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शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, 200 टन कचरा अटका
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:44 AM IST
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शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, 200 टन कचरा अटका
- मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद होने के तीसरे दिन भी शहर से नहीं हो पाया कचरे का उठान
- ब्रह्मसरोवर तट पर अधिकारियों के आदेशों की बाट जोहते रहे कचरे से भरे डंपर
- घर-घर भी नहीं पहुंच पाए डंपर, लगे कचरे के ढेर
- शहर से निकलता है हर रोज 70 टन कचरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद होने के बाद शहर में तीन दिन में 200 टन से अधिक कचरा अटक गया है। शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। नई जगह तय न हो पाने के चलते जहां तीन दिनों से कचरे से भरे नगर परिषद के सभी 81 डंपर ब्रह्मसरोवर तट पर अधिकारियों के आदेशों की बाट जोहते रहे। वहीं सोमवार को कचरा उठाने के लिए घर-घर भी नहीं पहुंच सके, जिससे शहर में अनेकों जगहों पर कचरे के ढेर लग गए। कचरा डालने की नई जगह जल्द तय नहीं हो पाई तो हालात ओर भी खराब होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
करीब दो वर्ष से मथाना में बनाए गए डंपिंग प्वाइंट के विरोध में ग्रामीणों के आ जाने के चलते शनिवार से यहां कचरा डालना बंद कर दिया था। वहीं प्रशासन की ओर से गांव भौर सैयदा में डंपिंग प्वाइंट बनाए जाने की संभावना जताई गई थी, लेकिन यहां कचरा कब तक डालना शुरू किया जा सकता है, यह सोमवार देर सायं तक भी तय नहीं किया सका। बताया जा रहा है कि शनिवार से लेकर सोमवार तक छुट्टियों के चलते इस जगह की कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और अधिकारी यहां कचरा डालने को हरी झंडी नहीं दे पाए। वहीं अधिकारियों की मानें तो नई जगह तय हो चुकी है, जिसके लिए कुछ प्रक्रिया की जानी है, जो मंगलवार को निपटा ली जाएगी। बता दें कि शहर से हर रोज करीब 70 टन कचरा निकलता है, जिसे उठाने के लिए नगर परिषद ने 81 डंपरों व कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की व्यवस्था की हुई है। ये डंपर हर रोज घर- घर दस्तक देकर कचरा उठाते रहे हैं, लेकिन विवाद के चलते इन डंपरों की ब्रेक लग गई है।
मथाना के ग्रामीणों के विरोध से प्रशासन हुआ चौकन्ना
गांव मथाना में डंपिंग प्वाइंट का ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बाद प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। जहां पिछले एक सप्ताह से प्रशासन नई जगह की तलाश में जुटा है वहीं दो से तीन जगह डंपिंग प्वाइंट बनाने के लिए साइट चिह्नित कर ली गई है, लेकिन नई जगह का भी मथाना की तर्ज पर विरोध न हो, इसी भय के चलते खुलासा भी नहीं किया जा रहा। यही नहीं नई जगह को लेकर नियमों के अनुसार सभी औपचारिकताएं भी पहले से पूरी की जा रही हैं, ताकि मथाना की तरह यहां भी नियमों की अनदेखी के आरोपों का प्रशासन को सामना न करना पड़े।
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मथाना में ग्रामीणों का डंपिंग प्वाइंट पर पहरा जारी, आज एसपी से मिलेंगे
मथाना डंपिंग प्वाइंट का विरोध कर रहे लोगों द्वारा बनाई गई निगरानी कमेटी का पहरा सोमवार को भी जारी रहा, ताकि यहां कोई कचरा न डाल सके। हालांकि यहां कोई भी डंपर व अन्य वाहन कचरा लेकर नहीं पहुंचा, लेकिन इसके विरोध में उतरे लोगों की 11 सदस्यीय कमेटी दिन भर डंपिंग प्वाइंट पर सतर्क रही। इसके साथ ही गांव में 26वें दिन भी धरना जारी रखा, जिस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। भाकियू प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना के अनुसार मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलेगा, जहां शिकायत देते हुए डंपिंग प्वाइंट का एग्रीमेंट करने वाले नगर परिषद अधिकारियों व ग्राम पंचायत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। धरने के दौरान सुलतान सिंह, जिया लाल, रोशन लाल, मदन कुमार, दीपक बतान, रमेश कुमार मौजूद रहे।
नई जगह पर आज से डाला जा सकता है कचरा : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि नई जगह का चयन कर लिया गया है, लेकिन इसकी कागजी कार्रवाई की कुछ औपचारिकताएं बाकी थी। इन्हें मंगलवार को पूरा करते ही यहां कचरा डालना शुरू किया जा सकता है। हालांकि ईओ ने इस जगह का खुलासा नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि नई जगह भौर सैयदा में ही तय की गई है, जिसकी मंगलवार को निशानदेही करवाने के भी आदेश दे दिए गए हैं।
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शहर में चरमराई सफाई व्यवस्था, 200 टन कचरा अटका
- मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद होने के तीसरे दिन भी शहर से नहीं हो पाया कचरे का उठान
- ब्रह्मसरोवर तट पर अधिकारियों के आदेशों की बाट जोहते रहे कचरे से भरे डंपर
- घर-घर भी नहीं पहुंच पाए डंपर, लगे कचरे के ढेर
- शहर से निकलता है हर रोज 70 टन कचरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। मथाना डंपिंग प्वाइंट बंद होने के बाद शहर में तीन दिन में 200 टन से अधिक कचरा अटक गया है। शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। नई जगह तय न हो पाने के चलते जहां तीन दिनों से कचरे से भरे नगर परिषद के सभी 81 डंपर ब्रह्मसरोवर तट पर अधिकारियों के आदेशों की बाट जोहते रहे। वहीं सोमवार को कचरा उठाने के लिए घर-घर भी नहीं पहुंच सके, जिससे शहर में अनेकों जगहों पर कचरे के ढेर लग गए। कचरा डालने की नई जगह जल्द तय नहीं हो पाई तो हालात ओर भी खराब होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
करीब दो वर्ष से मथाना में बनाए गए डंपिंग प्वाइंट के विरोध में ग्रामीणों के आ जाने के चलते शनिवार से यहां कचरा डालना बंद कर दिया था। वहीं प्रशासन की ओर से गांव भौर सैयदा में डंपिंग प्वाइंट बनाए जाने की संभावना जताई गई थी, लेकिन यहां कचरा कब तक डालना शुरू किया जा सकता है, यह सोमवार देर सायं तक भी तय नहीं किया सका। बताया जा रहा है कि शनिवार से लेकर सोमवार तक छुट्टियों के चलते इस जगह की कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई और अधिकारी यहां कचरा डालने को हरी झंडी नहीं दे पाए। वहीं अधिकारियों की मानें तो नई जगह तय हो चुकी है, जिसके लिए कुछ प्रक्रिया की जानी है, जो मंगलवार को निपटा ली जाएगी। बता दें कि शहर से हर रोज करीब 70 टन कचरा निकलता है, जिसे उठाने के लिए नगर परिषद ने 81 डंपरों व कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की व्यवस्था की हुई है। ये डंपर हर रोज घर- घर दस्तक देकर कचरा उठाते रहे हैं, लेकिन विवाद के चलते इन डंपरों की ब्रेक लग गई है।
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मथाना के ग्रामीणों के विरोध से प्रशासन हुआ चौकन्ना
गांव मथाना में डंपिंग प्वाइंट का ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बाद प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। जहां पिछले एक सप्ताह से प्रशासन नई जगह की तलाश में जुटा है वहीं दो से तीन जगह डंपिंग प्वाइंट बनाने के लिए साइट चिह्नित कर ली गई है, लेकिन नई जगह का भी मथाना की तर्ज पर विरोध न हो, इसी भय के चलते खुलासा भी नहीं किया जा रहा। यही नहीं नई जगह को लेकर नियमों के अनुसार सभी औपचारिकताएं भी पहले से पूरी की जा रही हैं, ताकि मथाना की तरह यहां भी नियमों की अनदेखी के आरोपों का प्रशासन को सामना न करना पड़े।
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मथाना में ग्रामीणों का डंपिंग प्वाइंट पर पहरा जारी, आज एसपी से मिलेंगे
मथाना डंपिंग प्वाइंट का विरोध कर रहे लोगों द्वारा बनाई गई निगरानी कमेटी का पहरा सोमवार को भी जारी रहा, ताकि यहां कोई कचरा न डाल सके। हालांकि यहां कोई भी डंपर व अन्य वाहन कचरा लेकर नहीं पहुंचा, लेकिन इसके विरोध में उतरे लोगों की 11 सदस्यीय कमेटी दिन भर डंपिंग प्वाइंट पर सतर्क रही। इसके साथ ही गांव में 26वें दिन भी धरना जारी रखा, जिस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। भाकियू प्रदेश महासचिव प्रवीण मथाना के अनुसार मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलेगा, जहां शिकायत देते हुए डंपिंग प्वाइंट का एग्रीमेंट करने वाले नगर परिषद अधिकारियों व ग्राम पंचायत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। धरने के दौरान सुलतान सिंह, जिया लाल, रोशन लाल, मदन कुमार, दीपक बतान, रमेश कुमार मौजूद रहे।
नई जगह पर आज से डाला जा सकता है कचरा : ईओ
नगर परिषद के ईओ बीएन भारती का कहना है कि नई जगह का चयन कर लिया गया है, लेकिन इसकी कागजी कार्रवाई की कुछ औपचारिकताएं बाकी थी। इन्हें मंगलवार को पूरा करते ही यहां कचरा डालना शुरू किया जा सकता है। हालांकि ईओ ने इस जगह का खुलासा नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि नई जगह भौर सैयदा में ही तय की गई है, जिसकी मंगलवार को निशानदेही करवाने के भी आदेश दे दिए गए हैं।