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राहगीरों के लिए मुसीबत बना खस्ता हाल हाईवे
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:01 AM IST
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राहगीरों के लिए मुसीबत बना खस्ता हाल हाईवे
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
कस्बे के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर तक हाईवे की हालत खस्ता है। इससे राहगीरों की मुसीबत बढ़ गई है। सड़क के दोनों किनारे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। साइड की जगह नीवीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी होती है। इस उखड़े रास्ते पर कई बार दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सड़क खस्ता होने के कारण खासतौर पर रात के समय यहां से गुजरना जोखिम भरा होता है। राहगीर प्रवेश, राकेश, नरेश, बलदेव शर्मा, सौरव, राजेश शर्मा जलबेहडा, दीप शर्मा, सोनू नैसी आदि ने बताया कि उनका कारोबार कस्बे में होने के चलते सुबह काम पर जाना और देर शाम को घर वापस आना मुसीबत से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि कस्बे से गुरुनानक वाटिका स्कूल तक हाईवे खस्ता हाल है। सुबह के समय सड़क पर गड्ढों से निकली मिट्टी आंखों में चली जाती है। इससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। अंधेरे में हाईवे के किनारे सामने से तेज रोशनी के कारण स्पष्ट दिखाई नहीं देता। विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद।
कस्बे के दोनों ओर करीब एक किलोमीटर तक हाईवे की हालत खस्ता है। इससे राहगीरों की मुसीबत बढ़ गई है। सड़क के दोनों किनारे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। साइड की जगह नीवीं होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को खासी परेशानी होती है। इस उखड़े रास्ते पर कई बार दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
सड़क खस्ता होने के कारण खासतौर पर रात के समय यहां से गुजरना जोखिम भरा होता है। राहगीर प्रवेश, राकेश, नरेश, बलदेव शर्मा, सौरव, राजेश शर्मा जलबेहडा, दीप शर्मा, सोनू नैसी आदि ने बताया कि उनका कारोबार कस्बे में होने के चलते सुबह काम पर जाना और देर शाम को घर वापस आना मुसीबत से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि कस्बे से गुरुनानक वाटिका स्कूल तक हाईवे खस्ता हाल है। सुबह के समय सड़क पर गड्ढों से निकली मिट्टी आंखों में चली जाती है। इससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है। अंधेरे में हाईवे के किनारे सामने से तेज रोशनी के कारण स्पष्ट दिखाई नहीं देता। विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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