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पांचवे दिन भी निजीकरण के विरोध में जमकर गरजे रोडवेज कर्मचारी
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:05 AM IST
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- पांचवें दिन भी निजीकरण के विरोध में जमकर गरजे रोडवेज कर्मचारी, 22 अक्तूबर तक बढ़ी हड़ताल
- समाधान नहीं निकला तो अन्य विभागों को साथ लाकर कामकाज ठप करने की चेेतावनी
- सरकारी बसों का चक्का जाम, 12 निजी बसों का सहारा, 6 रोडवेज बसें चलाने का भी दावा
- कांग्रेस से पूर्व विधायक रमेश गुप्ता एवं आम आदमी पार्टी ने दिया हड़ताल को समर्थन
- भाजपा सरकार की गलत नीतियों पर बोला हमला, आम आदमी पार्टी भी हुई धरने में शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रोडवेज में निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मियों ने पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रख परिवहन मंत्री, विभाग के उच्चाधिकारियों एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया। जोरदार नारेबाजी करते हुए हड़ताली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला रद्द कर सरकारी सिस्टम को जिंदा रखने को आवाज बुलंद की। इस दौरान तालमेल कमेटी के आह्वान पर विभिन्न रोडवेज यूनियनों के अलावा अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी हड़ताल को जायज ठहराया। साथ ही इसका समर्थन करते हुए बड़े स्तर पर ले जाने की भी चेेतावनी दी।
गौरतलब है कि नए बस अड्डे के निकट सेक्टर-10 के ताज पार्क में शनिवार को भी सभी सातों यूनियन से जुड़े कर्मचारियों का बड़ी संख्या में जमावड़ा लगा रहा। कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन करके देर सायं करीब 8 बजे तक हड़ताल जारी रखी। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के जिला पदाधिकारी नरेंद्र पांचाल ने कहा कि सभी कर्मचारी यूनियन एकजुट होकर 22 अक्तूबर तक हड़ताल करने पर सहमत हुई हैं। यदि इस दौरान निजीकरण का फैसला रद्द करके कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो अन्य विभागों के कर्मियों को साथ लेकर कामकाज ठप करके हड़ताल को विकराल रूप देने से वे पीछे नहीं हटेंगे। कर्मियों के बीच पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने हड़ताल को जायज ठहराया और भाजपा की नीतियों पर तंज कसे। गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारी विरोधी है, जबकि कांग्रेस कर्मचारियों के समर्थन में है। बोले कि सरकार को निजीकरण न करके अन्य विकल्प तैयार करने चाहिए। बेशक नई बसें खरीदी जाएं, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा। इसके साथ ही रोडवेज यूनियन के समर्थन में आए अन्य विभागों के कर्मियों को भी कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने पर जायज मांगों को पूरा कराया जाएगा। पूर्व विधायक के अनुसार सरकार एस्मा लगाकर कर्मचारियों को बाहर करने का काम कर रही है, जोकि बिल्कुल गलत है। रोजगार के नाम पर पकौड़े और चाय का रोजगार का नारा देकर शिक्षित युवाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है। वहीं मौके पर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी भी कर्मियों का साथ देने पहुंचे। इस दौरान आप से ओम अशफाक ने हड़ताली कर्मियों का समर्थन देने की बात कही। विरोध प्रदर्शन में मंच संचालक जयकुमार, प्रेस प्रवक्ता नरेश कुमार, प्रधान सूरजभान, बलवंत देशवाल, राजेश रोहिल्ला, शिवकुमार, वीरेंद्र रोहिल्ला एवं अजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
वाहनों के लिए इधर-उधर भटकती रहीं सवारियां
दिनभर सरकारी बसों के चक्का जाम के चलते पिपली से लेकर नए-पुराने बस अड्डे के अंदर यात्री वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। नए बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे यात्री महेंद्रपाल ने कहा कि उसे इसराना जाना है, लेकिन सरकारी तो छोड़िए प्राइवेट बसें भी कभी-कभी नजर आती हैं। हालांकि अधिकारी सरकारी बसें चलाने का दावा करते हैं पर उन्हें डेढ़ घंटे बाद भी सड़क पर रोडवेज बस नहीं दिखी। वहीं बलदेव सिंह का कहना था कि यमुनानगर जाने के लिए सरकारी बस नहीं मिल रही। प्राइवेट भी काफी देर बाद आती है। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में समस्या हो रही है। सरकार को जल्द ही कोई समाधान करके बसें पहले की तरह चलवानी चाहिए।
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एनएचएम कर्मियों ने काली पट्टी बांध किया काम
सिविल अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवारत एनएचएम कर्मियों ने भी रोडवेज की हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने सरकार के फैसले के विरोध में काली पट्टी बांध ड्यूटी की। एनएचएम राज्य कार्यकारिणी सदस्य कुलविंदर कौर ने कहा कि सरकार को निजीकरण रोकना चाहिए।
सवारियों के लिए छह रोडवेज और 12 निजी बसें चलाईं : लेखराज
कुरुक्षेत्र डिपो के जीएम लेखराज ने कहा कि आमजन की समस्या को समझते हुए विभाग की तरफ से हड़ताल के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाने का पूरा प्रयास किया गया। अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को भीड़ कम रही, लेकिन फिर भी रोडवेज की छह और 12 निजी बसों से लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने में पूरी मदद की गई। उन्होंने बताया कि जिले में सहकारी बसों के 31 परमिट हैं, जबकि इन 31 बसों सहित पड़ोसी जिलों के अलग-अलग रूट से आने वाली सोसायटी की 103 बसें यात्रियों की सेवा में उपलब्ध हैं। हड़ताली कर्मियों के कारण किसी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए अड्डे के आसपास लगातार नजर बनाए हुए हैं। अफरातफरी की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का भी तैनात है। बाक्स
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बसों की हड़ताल से यात्री परेशान, स्कूल बसें बन रही सहारा
लाडवा। रोडवेज कर्मियों के चक्का जाम से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा स्कूलों व अन्य संस्थानों की बसों को यात्रियों के लिए उपलब्ध कराने से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही। हड़ताल के समय में निजी बसें एवं स्कूल बसें यात्रियों का बड़ा सहारा बनी हुई हैं। लाडवा बस अड्डे से ज्यादा यात्री इंद्री चौक से आवागमन करते हैं। बसों की हड़ताल के चलते यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण आधा घंटे का सफर करने में आधा दिन तक लगाना पड़ रहा है। मैक्सी कैब चालक भी हड़ताल का भरपूर लाभ उठाने के लालच में ज्यादा चक्कर लगा तेज रफ्तार से लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे। शुक्रवार को भी यात्रियों से भरी एक ट्रैक्स तेज रफ्तार के कारण असंतुलित होकर पलटने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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आईएएस अधिकारी ने सरकार को किया हाइजैक : हरिनारायण
शाहाबाद। ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन के प्रदेश प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी ने सरकार को हाइजैक कर रखा है जिस कारण रोडवेज यूनियन की तालमेल कमेटी से वार्ता को आगे नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि तालमेल कमेटी की हड़ताल आज पांचवें दिन प्रवेश कर चुकी है लेकिन सरकार ने वार्ता की पहल नहीं की है। उन्होंने कहा कि रोडवेज यूनियन जनता को परेशान नहीं करना चाहती लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण यह सब हो रहा है।
22 अक्तूबर से रोडवेज कर्मियों के समर्थन में बिजली कर्मचारी काम बंद कर करेंगे दो घंटे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। पांचवें दिन भी रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहा। हालांकि रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन किया नहीं किया। दूसरे दिन लगातार प्रदर्शनकारी कर्मी हडताल से गायब ही दिखे। जबकि प्राइवेट बसें व निजी स्कूल की बसें यात्रियों को सेवाएं देती रहीं। रोडवेज यूनियन के राज्य उप प्रधान बलदेव मामूमाजरा ने कहा कि रोडवेज कर्मी सरकार की दमनकारी नीति से घबराने वाले नहीं हैं। उनकी मांगें नहीं माने जाने तक रोडवेज की बसें बंद ही रहेंगी। उनकी मांगे जायज है और जनता के हित में है। उधर, दूसरी ओर ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन (सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) भी रोडवेज कर्मियों के समर्थन में कूद गए है। इसी को उनकी एक बैठक में राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरचरण संधु व सुनील रतन ने कहा कि राज्य कमेटी ने हरियाणा रोडवेज के चल रही लगातार हड़ताल के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में सभी सब यूनिटों में 2 घंटे काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
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- पांचवें दिन भी निजीकरण के विरोध में जमकर गरजे रोडवेज कर्मचारी, 22 अक्तूबर तक बढ़ी हड़ताल
- समाधान नहीं निकला तो अन्य विभागों को साथ लाकर कामकाज ठप करने की चेेतावनी
- सरकारी बसों का चक्का जाम, 12 निजी बसों का सहारा, 6 रोडवेज बसें चलाने का भी दावा
- कांग्रेस से पूर्व विधायक रमेश गुप्ता एवं आम आदमी पार्टी ने दिया हड़ताल को समर्थन
- भाजपा सरकार की गलत नीतियों पर बोला हमला, आम आदमी पार्टी भी हुई धरने में शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। रोडवेज में निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मियों ने पांचवें दिन भी हड़ताल जारी रख परिवहन मंत्री, विभाग के उच्चाधिकारियों एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया। जोरदार नारेबाजी करते हुए हड़ताली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला रद्द कर सरकारी सिस्टम को जिंदा रखने को आवाज बुलंद की। इस दौरान तालमेल कमेटी के आह्वान पर विभिन्न रोडवेज यूनियनों के अलावा अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी हड़ताल को जायज ठहराया। साथ ही इसका समर्थन करते हुए बड़े स्तर पर ले जाने की भी चेेतावनी दी।
गौरतलब है कि नए बस अड्डे के निकट सेक्टर-10 के ताज पार्क में शनिवार को भी सभी सातों यूनियन से जुड़े कर्मचारियों का बड़ी संख्या में जमावड़ा लगा रहा। कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन करके देर सायं करीब 8 बजे तक हड़ताल जारी रखी। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के जिला पदाधिकारी नरेंद्र पांचाल ने कहा कि सभी कर्मचारी यूनियन एकजुट होकर 22 अक्तूबर तक हड़ताल करने पर सहमत हुई हैं। यदि इस दौरान निजीकरण का फैसला रद्द करके कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो अन्य विभागों के कर्मियों को साथ लेकर कामकाज ठप करके हड़ताल को विकराल रूप देने से वे पीछे नहीं हटेंगे। कर्मियों के बीच पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक रमेश गुप्ता ने हड़ताल को जायज ठहराया और भाजपा की नीतियों पर तंज कसे। गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार कर्मचारी विरोधी है, जबकि कांग्रेस कर्मचारियों के समर्थन में है। बोले कि सरकार को निजीकरण न करके अन्य विकल्प तैयार करने चाहिए। बेशक नई बसें खरीदी जाएं, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा। इसके साथ ही रोडवेज यूनियन के समर्थन में आए अन्य विभागों के कर्मियों को भी कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार आने पर जायज मांगों को पूरा कराया जाएगा। पूर्व विधायक के अनुसार सरकार एस्मा लगाकर कर्मचारियों को बाहर करने का काम कर रही है, जोकि बिल्कुल गलत है। रोजगार के नाम पर पकौड़े और चाय का रोजगार का नारा देकर शिक्षित युवाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है। वहीं मौके पर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी भी कर्मियों का साथ देने पहुंचे। इस दौरान आप से ओम अशफाक ने हड़ताली कर्मियों का समर्थन देने की बात कही। विरोध प्रदर्शन में मंच संचालक जयकुमार, प्रेस प्रवक्ता नरेश कुमार, प्रधान सूरजभान, बलवंत देशवाल, राजेश रोहिल्ला, शिवकुमार, वीरेंद्र रोहिल्ला एवं अजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।
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दिनभर सरकारी बसों के चक्का जाम के चलते पिपली से लेकर नए-पुराने बस अड्डे के अंदर यात्री वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। नए बस अड्डे पर बस का इंतजार कर रहे यात्री महेंद्रपाल ने कहा कि उसे इसराना जाना है, लेकिन सरकारी तो छोड़िए प्राइवेट बसें भी कभी-कभी नजर आती हैं। हालांकि अधिकारी सरकारी बसें चलाने का दावा करते हैं पर उन्हें डेढ़ घंटे बाद भी सड़क पर रोडवेज बस नहीं दिखी। वहीं बलदेव सिंह का कहना था कि यमुनानगर जाने के लिए सरकारी बस नहीं मिल रही। प्राइवेट भी काफी देर बाद आती है। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में समस्या हो रही है। सरकार को जल्द ही कोई समाधान करके बसें पहले की तरह चलवानी चाहिए।
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सिविल अस्पताल सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवारत एनएचएम कर्मियों ने भी रोडवेज की हड़ताल का समर्थन किया। उन्होंने सरकार के फैसले के विरोध में काली पट्टी बांध ड्यूटी की। एनएचएम राज्य कार्यकारिणी सदस्य कुलविंदर कौर ने कहा कि सरकार को निजीकरण रोकना चाहिए।
सवारियों के लिए छह रोडवेज और 12 निजी बसें चलाईं : लेखराज
कुरुक्षेत्र डिपो के जीएम लेखराज ने कहा कि आमजन की समस्या को समझते हुए विभाग की तरफ से हड़ताल के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाने का पूरा प्रयास किया गया। अन्य दिनों के मुकाबले शनिवार को भीड़ कम रही, लेकिन फिर भी रोडवेज की छह और 12 निजी बसों से लोगों को गंतव्य तक पहुंचाने में पूरी मदद की गई। उन्होंने बताया कि जिले में सहकारी बसों के 31 परमिट हैं, जबकि इन 31 बसों सहित पड़ोसी जिलों के अलग-अलग रूट से आने वाली सोसायटी की 103 बसें यात्रियों की सेवा में उपलब्ध हैं। हड़ताली कर्मियों के कारण किसी तरह की अव्यवस्था न फैले, इसके लिए अड्डे के आसपास लगातार नजर बनाए हुए हैं। अफरातफरी की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस का भी तैनात है। बाक्स
फोटो नंबर - 2
बसों की हड़ताल से यात्री परेशान, स्कूल बसें बन रही सहारा
लाडवा। रोडवेज कर्मियों के चक्का जाम से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा स्कूलों व अन्य संस्थानों की बसों को यात्रियों के लिए उपलब्ध कराने से लोगों को राहत तो मिली, लेकिन मुश्किलें कम नहीं हो रही। हड़ताल के समय में निजी बसें एवं स्कूल बसें यात्रियों का बड़ा सहारा बनी हुई हैं। लाडवा बस अड्डे से ज्यादा यात्री इंद्री चौक से आवागमन करते हैं। बसों की हड़ताल के चलते यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हड़ताल के कारण आधा घंटे का सफर करने में आधा दिन तक लगाना पड़ रहा है। मैक्सी कैब चालक भी हड़ताल का भरपूर लाभ उठाने के लालच में ज्यादा चक्कर लगा तेज रफ्तार से लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे। शुक्रवार को भी यात्रियों से भरी एक ट्रैक्स तेज रफ्तार के कारण असंतुलित होकर पलटने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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आईएएस अधिकारी ने सरकार को किया हाइजैक : हरिनारायण
शाहाबाद। ऑल हरियाणा रोडवेज यूनियन के प्रदेश प्रधान हरिनारायण शर्मा ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी ने सरकार को हाइजैक कर रखा है जिस कारण रोडवेज यूनियन की तालमेल कमेटी से वार्ता को आगे नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि तालमेल कमेटी की हड़ताल आज पांचवें दिन प्रवेश कर चुकी है लेकिन सरकार ने वार्ता की पहल नहीं की है। उन्होंने कहा कि रोडवेज यूनियन जनता को परेशान नहीं करना चाहती लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण यह सब हो रहा है।
22 अक्तूबर से रोडवेज कर्मियों के समर्थन में बिजली कर्मचारी काम बंद कर करेंगे दो घंटे प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। पांचवें दिन भी रोडवेज की बसों का चक्का जाम रहा। हालांकि रोडवेज कर्मियों ने प्रदर्शन किया नहीं किया। दूसरे दिन लगातार प्रदर्शनकारी कर्मी हडताल से गायब ही दिखे। जबकि प्राइवेट बसें व निजी स्कूल की बसें यात्रियों को सेवाएं देती रहीं। रोडवेज यूनियन के राज्य उप प्रधान बलदेव मामूमाजरा ने कहा कि रोडवेज कर्मी सरकार की दमनकारी नीति से घबराने वाले नहीं हैं। उनकी मांगें नहीं माने जाने तक रोडवेज की बसें बंद ही रहेंगी। उनकी मांगे जायज है और जनता के हित में है। उधर, दूसरी ओर ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर यूनियन (सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) भी रोडवेज कर्मियों के समर्थन में कूद गए है। इसी को उनकी एक बैठक में राज्य कार्यकारिणी सदस्य गुरचरण संधु व सुनील रतन ने कहा कि राज्य कमेटी ने हरियाणा रोडवेज के चल रही लगातार हड़ताल के समर्थन में बिजली कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में सभी सब यूनिटों में 2 घंटे काम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।