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महिला शोध केंद्र में विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन
Updated Fri, 17 Nov 2017 12:15 AM IST
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महिला शोध केंद्र में विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
महिलाओं के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने हेतु राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के तहत केयू के महिला अध्ययन एवं केंद्र शोध केंद्र द्वारा वीरवार को विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान संकायों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह विद्यार्थी मुख्यत: भौतिकी विभाग, बायोटेक्नोलॉजी, गणित, माइक्रोबॉयोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टैक्नालाजी, बॉटनी आदि विज्ञान विभागों से तथा विधि संस्थान, गृह विज्ञान विभाग, शिक्षण महाविद्यालय, मनोविज्ञान, प्रबंधन विद्यालय, विधि विभाग, शिक्षा विभाग, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा विभाग तथा महिला अध्ययन शोध केन्द्र आदि सामाजिक विज्ञान विभागों से थे। प्रतियोगिता में लिखित बहु वैकल्पिक प्रश्नावली के माध्यम से भारतीय संविधान, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन शोषण, मातृत्व लाभ कानून, गर्भ का चिकित्सीय समापन कानून, अनैतिक खरीद-फरोख्त कानून, न्यूनतम मजदूरी कानून, प्रसव पूर्व नैदानिक तकनीक विधेयक आदि विषयों पर प्रश्न पूछे गए।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
महिलाओं के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने हेतु राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के तहत केयू के महिला अध्ययन एवं केंद्र शोध केंद्र द्वारा वीरवार को विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान संकायों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह विद्यार्थी मुख्यत: भौतिकी विभाग, बायोटेक्नोलॉजी, गणित, माइक्रोबॉयोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूूट ऑफ इंजीनियरिंग एवं टैक्नालाजी, बॉटनी आदि विज्ञान विभागों से तथा विधि संस्थान, गृह विज्ञान विभाग, शिक्षण महाविद्यालय, मनोविज्ञान, प्रबंधन विद्यालय, विधि विभाग, शिक्षा विभाग, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा विभाग तथा महिला अध्ययन शोध केन्द्र आदि सामाजिक विज्ञान विभागों से थे। प्रतियोगिता में लिखित बहु वैकल्पिक प्रश्नावली के माध्यम से भारतीय संविधान, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन शोषण, मातृत्व लाभ कानून, गर्भ का चिकित्सीय समापन कानून, अनैतिक खरीद-फरोख्त कानून, न्यूनतम मजदूरी कानून, प्रसव पूर्व नैदानिक तकनीक विधेयक आदि विषयों पर प्रश्न पूछे गए।