष भी व्यक्त किया। धरने व भूख हड़ताल की अध्यक्षता संयुक्त रूप से महासंघ के प्रधान सुरजभान व एसकेएस प्रधान बलवंत सिंह देशवाल ने की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निजी बसों को किसी भी स्तर पर नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विभाग को बंद करने पर आमादा है, लेकिन यह मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी।
कर्मचारी महासंघ निजी बसों की नीति सहन नहीं करेगा : विश्वनाथ शर्मा
कर्मचारी महासंघ के राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा व डिपो प्रधान मूलचंद तिगरी व प्रदेश नेता नरेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी महासंघ निजी बसों की सरकार की नीति किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगा। इसके लिए कड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि सरकार की इन नीतियों के विरोध में कर्मचारियों में भारी रोष बना हुआ है। अभी भूख हड़ताल 24 घंटे के लिए की है, लेकिन कड़ा आंदोलन चलाने को लेकर भी रणनीति तय कर ली गई है और इस बार आंदोलन कमजोर पडने वाला नहीं है।
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ये रहे भूख हड़ताल में शामिल
बलवंत देशवाल, मूल चंद तिगरी, सुरजभान उमरी, लक्ष्मण सिंह, जसविंद्र सिंह, बलबीर सिंह, जयकुमार, जसमेल सिंह, नरेश कुमार, निशान सिंह, कर्मपाल पिहोवा, जसबीर पिहोवा, राजेश पिहोवा, रोहताश पिहोवा, प्रेम सिंह चोरकारसा, राजेश गोयल, विनोद कुमार, रामसिंह।
जिले में चल रही 104 निजी बसें
वर्तमान समय में जिले भर में 104 बसें सड़कों पर दौड़ रही है। इनमें 66 बसें कुरुक्षेत्र मेन डिपो तो 38 पिहोवा सब डिपो से जुड़ी है। इसके अलावा रोडवेज बेड़े में 176 बसें शामिल है।
44 कर्मचारियों का काटा वेतन
निजी बसों के विरोध में पांच सितंबर को भी रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम तय किया था। हालांकि इस दिन चक्का जाम सफल नहीं हो पाया, लेकिन हड़ताल पर गए 44 कर्मचारियों को न केवल अनुपस्थित दिखाया गया बल्कि इस दिन का इन सभी कर्मचारियों का वेतन भी काटा गया।
विभाग के निर्देश आते ही शुरू करवा दी जाएंगी निजी बसें : जीएम
डिपो महाप्रबंधक लेखराज का कहना है कि कुरुक्षेत्र के लिए 15 निजी बसों को परमिट दिया गया है, लेकिन अभी यह मामला विभाग के मुख्यालय पर ही है। इन बसों को कब से चलाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन जैसे ही निर्देश आएंगे तभी बसें सड़कों पर उतार दी जाएंगी। भूख हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों की उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन उनकेे पास कर्मचारियों ने कोई सूचना भी नहीं दी। वे इस पर कड़ा संज्ञान लेंगे।
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कुरुक्षेत्र। रोडवेज विभाग ने अन्य जिलों के साथ-साथ कुुरुक्षेत्र रोडवेज बेड़े में भी 15 निजी बसें शामिल करने के लिए परमिट जारी कर दिए है। इसके खिलाफ कर्मचारी भी विरोध में उतर आए है। वीरवार को दर्जन भर से अधिक कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठ गए और डिपो महाप्रबंधक के कार्यालय से महज 20 कदम दूरी पर ही वर्कशॉप गेट पर धरना देकर नारेबाजी की, वहीं डिपो महाप्रबंधक को दोपहर बाद तक इसकी भनक तक नहीं लगी। कर्मचारियों के इस आंदोलन की उनके पास न कोई सूचना और न ही कोई अल्टीमेटम था। हालांकि नारेबाजी व प्रदर्शन की आवाज महाप्रबंधक कार्यालय तक गूंजती रही, लेकिन दोपहर बाद तक अधिकारियों के पास धरने व भूख हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की जानकारी लेनी तक उचित नहीं समझा।
हालांकि ये निजी बसें कब तक सड़कों पर दौड़ेंगी, यह स्थानीय अधिकारियों को भी स्पष्ट नहीं है। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसों को परमिट दिए जाने के विरोध व अन्य मांगों को लेकर वीरवार को हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर 24 घंटे की भूख हड़ताल सुबह 11 बजे शुरू हुई जो शुक्रवार 11 बजे तक जारी रहेगी। हड़ताल में जहां 18 पदाधिकारी व अन्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे तो वहीं वर्कशॉप गेट के समक्ष धरना भी दिया और इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए रोष भी व्यक्त किया। धरने व भूख हड़ताल की अध्यक्षता संयुक्त रूप से महासंघ के प्रधान सुरजभान व एसकेएस प्रधान बलवंत सिंह देशवाल ने की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निजी बसों को किसी भी स्तर पर नहीं चलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विभाग को बंद करने पर आमादा है, लेकिन यह मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी।
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कर्मचारी महासंघ निजी बसों की नीति सहन नहीं करेगा : विश्वनाथ शर्मा
कर्मचारी महासंघ के राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा व डिपो प्रधान मूलचंद तिगरी व प्रदेश नेता नरेश कुमार ने कहा कि कर्मचारी महासंघ निजी बसों की सरकार की नीति किसी भी स्तर पर सहन नहीं करेगा। इसके लिए कड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और कहा कि सरकार की इन नीतियों के विरोध में कर्मचारियों में भारी रोष बना हुआ है। अभी भूख हड़ताल 24 घंटे के लिए की है, लेकिन कड़ा आंदोलन चलाने को लेकर भी रणनीति तय कर ली गई है और इस बार आंदोलन कमजोर पडने वाला नहीं है।
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ये रहे भूख हड़ताल में शामिल
बलवंत देशवाल, मूल चंद तिगरी, सुरजभान उमरी, लक्ष्मण सिंह, जसविंद्र सिंह, बलबीर सिंह, जयकुमार, जसमेल सिंह, नरेश कुमार, निशान सिंह, कर्मपाल पिहोवा, जसबीर पिहोवा, राजेश पिहोवा, रोहताश पिहोवा, प्रेम सिंह चोरकारसा, राजेश गोयल, विनोद कुमार, रामसिंह।
जिले में चल रही 104 निजी बसें
वर्तमान समय में जिले भर में 104 बसें सड़कों पर दौड़ रही है। इनमें 66 बसें कुरुक्षेत्र मेन डिपो तो 38 पिहोवा सब डिपो से जुड़ी है। इसके अलावा रोडवेज बेड़े में 176 बसें शामिल है।
44 कर्मचारियों का काटा वेतन
निजी बसों के विरोध में पांच सितंबर को भी रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम तय किया था। हालांकि इस दिन चक्का जाम सफल नहीं हो पाया, लेकिन हड़ताल पर गए 44 कर्मचारियों को न केवल अनुपस्थित दिखाया गया बल्कि इस दिन का इन सभी कर्मचारियों का वेतन भी काटा गया।
विभाग के निर्देश आते ही शुरू करवा दी जाएंगी निजी बसें : जीएम
डिपो महाप्रबंधक लेखराज का कहना है कि कुरुक्षेत्र के लिए 15 निजी बसों को परमिट दिया गया है, लेकिन अभी यह मामला विभाग के मुख्यालय पर ही है। इन बसों को कब से चलाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन जैसे ही निर्देश आएंगे तभी बसें सड़कों पर उतार दी जाएंगी। भूख हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों की उन्हें जानकारी नहीं है, लेकिन उनकेे पास कर्मचारियों ने कोई सूचना भी नहीं दी। वे इस पर कड़ा संज्ञान लेंगे।