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ऑटोमेशन से काम की गति हुई तेज व परीक्षा तंत्र में बढ़ी पारदर्शिता : डा.कैलाश
Updated Fri, 18 May 2018 12:57 AM IST
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विद्यार्थियों को रिकॉर्ड समय में मिलेंगे रिजल्ट : कुलपति
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में आटोमेशन व डिजिटलाइजेशन से काम की गति तेज हुई है। परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता भी बढ़ी है। केयू प्रशासन द्वारा आटोमेशन को लेकर जितने भी निर्णय लिए गए हैं, इसका आने वाले समय में विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। वे वीरवार को केयू परीक्षा शाखा की ओर से कॉलेज प्रिंसिपल, विभागाध्यक्षों के लिए आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
कुलपति ने कहा कि इंटरनल प्रैक्टिकल के साथ-साथ थ्योरी पेपर के अंक भी जब ऑनलाइन अपलोड होने लगेंगे तब समय की बड़ी बचत होगी। विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा में ही परीक्षा परिणाम मिलने लगेंगे। उन्होंने कहा कि हमें प्रैक्टिल व इंटरनल के बाद थ्योरी अंक के लिए भी इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा तंत्र में नई तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने से विश्वविद्यालय को आर्थिक लाभ होगा। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था से विद्यार्थियों का भी इसमें विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कि पहली प्राथमिकता उसके विद्यार्थी हैं। विद्यार्थी को परीक्षा व परिणाम को लेकर कोई असुविधा न हो इसे ध्यान में रखकर ही परीक्षा संबंधी नीतियां बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लाइफ साइकिल को डिजिटलाइज करने की दिशा में प्रयास हुए हैं, लेकिन इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। कुलपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम एक ऐसी कार्य संस्कृति का विकास करें, जिसमें सभी कर्मचारी नई तकनीक को अपने कामकाज का हिस्सा बनाएं। परीक्षा तंत्र में कॉलेजों के सहयोग के बिना सुधार संभव नहीं है। इसलिए हमें कॉलेज स्तर पर भी कुछ ऐसा करने की जरूरत है कि परीक्षा कार्यों से जुड़े शिक्षक एवं कर्मचारी इसे अपनाते हुए परीक्षा तंत्र के सुधार में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि केयू की परीक्षा शाखा डिजिटलाइजेशन से नेशनल अकादमिक डिपोजिटरी की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं, जिसके कारण आने वाले समय में विद्यार्थी नैड यानी आनलाइन स्टोर हाउस ऑफ एकेडमिक अवार्ड्स, इस स्टोर हाउस में सभी तरह के सभी सर्टिफिकेट डिजिटल फारमेट में उपलब्ध होंगे। विद्यार्थी जब चाहे जहां से चाहे इन्हें प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड दिलाने में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों व परीक्षा तंत्र से जुड़े सभी लोगों का योगदान है। जब हम टीम में अच्छा करते हैं तो उसके परिणाम बेहतर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि हमें विद्यार्थी को केंद्र में रखकर ही सभी कार्य करने की जरूरत है।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने ऑनलाइन साफ्टवेयर के बारे में जानकारी देते हुए परीक्षा शाखा द्वारा पिछले 2 वर्ष में परीक्षा सुधारों की दिशा में लिए गए निर्णयों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाओं के लिए परीक्षा शाखा वचनबद्ध है और आने वाले समय में इस व्यवस्था को ओर अधिक विद्यार्थी केंद्रित बनाया जाएगा। इस मौके पर साफ्टवेयर बनाने के लिए अशोक डबास व सहयोग के लिए डॉ. एपी परूथी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीन अकादमिक अफेयर प्रो. श्याम कुमार, डीन ऑफ कॉलेज प्रो. रजनीश शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह व अन्य मौजूद थे।
सुधारों में सहयोग करें शिक्षक व कर्मचारी
कार्यशाला में जीएमएन कॉलेज के एसोसिएट प्रो. डॉ. सज्जन सिंह व प्रिंसिपिल डॉ. आरपी सिंह, गवर्नमेंट कॉलेज कैथल के प्रिंसिपल डॉ. ऋषिपाल बेदी ने भी विचार रखे और कहा कि कुलपति के नेतृत्व में परीक्षा तंत्र में सुधार के लिए जितने भी निर्णय लिए जा रहे हैं इसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को हो रहा है। सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को इसमें सहयोग करना चाहिए।
ऑनलाइन भुगतान के लिए साफ्टवेयर बनवाएं वित्त अधिकारी : कुलपति
इस मौके पर कुलपति ने विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी को निर्देश दिए कि परीक्षा सम्बंधी कार्यो के लिए भुगतान में कोई देरी न हो इसके लिए एक ऑनलाइन पेमेंट साफ्टवेयर तैयार करवाएं ताकि परीक्षा के 15 से 30 दिन की अवधि में भुगतान किया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में आटोमेशन व डिजिटलाइजेशन से काम की गति तेज हुई है। परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता भी बढ़ी है। केयू प्रशासन द्वारा आटोमेशन को लेकर जितने भी निर्णय लिए गए हैं, इसका आने वाले समय में विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। वे वीरवार को केयू परीक्षा शाखा की ओर से कॉलेज प्रिंसिपल, विभागाध्यक्षों के लिए आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे।
कुलपति ने कहा कि इंटरनल प्रैक्टिकल के साथ-साथ थ्योरी पेपर के अंक भी जब ऑनलाइन अपलोड होने लगेंगे तब समय की बड़ी बचत होगी। विद्यार्थियों को निर्धारित समय सीमा में ही परीक्षा परिणाम मिलने लगेंगे। उन्होंने कहा कि हमें प्रैक्टिल व इंटरनल के बाद थ्योरी अंक के लिए भी इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा तंत्र में नई तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने से विश्वविद्यालय को आर्थिक लाभ होगा। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था से विद्यार्थियों का भी इसमें विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कि पहली प्राथमिकता उसके विद्यार्थी हैं। विद्यार्थी को परीक्षा व परिणाम को लेकर कोई असुविधा न हो इसे ध्यान में रखकर ही परीक्षा संबंधी नीतियां बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लाइफ साइकिल को डिजिटलाइज करने की दिशा में प्रयास हुए हैं, लेकिन इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। कुलपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम एक ऐसी कार्य संस्कृति का विकास करें, जिसमें सभी कर्मचारी नई तकनीक को अपने कामकाज का हिस्सा बनाएं। परीक्षा तंत्र में कॉलेजों के सहयोग के बिना सुधार संभव नहीं है। इसलिए हमें कॉलेज स्तर पर भी कुछ ऐसा करने की जरूरत है कि परीक्षा कार्यों से जुड़े शिक्षक एवं कर्मचारी इसे अपनाते हुए परीक्षा तंत्र के सुधार में सहयोग करें।
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उन्होंने कहा कि केयू की परीक्षा शाखा डिजिटलाइजेशन से नेशनल अकादमिक डिपोजिटरी की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं, जिसके कारण आने वाले समय में विद्यार्थी नैड यानी आनलाइन स्टोर हाउस ऑफ एकेडमिक अवार्ड्स, इस स्टोर हाउस में सभी तरह के सभी सर्टिफिकेट डिजिटल फारमेट में उपलब्ध होंगे। विद्यार्थी जब चाहे जहां से चाहे इन्हें प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को ए-प्लस ग्रेड दिलाने में सभी शिक्षकों, कर्मचारियों व परीक्षा तंत्र से जुड़े सभी लोगों का योगदान है। जब हम टीम में अच्छा करते हैं तो उसके परिणाम बेहतर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि हमें विद्यार्थी को केंद्र में रखकर ही सभी कार्य करने की जरूरत है।
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परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह ने ऑनलाइन साफ्टवेयर के बारे में जानकारी देते हुए परीक्षा शाखा द्वारा पिछले 2 वर्ष में परीक्षा सुधारों की दिशा में लिए गए निर्णयों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाओं के लिए परीक्षा शाखा वचनबद्ध है और आने वाले समय में इस व्यवस्था को ओर अधिक विद्यार्थी केंद्रित बनाया जाएगा। इस मौके पर साफ्टवेयर बनाने के लिए अशोक डबास व सहयोग के लिए डॉ. एपी परूथी को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर डीन अकादमिक अफेयर प्रो. श्याम कुमार, डीन ऑफ कॉलेज प्रो. रजनीश शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह व अन्य मौजूद थे।
सुधारों में सहयोग करें शिक्षक व कर्मचारी
कार्यशाला में जीएमएन कॉलेज के एसोसिएट प्रो. डॉ. सज्जन सिंह व प्रिंसिपिल डॉ. आरपी सिंह, गवर्नमेंट कॉलेज कैथल के प्रिंसिपल डॉ. ऋषिपाल बेदी ने भी विचार रखे और कहा कि कुलपति के नेतृत्व में परीक्षा तंत्र में सुधार के लिए जितने भी निर्णय लिए जा रहे हैं इसका सीधा फायदा विद्यार्थियों को हो रहा है। सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को इसमें सहयोग करना चाहिए।
ऑनलाइन भुगतान के लिए साफ्टवेयर बनवाएं वित्त अधिकारी : कुलपति
इस मौके पर कुलपति ने विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी को निर्देश दिए कि परीक्षा सम्बंधी कार्यो के लिए भुगतान में कोई देरी न हो इसके लिए एक ऑनलाइन पेमेंट साफ्टवेयर तैयार करवाएं ताकि परीक्षा के 15 से 30 दिन की अवधि में भुगतान किया जा सके।