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बनभौरी माता मंदिर के अधिग्रहण के निर्णय से ब्रह्मण समाज में बना रोष
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:35 AM IST
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बनभौरी माता मंदिर के अधिग्रहण के निर्णय से ब्राह्मण समाज में रोष
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हिसार में बनभौरी माता मंदिर को सरकार की ओर से अधिग्रहण का नोटिस दिए जाने से ब्राह्मण समाज में रोष है। सरकार के इस कदम की श्री परशुराम इंटरनेशनल संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप कौशिक, सर्व ब्रह्मण एकता मंच, भगवान परशुराम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, ब्रह्मण महासभा ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
उनका कहना है कि ये मंदिर ब्राह्मण समाज की जमीन पर बना है। ब्राह्मणों ने मिलकर पैसा एकत्रित कर इस मंदिर का निर्माण और रखरखाव कराया है। इसमें सरकार या किसी अन्य विधायक या सांसद ने कोई सरकारी अनुदान नही दिया है। यदि ब्राह्मण समाज की संस्थाओं को टारगेट कर सरकार उनका अधिग्रहण करेगी तो ब्राह्मण समाज इस विषय पर चुप नही बैठेगा। जब इस संस्था में कोई अनुदान या सहयोग सरकार का नहीं है और ये ब्राह्मणों की निजी संपत्ति है, तो सरकार नियमों के खिलाफ जा कर इसका अधिग्रहण नहीं कर सकती। जल्द ही पूरे उत्तर भारत का ब्राह्मण समुदाय इस निर्णय के खिलाफ बिगुल बजाएगा। इस अवसर पर प्रयागराज कौशिक, अध्यक्ष सर्व ब्रह्मण एकता मंच, वैद्य पंडित प्रमोद कौशिक, राम कुमार मौदगिल, मुख्य संरक्षक सर्व ब्रह्मण एकता मंच, श्रीप्रकाश मिश्रा, अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा, अजय शर्मा, उपाध्यक्ष कष्ट निवारण समिति, पुरुषोत्तम शर्मा उपाध्यक्ष पंचायती राज प्रकोष्ठ, रोहित वत्स जिला उपाध्यक्ष, दीपक शर्मा मीडिया सेल प्रभारी आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हिसार में बनभौरी माता मंदिर को सरकार की ओर से अधिग्रहण का नोटिस दिए जाने से ब्राह्मण समाज में रोष है। सरकार के इस कदम की श्री परशुराम इंटरनेशनल संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संदीप कौशिक, सर्व ब्रह्मण एकता मंच, भगवान परशुराम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, ब्रह्मण महासभा ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
उनका कहना है कि ये मंदिर ब्राह्मण समाज की जमीन पर बना है। ब्राह्मणों ने मिलकर पैसा एकत्रित कर इस मंदिर का निर्माण और रखरखाव कराया है। इसमें सरकार या किसी अन्य विधायक या सांसद ने कोई सरकारी अनुदान नही दिया है। यदि ब्राह्मण समाज की संस्थाओं को टारगेट कर सरकार उनका अधिग्रहण करेगी तो ब्राह्मण समाज इस विषय पर चुप नही बैठेगा। जब इस संस्था में कोई अनुदान या सहयोग सरकार का नहीं है और ये ब्राह्मणों की निजी संपत्ति है, तो सरकार नियमों के खिलाफ जा कर इसका अधिग्रहण नहीं कर सकती। जल्द ही पूरे उत्तर भारत का ब्राह्मण समुदाय इस निर्णय के खिलाफ बिगुल बजाएगा। इस अवसर पर प्रयागराज कौशिक, अध्यक्ष सर्व ब्रह्मण एकता मंच, वैद्य पंडित प्रमोद कौशिक, राम कुमार मौदगिल, मुख्य संरक्षक सर्व ब्रह्मण एकता मंच, श्रीप्रकाश मिश्रा, अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा, अजय शर्मा, उपाध्यक्ष कष्ट निवारण समिति, पुरुषोत्तम शर्मा उपाध्यक्ष पंचायती राज प्रकोष्ठ, रोहित वत्स जिला उपाध्यक्ष, दीपक शर्मा मीडिया सेल प्रभारी आदि उपस्थित रहे।
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